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पशुओं में खुरपका मुंहपका का प्रकोप, सात की मौत
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बेहट (सहारनपुर)। ब्लॉक साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांवों में पशुओं में खुरपका मुंहपका बीमारी तेजी के साथ फैल रही है। अकेले मुर्तजापुर गांव में सात पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा पशु बीमार है। इससे पशुपालकों में हड़कंप मचा है। गांव वालों ने बताया, कि इस बार पशु चिकित्सा विभाग द्वारा टीकाकरण नहीं किया गया, जिससे यह बीमारी तेजी से फैल रही है।
पशु पालकों ने बताया कि बुखार के साथ ही पशुओं के मुंह के अंदर जख्म हो रहे है और उनकी लार टपकती है। वह घास खाना छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर को इसकी सूचना पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी पशुओं में टीकाकरण नहीं किया गया। ग्रामीण राज सिंह उर्फ नीटू एक गाय व एक बछिया, गजे सिंह की एक गाय, एक बछिया, एक भैंस, दारा सिंह का बछड़ा व धर्मबीर की गाय की बीमारी से मौत हो गई, जबकि सुरेंद्र, पाल्लू, धूम सिंह, मुकेश आदि ग्रामीणों के 20 से ज्यादा पशु बीमार है। राज सिंह ने बताया कि पशुओं की मौत के बाद सूचना दिए जाने पर ब्लॉक से एक डॉक्टर आया था, जिसने उन्हें बीमारी से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी और कुछ दवाईयां लिखकर दे गया। पशु पालकों में तेजी से फैल रही इस बीमारी को लेकर चिंता बनी है।
बृहस्पतिवार को भी गांव में टीम भेजी गई थी। आज भी पशुओं की मौत होने की सूचना मिली है। वे गांव पहुंच रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ बता पाएंगे। - डॉ. बीआर वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी साढ़ौली कदीम
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पशु पालकों ने बताया कि बुखार के साथ ही पशुओं के मुंह के अंदर जख्म हो रहे है और उनकी लार टपकती है। वह घास खाना छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर को इसकी सूचना पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी पशुओं में टीकाकरण नहीं किया गया। ग्रामीण राज सिंह उर्फ नीटू एक गाय व एक बछिया, गजे सिंह की एक गाय, एक बछिया, एक भैंस, दारा सिंह का बछड़ा व धर्मबीर की गाय की बीमारी से मौत हो गई, जबकि सुरेंद्र, पाल्लू, धूम सिंह, मुकेश आदि ग्रामीणों के 20 से ज्यादा पशु बीमार है। राज सिंह ने बताया कि पशुओं की मौत के बाद सूचना दिए जाने पर ब्लॉक से एक डॉक्टर आया था, जिसने उन्हें बीमारी से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी और कुछ दवाईयां लिखकर दे गया। पशु पालकों में तेजी से फैल रही इस बीमारी को लेकर चिंता बनी है।
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बृहस्पतिवार को भी गांव में टीम भेजी गई थी। आज भी पशुओं की मौत होने की सूचना मिली है। वे गांव पहुंच रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ बता पाएंगे। - डॉ. बीआर वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी साढ़ौली कदीम
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