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जांच लटकने से आफत में फंस रही मरीजों की जान

Wed, 21 Apr 2021 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 12:07 AM IST
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Patients caught in trouble due to hanging investigation
सहारनपुर। पैथोलॉजी लैब में जांच कई दिन तक लटकना मरीजों के लिए आफत बन रहा है। समय से रिपोर्ट नहीं आने की वजह से मरीजों को सटीक इलाज भी समय से नहीं मिल रहा है। जानकर हैरानी होगी कि जब जांच रिपोर्ट लखनऊ और मेरठ से आती थी तो दो से तीन दिन लगते थे, मगर जब से सहारनपुर में लैब शुरू हुई है, तब से रिपोर्ट जल्दी आने की बजाय चार से पांच दिन तक लग रहे हैं। कुछ सैंपल की जांच रिपोर्ट उसी दिन भी आ रही है तो काफी रिपोर्ट कई दिन बाद आती हैं।
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बीते वर्ष तक जनपद के सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन) जांच की सुविधा नहीं थी। ऐसी स्थिति में विभाग कोरोना के नमूने जांच के लिए लखनऊ, दिल्ली और मेरठ भेजता था। नमूनों की अधिकता की वजह से जांच रिपोर्ट दो से तीन दिन में आती थी। इससे चिकित्सकों को इलाज करने में असुविधा होने के साथ ही मरीजों की भी परेशानी बढ़ जाती थी। जांच रिपोर्ट समय से आए और मरीजों को समय से इलाज मिले। इसी मंशा के साथ प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में लैब की स्थापना की थी। करीब दस माह से लैब काम कर रही है। मगर स्थानीय स्तर पर लैब चालू करने का कोई अधिक फायदा मरीजों को नहीं मिला है। जल्दी रिपोर्ट आने की बजाय रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन का समय लग रहा है।
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इसका बेहतर उदाहरण 18 अप्रैल को आई जांच रिपोर्ट है। 18 अप्रैल को जारी जांच रिपोर्ट में 12 अप्रैल के 16, 13 अप्रैल के 12, 14 अप्रैल के 43, 15 अप्रैल के 08, 16 अप्रैल के 25, 17 अप्रैल के 41 और 18 अप्रैल के 62 नमूने शामिल थे। इससे यह साबित होता है कि जहां कुछ मरीजों की दिन के दिन रिपोर्ट आ रही है, वहीं ऐसे मरीजों की भी बड़ी संख्या है, जिनकी रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन का समय लग रहा है। संवाद
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1500 जांच की क्षमता
मेडिकल कॉलेज की लैब में एक दिन यानी 24 घंटे में 1500 जांच की क्षमता है। ऐसा नहीं है कि लैब में सहारनपुर के अलावा अन्य जनपदों से नमूने पहुंच रहे हों। कॉलेज के अधिकारी ने बताया कि लैब में केवल सहारनपुर जनपद के ही नमूने पहुंचते हैं। प्रतिदिन केवल 1500 ही नमूने आते हैं। मगर बीते दिनों दो लैब टैक्नीशियन के संक्रमित होने के बाद लैब को सैनिटाइज करने के साथ ही बंद रखना पड़ा। इसकी वजह से नमूने इकट्ठा होते चले गए हैं। यही वजह है कि जांच रिपोर्ट आने में देर हो रही है।

जब तक रिपोर्ट ना आए यह करें
- घर से बाहर ना निकलें, होम आइसोलेशन में रहते हुए परिजनों से भी उचित दूरी बनाकर रखें।
- चिकित्सक की सलाह से जरूरी दवाएं नियमित रूप से लें तथा खानपान का विशेष ध्यान रखें।
- मास्क लगाकर रखें, हाथों और शरीर को अधिक से अधिक साफ रखें।
- समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
जनपद में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा जरूर है, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ की कमी है। नमूनों की अधिकता के चलते कई बार जांच रिपोर्ट आने में देरी हो जाती है। मगर प्रयास यही है कि समय से रिपोर्ट आए, जिससे मरीजों को समय से इलाज मिल सके।
-- डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ।
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