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नई टाउनशिप : 12 हेक्टेयर पर फंसा पेच, किसानों का जमीन देने से इन्कार

Sun, 01 Mar 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 01 Mar 2026 12:51 AM IST
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New township: 12 hectares in trouble, farmers refuse to give up their land
सहारनपुर। विकास प्राधिकरण की नई टाउनशिप को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्राधिकरण ने टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन 12 हेक्टेयर जमीन को लेकर पेच फंस गया। किसानों ने अपनी जमीन देने से इन्कार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि जो टाउनशिप 52.9751 हेक्टेयर में विकसित होनी है, वह फिलहाल करीब 40 हेक्टेयर तक सिमटकर रह गई। सवाल है कि टाउनशिप विकसित करने से पहले पूरी जमीन क्यों नहीं खरीदी गई।
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चुन्हैटी गांव के पास 52.9751 हेक्टेयर में विकास प्राधिकरण करीब 200 करोड़ की लागत से अपनी पहली टाउनशिप तैयार कर रहा है। इस टाउनशिप के लिए पिछले कई साल से प्रक्रिया चल रही है। दीपावली पर इसे लांच करने की भी तैयारी कर दी गई थी, लेकिन संभव नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि जिस टाउनशिप को विकसित करने के लिए इतने दावे किए जा रहे हैं अभी प्राधिकरण के पास उसकी पूरी जमीन ही नहीं है। अधिकारियों की मानें तो प्राधिकरण के हाथ में करीब 40 हेक्टेयर जमीन आई है। बाकी 12 हेक्टेयर को लेकर किसानों के साथ सहमति नहीं बन पा रही। किसानों ने अपनी जमीन देने से साफ इन्कार कर दिया है, जिस 12 हेक्टेयर जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ है वह कई किसानों की है, जिसमें कुछ जमीन पर बाग लगा हुआ है। बता दें, कि प्राधिकरण की तरफ से रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। रेरा में भी इस वजह से आपत्ति जता दी गई है।
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यह दिया जा रहा तर्क
प्राधिकरण के अधिकारी इस पर भी तर्क दे रहे हैं। उनका कहना है कि टाउनशिप दो फेज में विकसित होगी। पहले फेज में करीब 37 हेक्टेयर का होगा। उसके लिए पर्याप्त जमीन है। जब तक दूसरा फेज लांच होगा तब तक किसानों से जमीन खरीद ली जाएगी।
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प्राधिकरण की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना भी हो चुकी धड़ाम
नई टाउनशिप को लेकर प्राधिकरण की लापरवाही जिस तरीके से सामने आई है उससे पहले भी ऐसा हो चुका है। टीपी नगर के पीछे अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत करीब दस साल पहले करोड़ों की लागत से 48 फ्लैट बनाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि आज तक एक भी फ्लैट नहीं बिका। यहां पर भी करीब तीन करोड़ से ज्यादा का बजट बर्बाद कर दिया गया।

इस तरह बनाए जा रहे फेज
पहले फेज में सेक्टर ए-11.31 हेक्टेयर (444 प्लाॅट), सेक्टर बी- 9.61 हेक्टेयर (146 प्लाॅट), सेक्टर डी- 9.72 हेक्टेयर (200 प्लाॅट) और सेक्टर जी- 2.42 हेक्टेयर (केवल भवन निर्माण) होगा। इसी तरह दूसरे फेज में सेक्टर ई- 7.28 हेक्टेयर (108 प्लाॅट), सेक्टर एफ- 12.99 हेक्टेयर (538 प्लाॅट) और सेक्टर-सी व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है।


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टाउनशिप के लिए प्राधिकरण के पास अभी पूरी जमीन नहीं है। पता चला है कि कुछ किसान जमीन देने से इन्कार कर रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि जल्दी से जल्दी टाउनशिप के लिए पूरी जमीन खरीदी जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
- डॉ. रूपेश कुमार, मंडलायुक्त
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