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Saharanpur News: डॉक्टर न इलाज, हार्ट के मरीज लाचार
Mon, 16 Dec 2024 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:57 PM IST
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सहारनपुर। सर्दी का सितम बढ़ने के साथ ही हृदय मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में न हृदय रोग विशेषज्ञ है और न ही इलाज की सुविधा। मरीज देहरादून, मेरठ, चंडीगढ़ या निजी चिकित्सकों के जाने को मजबूर हैं।
अंबाला रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज 400 बेड का है। इसे शुरू हुए 10 साल से अधिक हो गए, लेकिन अभी तक यहां कार्डियालॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) का पद नहीं भरा है। कुछ समय पहले हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका भी अनुबंध समाप्त हो गया।
यहीं हाल एसबीडी जिला अस्पताल का है। हृदय मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी फिजिशियन के कंधे पर ही है। ईसीजी और खून जांच की व्यवस्था तो है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए ईको टेस्ट व सर्जरी की सुविधा नहीं है।
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गंभीर स्थिति में मरीज सीधे रेफर कर दिए जाते हैं। सर्दी के मौसम में हृदय मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सर्दी में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में जाना आठ से 10 हृदय मरीज आ रहे हैं।
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अंबाला रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज 400 बेड का है। इसे शुरू हुए 10 साल से अधिक हो गए, लेकिन अभी तक यहां कार्डियालॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) का पद नहीं भरा है। कुछ समय पहले हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी, लेकिन उनका भी अनुबंध समाप्त हो गया।
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यहीं हाल एसबीडी जिला अस्पताल का है। हृदय मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी फिजिशियन के कंधे पर ही है। ईसीजी और खून जांच की व्यवस्था तो है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए ईको टेस्ट व सर्जरी की सुविधा नहीं है।
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गंभीर स्थिति में मरीज सीधे रेफर कर दिए जाते हैं। सर्दी के मौसम में हृदय मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सर्दी में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में जाना आठ से 10 हृदय मरीज आ रहे हैं।