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ओपीडी में मच्छरों का प्रकोप, डॉक्टर परेशान
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जिला अस्पताल में बनी नालियां
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जनपद में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों की बुखार से जान जा चुकी है। खास बात यह है कि मरीजों की जान बचाने में जुटे डॉक्टर खुद मच्छरों से जूझ रहे हैं। मच्छरों के काटने से परेशान एसबीडी जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन से फॉगिंग कराने और मच्छरों को भगाने के लिए जरूरी सुविधाएं ओपीडी में देने की मांग की है।
एसबीडी जिला अस्पताल की मुख्य इमारत के सामने गार्डन है, जिसमें घास है। इसके अलावा भवन के शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं है। पेयजल के लिए बनी टंकियां खराब हैं, जिनसे दिन भर पानी टपकता है। नमी और जलभराव की वजह से ही मच्छर पनप रहे हैं। हड्डी वार्ड के सामने सेफ्टी टैंक का ढक्कन भी टूटा हुआ है। अस्पताल के भीतर की नालियों में जलभराव है, जिसमें भी मच्छर पनप रहे हैं। खास बात यह है कि विभाग की ओर से समय से एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग नहीं कराई जाती है, जिसकी वजह से मच्छर अधिक हो गए हैं। एक महिला डॉक्टर को 15 दिन पहले डेंगू भी हो चुका है। ऐसे में अन्य डॉक्टरों ने मच्छरों के खात्मे के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
केवल आवासीय क्षेत्र में हुई फॉगिंग
जिला अस्पताल परिसर काफी बड़ा है। ऐसे में पूरे अस्पताल की सफाई करना मुश्किल रहता है। यही वजह है कि मच्छर पनप रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में भी फॉगिंग कभी-कभी ही हो पाती है। ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए सब अपनी व्यवस्था रखते हैं। दो दिन पहले ही आवासीय क्षेत्र में फॉगिंग हुई है।
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मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जिला अस्पताल को एंटीलार्वा दिया गया है। यदि वहां मच्छरों की समस्या है तो फॉगिंग भी कराई जाएगी। समय-समय पर पूरे अस्पताल परिसर में फॉगिंग कराई जाती रही है।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।
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एसबीडी जिला अस्पताल की मुख्य इमारत के सामने गार्डन है, जिसमें घास है। इसके अलावा भवन के शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं है। पेयजल के लिए बनी टंकियां खराब हैं, जिनसे दिन भर पानी टपकता है। नमी और जलभराव की वजह से ही मच्छर पनप रहे हैं। हड्डी वार्ड के सामने सेफ्टी टैंक का ढक्कन भी टूटा हुआ है। अस्पताल के भीतर की नालियों में जलभराव है, जिसमें भी मच्छर पनप रहे हैं। खास बात यह है कि विभाग की ओर से समय से एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग नहीं कराई जाती है, जिसकी वजह से मच्छर अधिक हो गए हैं। एक महिला डॉक्टर को 15 दिन पहले डेंगू भी हो चुका है। ऐसे में अन्य डॉक्टरों ने मच्छरों के खात्मे के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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केवल आवासीय क्षेत्र में हुई फॉगिंग
जिला अस्पताल परिसर काफी बड़ा है। ऐसे में पूरे अस्पताल की सफाई करना मुश्किल रहता है। यही वजह है कि मच्छर पनप रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में भी फॉगिंग कभी-कभी ही हो पाती है। ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए सब अपनी व्यवस्था रखते हैं। दो दिन पहले ही आवासीय क्षेत्र में फॉगिंग हुई है।
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मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जिला अस्पताल को एंटीलार्वा दिया गया है। यदि वहां मच्छरों की समस्या है तो फॉगिंग भी कराई जाएगी। समय-समय पर पूरे अस्पताल परिसर में फॉगिंग कराई जाती रही है।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।