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Saharanpur News: पंडित तरुण भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को संतूर बजाना सिखाया
Thu, 01 Jun 2023 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 01 Jun 2023 12:54 AM IST
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केएलजी पब्लिक स्कूल में संतूर की वर्कशॉप में संतूर की बारिकियों की जानकारी देते पंडित तरुण भट्
सहारनपुर। स्पिक मैके के नए स्पर्श कार्यक्रम के तहत बुधवार को केएलजी पब्लिक स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कोलकाता से आए प्रख्यात संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय वाद्य संतूर की संरचना के बारे में बताया। साथ ही संतूर बजाना भी सिखाया।
कार्यशाला की समन्वयक रही शैफाली मल्होत्रा ने बताया कि बच्चों, किशोराें और युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय वाद्य यंत्रों से रूबरू कराने तथा उनसे जुड़े संगीत से जोड़ने के लिए स्पर्श कार्यक्रम शुरू किया गया है। केएलजी पब्लिक स्कूल में हुई कार्यशाला में विद्यार्थी संतूर को स्पर्श करने को लेकर उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के 60 चुनिंदा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। तरुण भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को संतूर की संरचना और उसके इतिहास के बारे में बताया। संतूर की तकनीकी जानकारी देने के साथ ही पहले दिन शुद्ध स्वरों की पहचान बताई गई तथा आरोह व अवरोह बजाकर दिखाया। कुछ विद्यार्थियों ने सरोद, इसराज, सितार के बारे में भी सवाल किए, जिनका तरुण ने सरलता से जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
प्रधानाचार्य बबीता मलिक, राष्ट्रीय समन्वयक पंकज मल्होत्रा, प्रतीक पंवार, दीपाक्षी, शुभम, सुमित आदि का सहयोग रहा।
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कार्यशाला की समन्वयक रही शैफाली मल्होत्रा ने बताया कि बच्चों, किशोराें और युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय वाद्य यंत्रों से रूबरू कराने तथा उनसे जुड़े संगीत से जोड़ने के लिए स्पर्श कार्यक्रम शुरू किया गया है। केएलजी पब्लिक स्कूल में हुई कार्यशाला में विद्यार्थी संतूर को स्पर्श करने को लेकर उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के 60 चुनिंदा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। तरुण भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को संतूर की संरचना और उसके इतिहास के बारे में बताया। संतूर की तकनीकी जानकारी देने के साथ ही पहले दिन शुद्ध स्वरों की पहचान बताई गई तथा आरोह व अवरोह बजाकर दिखाया। कुछ विद्यार्थियों ने सरोद, इसराज, सितार के बारे में भी सवाल किए, जिनका तरुण ने सरलता से जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
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प्रधानाचार्य बबीता मलिक, राष्ट्रीय समन्वयक पंकज मल्होत्रा, प्रतीक पंवार, दीपाक्षी, शुभम, सुमित आदि का सहयोग रहा।