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आरटीआई के धंधेबाजों को कतई न दें सूचना
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 15 Apr 2016 12:46 AM IST
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सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेते राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने विभागीय सूचना अधिकारियों की क्लास लेते हुए जनहित में काम करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आरटीआई (सूचना का अधिकार अधिनियम) को धंधा बनाने वालों को सूचना न देने की बात भी कही। वह बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में सभी विभागों के सूचना अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
सूचना आयुक्त ने सूचना अधिकारियों को कहा कि सूचना के लिए जो पत्र आता है यदि वह दूसरे विभाग से संबंधित है तो उस विभाग को प्रेषित कर दें। साथ ही सूचना मांगने वाले को भी इसकी जानकारी दे दें। वादी का सूचना मांगने के लिए आवेदन पत्र 500 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए। अधिक शब्द होने पर आवेदन पत्र निरस्त किया जा सकता है।
यदि कोई व्यक्ति तीसरे पक्ष के बारे में सूचना मांगता है तो तीसरे व्यक्ति की अनुमति के बिना सूचना न दें। तीसरे पक्ष से पूछकर पर उसका जो भी जवाब हो उससे सूचना मांगने वाले को अवगत कराएं। उन्होंने आरटीआई को धंधा बनाने वालों यानी दस-दस विभागों से सूचना मांगकर अधिकारियों को ब्लैकमेल करने वालों को सूचना न देने के निर्देश भी दिए।
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कहा कि जो सूचना जनहित की हो, उसे कतई रोका न जाए। कहा कि सूचना प्राप्त करने वाले को पोस्टल आर्डर या नकद दस रुपये देकर सूचना प्राप्त कर सकता है। उसका आवेदन पत्र हर हाल में स्वीकार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी पर गलत जुर्माना लगा है तो वह उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएगा।
गलत जुर्माना पाए जाने पर उसे समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी सूचना अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में अपने नाम, फोन नंबर, पद तथा बैठने का समय अंकित कराने के निर्देश दिए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता, अपर नगरायुक्त सच्चिदानंद, सीएमओ सईद मोहम्मद आदि थे।
बैठक में ही घुस गए सपा कार्यकर्ता ः सहारनपुर । सर्किट हाउस में विभागीय सूचना अधिकारियों की बैठक से पहले सपा कार्यकर्ता कुर्सियां कब्जाए रहे। ऐसे में अधिकारियों को काफी देर तक पीछे खड़े रहना पड़ा। बाद में सूचना आयुक्त ने एक अधिकारी से जब यह पूछा कि अधिकारी कहां हैं? तो अधिकारी ने जवाब दिया कि जब सपा के कार्यकर्ता कुर्सियों पर बैठे हैं तो अधिकारी कहां बैठेंगे।
इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने कुर्सी छोड़ी, जिसके बाद अधिकारियों को स्थान मिला। मगर पूरी बैठक के दौरान कार्यकर्ता अधिकारियों की कुर्सी के पीछे खड़े रहे, जिसकी वजह से बैठक में बाधा रही।
मकान और शौचालय की समस्याएं पहुंची
मानकमऊ की अनेक महिलाएं सूचना आयुक्त से मकान और शौचालय बनवाने की मांग करने पहुंची थीं। महिलाओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में बुधवार की शाम ऐलान कराया गया था कि सर्किट हाउस में मंत्री आ रहे हैं, जिनको कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या जाकर बता सकता है। इसलिए वह मकान और शौचालय बनवाने की मांग करने आए हैं।
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सूचना आयुक्त ने सूचना अधिकारियों को कहा कि सूचना के लिए जो पत्र आता है यदि वह दूसरे विभाग से संबंधित है तो उस विभाग को प्रेषित कर दें। साथ ही सूचना मांगने वाले को भी इसकी जानकारी दे दें। वादी का सूचना मांगने के लिए आवेदन पत्र 500 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए। अधिक शब्द होने पर आवेदन पत्र निरस्त किया जा सकता है।
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यदि कोई व्यक्ति तीसरे पक्ष के बारे में सूचना मांगता है तो तीसरे व्यक्ति की अनुमति के बिना सूचना न दें। तीसरे पक्ष से पूछकर पर उसका जो भी जवाब हो उससे सूचना मांगने वाले को अवगत कराएं। उन्होंने आरटीआई को धंधा बनाने वालों यानी दस-दस विभागों से सूचना मांगकर अधिकारियों को ब्लैकमेल करने वालों को सूचना न देने के निर्देश भी दिए।
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कहा कि जो सूचना जनहित की हो, उसे कतई रोका न जाए। कहा कि सूचना प्राप्त करने वाले को पोस्टल आर्डर या नकद दस रुपये देकर सूचना प्राप्त कर सकता है। उसका आवेदन पत्र हर हाल में स्वीकार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी पर गलत जुर्माना लगा है तो वह उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएगा।
गलत जुर्माना पाए जाने पर उसे समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी सूचना अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में अपने नाम, फोन नंबर, पद तथा बैठने का समय अंकित कराने के निर्देश दिए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता, अपर नगरायुक्त सच्चिदानंद, सीएमओ सईद मोहम्मद आदि थे।
बैठक में ही घुस गए सपा कार्यकर्ता ः सहारनपुर । सर्किट हाउस में विभागीय सूचना अधिकारियों की बैठक से पहले सपा कार्यकर्ता कुर्सियां कब्जाए रहे। ऐसे में अधिकारियों को काफी देर तक पीछे खड़े रहना पड़ा। बाद में सूचना आयुक्त ने एक अधिकारी से जब यह पूछा कि अधिकारी कहां हैं? तो अधिकारी ने जवाब दिया कि जब सपा के कार्यकर्ता कुर्सियों पर बैठे हैं तो अधिकारी कहां बैठेंगे।
इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने कुर्सी छोड़ी, जिसके बाद अधिकारियों को स्थान मिला। मगर पूरी बैठक के दौरान कार्यकर्ता अधिकारियों की कुर्सी के पीछे खड़े रहे, जिसकी वजह से बैठक में बाधा रही।
मकान और शौचालय की समस्याएं पहुंची
मानकमऊ की अनेक महिलाएं सूचना आयुक्त से मकान और शौचालय बनवाने की मांग करने पहुंची थीं। महिलाओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में बुधवार की शाम ऐलान कराया गया था कि सर्किट हाउस में मंत्री आ रहे हैं, जिनको कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या जाकर बता सकता है। इसलिए वह मकान और शौचालय बनवाने की मांग करने आए हैं।