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तीज पर निकलने वाली नेजा यात्रा स्थगित
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तीज पर निकलने वाली नेजा यात्रा स्थगित
सहारनपुर। कोरोना काल की वजह से सहारनपुर से निकलने वाली नेजा यात्रा प्रशासन ने स्थगित कर दी है। तीज पर नेजे की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती थी, जो म्हाड़ी पर पहुंचने के बाद विभिन्न गांवों होते हुए राजस्थान बागड़ के लिए प्रस्थान कर जाती थी।
मोहल्ला गणपत सराय शिवपुरी निवासी सरदार छड़ी और नेजे की अगुवाई करने वाली त्रिशला देवी ने बताया कि हर वर्ष उनके निवास स्थान तीज पर नेजे की शोभयात्रा निकाली जाती थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते थे। ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा अंबाला रोड होते हुए गंगोह मार्ग स्थित श्री जाहरवीर गोगा जी की म्हाड़ी पर बने सरदार छड़ी के स्थान पर पहुंचकर संपन्न होती थी। इसके बाद नेजे की यात्रा विभिन्न गांवों को होते हुए हरियाणा के रास्ते राजस्थान में बाबा श्री जाहरवीर के प्रमुख स्थान बागड़ जाती थी। रक्षा बंधन के बाद नेजा यात्रा लौटती थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने यात्रा की अनुमति नहीं दी। अब श्रद्धालु सिर्फ म्हाड़ी पर ही पूरे दिन नेजे के दर्शन कर पाएंगे।
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शुक्ल पक्ष की दशमी पर भरता है बड़ा मेला
सहारनपुर। गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर भरने वाला मेला सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। हर वर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी पर म्हाड़ी पर तीन दिवसीय मेला भरता है, जिसमें जनपद सहित अनेक राज्यों से पांच लाख से अधिक श्रद्घालु शामिल होते हैं। जन्माष्टमी के अगले दिन से जिले में 26 छड़ियां भ्रमण करने लगती हैं और शुक्ल पक्ष की दशमी पर प्रस्थान करती है, जहां तीन दिवसीय मेला भरता है। इस बीच शहर में रोजाना बड़ी संख्या में बाबा श्री जाहरवीर की शान में बसेरों का आयोजन होता है, लेकिन कोरोना काल की वजह से इस बार मेले पर संकट छाया है।
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सहारनपुर। कोरोना काल की वजह से सहारनपुर से निकलने वाली नेजा यात्रा प्रशासन ने स्थगित कर दी है। तीज पर नेजे की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती थी, जो म्हाड़ी पर पहुंचने के बाद विभिन्न गांवों होते हुए राजस्थान बागड़ के लिए प्रस्थान कर जाती थी।
मोहल्ला गणपत सराय शिवपुरी निवासी सरदार छड़ी और नेजे की अगुवाई करने वाली त्रिशला देवी ने बताया कि हर वर्ष उनके निवास स्थान तीज पर नेजे की शोभयात्रा निकाली जाती थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते थे। ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा अंबाला रोड होते हुए गंगोह मार्ग स्थित श्री जाहरवीर गोगा जी की म्हाड़ी पर बने सरदार छड़ी के स्थान पर पहुंचकर संपन्न होती थी। इसके बाद नेजे की यात्रा विभिन्न गांवों को होते हुए हरियाणा के रास्ते राजस्थान में बाबा श्री जाहरवीर के प्रमुख स्थान बागड़ जाती थी। रक्षा बंधन के बाद नेजा यात्रा लौटती थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने यात्रा की अनुमति नहीं दी। अब श्रद्धालु सिर्फ म्हाड़ी पर ही पूरे दिन नेजे के दर्शन कर पाएंगे।
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शुक्ल पक्ष की दशमी पर भरता है बड़ा मेला
सहारनपुर। गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर भरने वाला मेला सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। हर वर्ष शुक्ल पक्ष की दशमी पर म्हाड़ी पर तीन दिवसीय मेला भरता है, जिसमें जनपद सहित अनेक राज्यों से पांच लाख से अधिक श्रद्घालु शामिल होते हैं। जन्माष्टमी के अगले दिन से जिले में 26 छड़ियां भ्रमण करने लगती हैं और शुक्ल पक्ष की दशमी पर प्रस्थान करती है, जहां तीन दिवसीय मेला भरता है। इस बीच शहर में रोजाना बड़ी संख्या में बाबा श्री जाहरवीर की शान में बसेरों का आयोजन होता है, लेकिन कोरोना काल की वजह से इस बार मेले पर संकट छाया है।
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