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नौ और छात्राएं पीजीआई चंडीगढ़ रेफर
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महंगी में खाद्य पदार्थो के सैंपल लेते खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सीएचसी गंगोह में भर्ती नौ और छात्राओं को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। इस समय चंडीगढ़ पीजीआई में कुल 12 छात्राएं भर्ती हैं, जिनमें से 11 की हालत में सुधार है, जबकि एक की हालत स्थिर बनी हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने करीब आधा दर्जन स्टाफ सदस्यों के साथ पीजीआई चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए हैं। जो बच्चे भर्ती हैं उनके अभिभावक भी पीजीआई पहुंचे हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय महंगी में दूषित भोजन करने से रविवार की सुबह छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। करीब 26 छात्राओं ने सिर में दर्द और अन्य तरह की परेशानी होने की शिकायत की थी, लेकिन उनमें से 11 छात्राएं दवा लेने के बाद ठीक हो गई थी। शेष 15 छात्राओं की हालत बिगड़ती देख उन्हें सीएचसी गंगोह में भर्ती किया गया था। वहां से हालत में सुधार नहीं होने पर पांच छात्राओं को एसबीडी जिला अस्पतार रेफर किया गया था, जबकि दस छात्राएं सीएचसी ही में भर्ती थीं। कुल भर्ती 15 छात्राओं में से गंभीर हालत के चलते तीन छात्राओं को सोमवार को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। बाकी सीएचसी गंगोह और जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं। इन 12 छात्राओं में से नौ और छात्राओं की तबीयत में सुधार नहीं होने के चलते मंगलवार को उनको भी पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। अब 12 छात्राएं पीजीआई चंडीगढ़ और तीन छात्राएं एसबीडी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का सात लोगों के स्टाफ को पीजीआई चंडीगढ़ में लगाया हुआ है। वह मंगलवार की सुबह खुद भी पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचे और छात्राओं का हाल जाना। उन्होंने बताया कि सभी 12 छात्राएं आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से 11 छात्राओं की तबीयत में सुधार है, जबकि सबसे पहले भेजी गई एक छात्रा की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि छात्राओं के अभिभावक कम पढ़े लिखे हैं। ऐसे में छात्राओं की देखरेख के लिए स्टाफ को लगाया है और वह खुद भी पहुंचे हैं, जिससे इलाज में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती तीनों छात्राओं की तबीयत में भी सुधार है। वहां भी शिक्षकों को लगाया गया है।
छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की
तीतरों। मंगलवार को सीएचसी गंगोह के चिकित्सकों की टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचकर वहां रह रही छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की। करीब दस छात्राओं की जांच की गई, जबकि शेष छात्राओं को उनके परिजन अपने घर ले गए हैं। चिकित्सकों की टीम में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मानवेंद्र सिंह और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल रहा।
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खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
तीतरों। खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त पवन कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नकुड़ मनोज कुमार अपने साथी महावीर सिंह और कुलदीप सिंह को साथ लेकर मंगलवार की सुबह विद्यालय पहुंचे। उन्होंने रसोई में रखी खाद्य सामग्री के नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने जिन पदार्थों के नमूने लिए हैं उनको वाराणसी लैब जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय महंगी में दूषित भोजन करने से रविवार की सुबह छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। करीब 26 छात्राओं ने सिर में दर्द और अन्य तरह की परेशानी होने की शिकायत की थी, लेकिन उनमें से 11 छात्राएं दवा लेने के बाद ठीक हो गई थी। शेष 15 छात्राओं की हालत बिगड़ती देख उन्हें सीएचसी गंगोह में भर्ती किया गया था। वहां से हालत में सुधार नहीं होने पर पांच छात्राओं को एसबीडी जिला अस्पतार रेफर किया गया था, जबकि दस छात्राएं सीएचसी ही में भर्ती थीं। कुल भर्ती 15 छात्राओं में से गंभीर हालत के चलते तीन छात्राओं को सोमवार को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। बाकी सीएचसी गंगोह और जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं। इन 12 छात्राओं में से नौ और छात्राओं की तबीयत में सुधार नहीं होने के चलते मंगलवार को उनको भी पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। अब 12 छात्राएं पीजीआई चंडीगढ़ और तीन छात्राएं एसबीडी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का सात लोगों के स्टाफ को पीजीआई चंडीगढ़ में लगाया हुआ है। वह मंगलवार की सुबह खुद भी पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचे और छात्राओं का हाल जाना। उन्होंने बताया कि सभी 12 छात्राएं आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से 11 छात्राओं की तबीयत में सुधार है, जबकि सबसे पहले भेजी गई एक छात्रा की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि छात्राओं के अभिभावक कम पढ़े लिखे हैं। ऐसे में छात्राओं की देखरेख के लिए स्टाफ को लगाया है और वह खुद भी पहुंचे हैं, जिससे इलाज में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती तीनों छात्राओं की तबीयत में भी सुधार है। वहां भी शिक्षकों को लगाया गया है।
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छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की
तीतरों। मंगलवार को सीएचसी गंगोह के चिकित्सकों की टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचकर वहां रह रही छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की। करीब दस छात्राओं की जांच की गई, जबकि शेष छात्राओं को उनके परिजन अपने घर ले गए हैं। चिकित्सकों की टीम में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मानवेंद्र सिंह और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल रहा।
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खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
तीतरों। खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त पवन कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नकुड़ मनोज कुमार अपने साथी महावीर सिंह और कुलदीप सिंह को साथ लेकर मंगलवार की सुबह विद्यालय पहुंचे। उन्होंने रसोई में रखी खाद्य सामग्री के नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि टीम ने जिन पदार्थों के नमूने लिए हैं उनको वाराणसी लैब जांच के लिए भेजा जा रहा है।

बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच करती चिकित्सकों की टीम- फोटो : SAHARANPUR