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एंबुलेंस सेवा में सुधार की दरकार

Thu, 29 Apr 2021 12:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:10 AM IST
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Need for improvement in ambulance service
सहारनपुर। कोरोना संक्रमितों के साथ अन्य गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस रफ्तार भर रही हैं। इसके बावजूद समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम और बेहतर करने की दरकार है। हालांकि जनपद में एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम बेहतर बताया जा रहा है।
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जनपद में चिकित्सा विभाग के पास कुल 65 सरकारी एंबुलेंस हैं। इनमें 29 एंबुलेंस 102 हैं ये गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल लाती और छुट्टी होने के बाद घर छोड़ती हैं। सामान्य मरीजों के लिए सेवा 108 अंतर्गत 33 एंबुलेंस हैं। तीन एएलएस (एडवांस लाइफ सिक्योरिटी) एंबुलेंस हैं। मरीजों को उक्त गाड़ियों के नंबर 102 या 108 डायल करना होता है। सवाल यह है कॉल करने के कितनी देर बार एंबुलेंस मरीज तक पहुंचती हैं। एंबुलेंस सेवा प्रभारी नीटू सिंह ने बताया कि सहारनपुर में 108 एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम 13 से 14 मिनट और 102 एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम नौ मिनट है। यह ज्यादातर जनपदों से बेहतर है।
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त्वरित नहीं मिल रही एंबुलेंस सेवा
कई चिकित्साधिकारी भी एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत कर रहे हैं। चार दिन पहले नानौता निवासी महिला को परिजन निजी कार से राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहीं बहुत से मरीज निजी एंबुलेंस या वाहन से अस्पताल जाने को मजबूर हैं।
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वहीं, एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन 125 से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इनमें कई कोरोना संक्रमित होते हैं, जिन्हें तुरंत एल-1, एल-2 और एल-3 कोविड अस्पतालों भेजना होता है। इसके लिए त्वरित एंबुलेंस चाहिए। ऐसा न होने पर मरीजों की तबीयत बिगड़ रही है। जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. आभा वर्मा की ओर से भी सीएमओ को पत्र लिखकर व्यवस्था में सुधार कराने का अनुरोध किया है।
निजी एंबुलेंस की मांग बढ़ी
मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ निजी एंबुलेंस की भी मांग बढ़ी है। जिला अस्पताल के आसपास निजी एंबुलेंस की कतार देखी जा सकती है। क्रई लोग इमरजेंसी में निजी एंबुलेंस को भी तरजीह दे रहे हैं।
10 से 15 मरीज ले जा रही एक एंबुलेंस
जनपद में 65 सरकारी एंबुलेंस हैं। कोरोना काल में एंबुलेंस की जरूरत बढ़ी है। एक-एक एंबुलेंस एक दिन में 10 से 15 मरीजों को अस्पताल पहुंचा रही हैं। इस प्रकार प्रतिदिन 600 से 800 मरीज इधर से उधर ले जाए जा रहे हैं।

यदि एंबुलेंस को सीधे फोन किया जाए तो मौके पर पहुंचने में 14 मिनट से अधिक का समय नहीं लेती हैं। कई बार लोग सीधे एंबुलेंस को कॉल न करके सीएमओ या अन्य चिकित्साधिकारियों को फोन करते हैं। इसकी वजह से देरी होती है।-नीटू सिंह, जिला प्रभारी, एंबुलेंस सेवा
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