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असुरक्षित होने के साथ ही कर्मचारियों के लिए लाभकारी नहीं है नई पेंशन नीति

Sat, 29 Jan 2022 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:27 PM IST
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New pension policy is not beneficial for employees
सचिन कुमार - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र द्वारा पुरानी पेंशन की अपेक्षा नई पेंशन को लाभकारी बताने और इसकी तुलनात्मक समीक्षा के चार्ट कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं। इस बारे में जब राज्य कर्मचारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि नई पेंशन नीति कर्मचारियों के साथ फ्राड है। यह असुरक्षित होने के साथ ही कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए लाभकारी भी नहीं है।
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उप्र के प्रांतीय उपाध्यक्ष फार्मेसिस्ट नवनीत सैनी का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था में वेतन से कोई कटौती नहीं होती, जबकि नई में दस फीसदी की कटौती होती है। नई पेंशन योजना शेयर आधारित असुरक्षित पेंशन योजना है। इसमें पेंशन की रकम की कुछ भी गारंटी नहीं है, जबकि पुरानी पेंशन योजना में वेतन का पचास फीसदी पेंशन देने का प्रावधान था। पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ भी है।
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प्राथमिक विद्यालय बेहड़ा खुर्द के प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक डॉ. योगेश धीमान का कहना है कि यदि नई पेंशन नीति पुरानी पेंशन नीति से बेहतर है तो सांसद और विधायक इसे अपना कर एक नजीर पेश क्यों नहीं करते हैं। उनका कहना है कि हम कतई इसके पक्ष में नहीं है। मुख्य सचिव को यदि विकल्प मिले तो वे खुद भी नई पेंशन नीति को अपनाने का जोखिम नहीं उठाएंगे।
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उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी का कहना है कि नई पेंशन नीति पारदर्शी नहीं है। यह कर्मचारियों के साथ फ्राड की तरह है। इससे कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलता है। यही वजह है कि उनका संगठन लगातार इसका विरोध कर रहा है। पुरानी पेंशन नीति लागू होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दिगंबर जैन कन्या इंटर कॉलेज सरसावा की प्रधानाचार्य सविता सिंह का कहना है कि साल 2006 से पूर्व में सेवानिवृत्ति के उपरांत माहवार पेंशन मिलने का प्रावधान था। पेंशन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर भत्ते आदि बढ़ाए जाने के चलते बढ़ भी जाती थी, साथ ही मृतक आश्रित को भी पेंशन का लाभ मिलता था। वहीं वर्तमान पेंशन व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के उपरांत एकमुश्त राशि मिलती है, इसका सबसे बड़ा दुर्गुण ये है कि पेंशन का लाभ पाने वाला सेवानिवृत्ति के उपरांत जाने किस अवस्था में हो और वो एक मुश्त पेंशन का लाभ उठा भी पाएगा अथवा नहीं। नई पेंशन व्यवस्था मृतक आश्रित के लिए भी घाटे का सौदा है।

लेखपाल संघ की बेहट शाखा के सचिव सचिन कुमार का कहना है कि नई पेंशन स्कीम का लाभ अभी तक किसी को नहीं मिला। इसे लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। पुरानी पेंशन स्कीम ज्यादा बेहतर है। हम लोग पुरानी पेंशन की ही बहाली चाहते हैं। कर्मचारियों के हित में भी यही ठीक है।

सविता सिंह

सविता सिंह- फोटो : SAHARANPUR

डा योगेश धीमान

डा योगेश धीमान- फोटो : SAHARANPUR

अर्जुन सिंह त्यागी

अर्जुन सिंह त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

नवनीत सैनी

नवनीत सैनी- फोटो : SAHARANPUR

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