{"_id":"5f8f2d6c8ebc3e9b9e6c64a3","slug":"number-of-schools-increased-about-15-thousand-students-present-saharanpur-news-mrt507166164","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यालयों में बढ़ी संख्या, करीब 15 हजार विद्यार्थी उपस्थित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालयों में बढ़ी संख्या, करीब 15 हजार विद्यार्थी उपस्थित
विज्ञापन
सहारनपुर में कोरोना वायरस से बेखबर बिना मास्क के स्कूल जाते छात्र
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। विद्यालय खुलने के दूसरे दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति में करीब 2.15 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। मंगलवार को करीब 15 हजार विद्यार्थियों ने विद्यालयों में पहुंचकर पढ़ाई की।
जनपद में कुल 335 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें कक्षा नौ से 12वीं तक के पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या एक लाख 34 हजार है। मंगलवार को कक्षा नौ और दस के 11.21 फीसदी तथा कक्षा 11 और 12 के 11.12 फीसदी विद्यार्थी उपस्थित रहे, जबकि सोमवार को चारों कक्षाओं की उपस्थिति करीब नौ फीसदी रही थी। मंगलवार को भी विद्यालयों में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों के गेट पर ही हाथों को सैनिटाइज कराया गया। अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ ही विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अलावा मास्क विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी अनिवार्य रहा।
पब्लिक स्कूलों में संख्या कम
सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में उपस्थिति यूपी बोर्ड के विद्यालयों से कम है। प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम के सदस्य और पाइनवुड स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव जैन ने बताया कि पहले दिन भी करीब दस फीसदी ही विद्यार्थी उपस्थित हुए थे, दूसरे दिन भी यही स्थिति रही। उन्होंने बताया कि अभिभावक कोरोना को लेकर डरे हुए हैं, जो बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
बसें ना चलना भी वजह
स्कूल बसें नहीं चलना भी उपस्थिति कम रहने की एक वजह है। स्कूल संचालकों ने बताया कि बसों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने और बच्चों को छोड़ने के बाद बसों को सैनिटाइज करने के आदेश हैं। चूंकि स्कूल बसों में आधी संख्या में छात्र लेकर चलने की अनुमति है। छात्रों की आधी संख्या तथा सैनिटाइजेशन का खर्च आदि जोड़ने के बाद बस ऑपरेटरों का खर्चा निकालना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में उन्होंने बसें चलाने से मना कर दिया है।
यूपी बोर्ड के विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी है। पब्लिक स्कूलों में उपस्थिति थोड़ी कम है। दूसरे दिन भी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोविड-19 की शर्तों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
डॉ. अरुण कुमार दूबे, जिला विद्यालय निरीक्षक।
विज्ञापन
जनपद में कुल 335 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें कक्षा नौ से 12वीं तक के पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या एक लाख 34 हजार है। मंगलवार को कक्षा नौ और दस के 11.21 फीसदी तथा कक्षा 11 और 12 के 11.12 फीसदी विद्यार्थी उपस्थित रहे, जबकि सोमवार को चारों कक्षाओं की उपस्थिति करीब नौ फीसदी रही थी। मंगलवार को भी विद्यालयों में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों के गेट पर ही हाथों को सैनिटाइज कराया गया। अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ ही विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अलावा मास्क विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी अनिवार्य रहा।
विज्ञापन
पब्लिक स्कूलों में संख्या कम
सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में उपस्थिति यूपी बोर्ड के विद्यालयों से कम है। प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम के सदस्य और पाइनवुड स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव जैन ने बताया कि पहले दिन भी करीब दस फीसदी ही विद्यार्थी उपस्थित हुए थे, दूसरे दिन भी यही स्थिति रही। उन्होंने बताया कि अभिभावक कोरोना को लेकर डरे हुए हैं, जो बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
बसें ना चलना भी वजह
स्कूल बसें नहीं चलना भी उपस्थिति कम रहने की एक वजह है। स्कूल संचालकों ने बताया कि बसों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने और बच्चों को छोड़ने के बाद बसों को सैनिटाइज करने के आदेश हैं। चूंकि स्कूल बसों में आधी संख्या में छात्र लेकर चलने की अनुमति है। छात्रों की आधी संख्या तथा सैनिटाइजेशन का खर्च आदि जोड़ने के बाद बस ऑपरेटरों का खर्चा निकालना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में उन्होंने बसें चलाने से मना कर दिया है।
यूपी बोर्ड के विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी है। पब्लिक स्कूलों में उपस्थिति थोड़ी कम है। दूसरे दिन भी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोविड-19 की शर्तों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
डॉ. अरुण कुमार दूबे, जिला विद्यालय निरीक्षक।