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Saharanpur News: मुस्लिम समाज की शादियों में हो रहा शरीयत का खुला उल्लंघन
Fri, 20 Jun 2025 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:14 AM IST
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देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि मुस्लिम समाज में होने वाली शादियों में शरीयत का खुला उल्लंघन हो रहा है। इन समारोहों में मर्द-औरतों का एक साथ होना और बेपर्दगी होना चिंता का विषय है।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि मुसलमानों ने शरीयत और सुन्नत तरीके को छोड़कर शादियों में रस्म-ओ-रिवाज और दिखावे को परंपरा बना लिया है।
समारोह में एक ही पंडाल में औरत और मर्द साथ बैठ रहे हैं, इससे शरीयत के आदेशों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात तो यह है कि दिखावे के नाम पर औरतें गैर महरम के सामने बिना हिजाब के बेधड़क बातचीत कर रही हैं, जिससे सीधे तौर पर शरीयत की मुखालिफत हो रही है।
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वर्तमान में शादियों के अंदर इस तरह की परंपराएं समाज का हिस्सा बन रही हैं। जिनका इस्लाम मजहब में दूर दूर तक का वास्ता नहीं है।
इस्लाम मजहब की मूल शिक्षा में औरतों के लिए पर्दा और मर्दों के लिए अपनी निगाहों की हिफाजत करने का हुक्म है, लेकिन आज उसको खुले तौर पर अनदेखा किया जा रहा है। इसके लिए पूरे समाज को चिंता करते हुए इस पर विचार करना होगा।
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि मुसलमानों ने शरीयत और सुन्नत तरीके को छोड़कर शादियों में रस्म-ओ-रिवाज और दिखावे को परंपरा बना लिया है।
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समारोह में एक ही पंडाल में औरत और मर्द साथ बैठ रहे हैं, इससे शरीयत के आदेशों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात तो यह है कि दिखावे के नाम पर औरतें गैर महरम के सामने बिना हिजाब के बेधड़क बातचीत कर रही हैं, जिससे सीधे तौर पर शरीयत की मुखालिफत हो रही है।
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मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वर्तमान में शादियों के अंदर इस तरह की परंपराएं समाज का हिस्सा बन रही हैं। जिनका इस्लाम मजहब में दूर दूर तक का वास्ता नहीं है।
इस्लाम मजहब की मूल शिक्षा में औरतों के लिए पर्दा और मर्दों के लिए अपनी निगाहों की हिफाजत करने का हुक्म है, लेकिन आज उसको खुले तौर पर अनदेखा किया जा रहा है। इसके लिए पूरे समाज को चिंता करते हुए इस पर विचार करना होगा।