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शहर के 46 हजार घरों के लोग हैंडपंप का पी रहे पानी

Wed, 16 Mar 2022 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 11:57 PM IST
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People of 46 thousand houses of the city are drinking water from hand pump
वार्ड नंबर आठ में लगी ओवर हैड टेंक - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कहने को सहारनपुर नगर निगम है। तीन साल स्मार्ट सिटी में चयन को भी हो गए हैं, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि इस स्मार्ट सिटी की एक तिहाई आबादी यानी 46 हजार घरों में निवास करने वाले हजारों लोग पीने के लिए हैंडपंप से पानी खींचने को मजबूर हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार निगम क्षेत्र में 1.38 लाख मकान पंजीकृत हैं, जिनमें से मात्र 92 हजार घरों में ही पानी के कनेक्शन अभी तक हैं।
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नगर निगम का गठन हुए करीब 11 वर्ष बीत चुके हैं। तीन साल स्मार्ट सिटी में चयन को भी हो गए हैं। इसके बावजूद महानगर के लोगों को सुविधाएं नगर पालिका और नगर पालिका परिषद वाली मिल रही है। अकेले पेयजल की बात करें तो नगर निगम बीते 11 साल में शत-प्रतिशत घरों में पानी के कनेक्शन तक नहीं दे सका है। तीन साल पहले तक मात्र 72 हजार घरों में पानी के कनेक्शन थे। इसके बाद केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना आई, जिसके तहत महानगर के 20 हजार घरों में पेयजल के कनेक्शन दिए गए हैं। जिसके बाद कुल कनेक्शन की संख्या 92 हजार हुई है। वर्तमान में नगर निगम के रिकॉर्ड में 1.38 लाख घर पंजीकृत हैं। अभी तक 92 हजार घरों में ही पानी के कनेक्शन हैं। शेष 46 हजार घर आत्मनिर्भर बने हुए हैं। यानी उनकी अपनी व्यवस्थाएं हैं, जिनमें से 90 फीसदी घर हैंडपंप पर निर्भर हैं। शेष दस फीसदी में सबमर्सिबल लगे हैं।
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24 घंटे में से मात्र एक घंटा पानी, प्रेशर भी नहीं
महानगर के वार्ड आठ के कई गांव ऐसे हैं, जहां नगर निगम 24 घंटे में से मात्र एक घंटा ही पानी आपूर्ति कर रहा है। ज्ञानागढ़, बिशनपुर, किशनपुरा आदि में सुबह नौ बजे पानी आता है, जो एक घंटे बाद चला जाता है। पानी का प्रेशर भी बहुत कम है। पानी पहली मंजिल तक नहीं जाता। कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जो ओवरहेड टैंक से दो से तीन किलोमीटर दूरी पर हैं, जिसकी वजह से पानी का प्रेशर ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है। अमृत योजना के तहत गांव मढ़, ग्रीन सिटी कॉलोनी, मानकमऊ, आईटीआई, दाबकी जुनारदार आदि जगहों पर ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं।
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मानक से अधिक पानी खर्च रहे लोग
एक ओर महानगर के 46 हजार घरों में पानी के कनेक्शन नहीं हैं। वहीं जिन घरों में पानी के कनेक्शन हैं तो वहां के लोग मानक से अधिक पानी खर्च कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति पर 135 लीटर प्रतिदिन पानी खर्च का मानक है, लेकिन महानगर के लोग इससे अधिक पानी खर्च कर रहे हैं। महानगर में प्रतिदिन करीब 135 एलपीसीडी (लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन) पानी खर्च हो रहा है।
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महानगर में पेयजल व्यवस्था
ओवरहेड टैंक-----------22
बड़े नलकूप-------------102
छोटे नलकूप------------60
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महानगर में 1.38 लाख घर पंजीकृत हैं, जिनमें से 92 हजार घरों में पेयजल के कनेक्शन हैं। शेष घरों में भी पानी पहुंचाने के लिए नगर निगम प्रयास में लगा है। जिन बाहरी कॉलोनियों में पानी का प्रेशर कम है वहां नए नलकूप बनाने की योजना है। बाहरी कॉलोनियों के जिन घरों में नए कनेक्शन दिए गए हैं वहां लोगों ने टोंटियां नहीं लगाई गई हैं। ऐसे में यदि पानी का प्रेशर खोल दिया जाए तो पाइपलाइन फटने का डर रहता है।

मनोज आर्य, महाप्रबंधक, जल कल।

नल चालू करने के बाद उंगली से आसानी के साथ रुका हुआ पानी।

नल चालू करने के बाद उंगली से आसानी के साथ रुका हुआ पानी।- फोटो : SAHARANPUR

वार्ड नंबर आठ में हैंडपंप से पानी लेता युवक।

वार्ड नंबर आठ में हैंडपंप से पानी लेता युवक।- फोटो : SAHARANPUR

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