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Saharanpur News: आईपीएस सहित सात अधिकारियों पर झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप, याचिका दाखिल
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- सर्किट हाउस रोड प्रकरण में हंसराज सिंह द्वारा एससी-एसटी न्यायालय में दर्ज कराई गई है याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सर्किट हाउस रोड प्रकरण में एक के बाद एक याचिकाएं दायर होने से मामला पेचीदा होता जा रहा है। अब सात अधिकारियों पर न्यायालय में झूठी रिपोर्ट दाखिल करने का आरोप है। मामले में आईपीएस और पहली बार विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता सहित सात अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि सिद्धार्थनगर निवासी हंसराज सिंह ने एससी-एसटी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों पर न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अदालत को बताया है कि हसनपुर चुंगी से शुगर मिल मार्ग तक सड़क के चौड़ीकरण के दौरान अनुसूचित जाति के लोगों के मकानों और निर्माणों को तोड़ा गया था, जिसके संबंध में पहले से न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
हंसराज का आरोप है कि मामले में मांगी गई रिपोर्टों में तथ्यों को छिपाकर गलत जानकारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने न्यायालय में यह दर्शाने का प्रयास किया कि अधिकांश लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटाए थे, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी रहा।
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याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों पर कर्तव्यों के दुरुपयोग, तथ्यों को छिपाने तथा न्यायालय को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है। न्यायालय से अनुरोध किया है कि प्रस्तुत रिपोर्टों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
-- अभी तक कोर्ट में दाखिल हुए आठ मामले
प्रकरण को लेकर पहले कई पीड़ित हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोेर्ट ने पीड़ितों के पुनर्वास और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके बाद शमशेर सिंह गौतम ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में याचिका दायर की। उसके बाद हंसराज और नरेश कुमार की ओर से एससी-एसटी कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई। इसके बाद अनीता, अजय कुमार और करण सिंह द्वारा एससी-एसटी कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कराई गई। अब यह आठवां मामला सामने आया है, जिसमें अधिकारियों पर न्यायालय में झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप है।
-- इनको बनाया प्रतिवादी
झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में अब हंसराज सिंह द्वारा जिन सात अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है, उनमें नगर आयुक्त शिपू गिरि, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण जौशिया और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, आईपीएस मनोज कुमार यादव और विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता सार्थक शर्मा शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सर्किट हाउस रोड प्रकरण में एक के बाद एक याचिकाएं दायर होने से मामला पेचीदा होता जा रहा है। अब सात अधिकारियों पर न्यायालय में झूठी रिपोर्ट दाखिल करने का आरोप है। मामले में आईपीएस और पहली बार विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता सहित सात अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि सिद्धार्थनगर निवासी हंसराज सिंह ने एससी-एसटी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों पर न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अदालत को बताया है कि हसनपुर चुंगी से शुगर मिल मार्ग तक सड़क के चौड़ीकरण के दौरान अनुसूचित जाति के लोगों के मकानों और निर्माणों को तोड़ा गया था, जिसके संबंध में पहले से न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
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हंसराज का आरोप है कि मामले में मांगी गई रिपोर्टों में तथ्यों को छिपाकर गलत जानकारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने न्यायालय में यह दर्शाने का प्रयास किया कि अधिकांश लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटाए थे, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी रहा।
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याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों पर कर्तव्यों के दुरुपयोग, तथ्यों को छिपाने तथा न्यायालय को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है। न्यायालय से अनुरोध किया है कि प्रस्तुत रिपोर्टों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रकरण को लेकर पहले कई पीड़ित हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोेर्ट ने पीड़ितों के पुनर्वास और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके बाद शमशेर सिंह गौतम ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में याचिका दायर की। उसके बाद हंसराज और नरेश कुमार की ओर से एससी-एसटी कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई। इसके बाद अनीता, अजय कुमार और करण सिंह द्वारा एससी-एसटी कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कराई गई। अब यह आठवां मामला सामने आया है, जिसमें अधिकारियों पर न्यायालय में झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप है।
झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में अब हंसराज सिंह द्वारा जिन सात अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है, उनमें नगर आयुक्त शिपू गिरि, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण जौशिया और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, आईपीएस मनोज कुमार यादव और विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता सार्थक शर्मा शामिल हैं।