{"_id":"5a52737f4f1c1b4a198b55fa","slug":"nagar-kirtan-in-saharanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से निकाला नगर कीर्तन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से निकाला नगर कीर्तन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
नगर कीर्तन में अखाड़ा खेलते गतका पार्टी के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के मौके पर नुुमाइश कैंप के पंजाबी गुरुद्वारे से धूमधाम से नगर कीर्तन निकाला गया, जिसमें गतका पार्टी ने विभिन्न करतब दिखाए।
रविवार को नुमाइश् ाकैंप स्थित पंजाबी गुरुद्वारा से नगर कीर्तन का शुभारंभ किया गया। नगर कीर्तन में बैंडबाजे, ढोल-नगाड़े, पालकी साहिब और पंच प्यारे शामिल रहे। क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया।
पंजाब से आई गतका पार्टी ने विभिन्न करतब दिखाए। क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद गुरुद्वारे में पहुंचकर नगर कीर्तन संपन्न हुआ। अमनदीप सिंह, जौनी बाठला, हरजीत सिंह, करनैल सिंह, इंद्रजीत सिंह, अमरजीत सिंह, रणजीत सिंह, परमजीत सिंह, यशपाल सिंह, गुरमीत सिंह, गुरजीत सिंह, यशपाल सिंह, मनीष सहित भारी संख्या में लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
गुरुद्वारा के अलावा घरों में भी सिख समाज के श्रद्धालुओं ने कीर्तन कर गुरु का गुणगान किया। बच्चों में भी काफी देखा गया। शहर में कुछ जगहों पर गुरु के नाम पर लंगर लगाया गया।
विज्ञापन
रविवार को नुमाइश् ाकैंप स्थित पंजाबी गुरुद्वारा से नगर कीर्तन का शुभारंभ किया गया। नगर कीर्तन में बैंडबाजे, ढोल-नगाड़े, पालकी साहिब और पंच प्यारे शामिल रहे। क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया।
विज्ञापन
पंजाब से आई गतका पार्टी ने विभिन्न करतब दिखाए। क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद गुरुद्वारे में पहुंचकर नगर कीर्तन संपन्न हुआ। अमनदीप सिंह, जौनी बाठला, हरजीत सिंह, करनैल सिंह, इंद्रजीत सिंह, अमरजीत सिंह, रणजीत सिंह, परमजीत सिंह, यशपाल सिंह, गुरमीत सिंह, गुरजीत सिंह, यशपाल सिंह, मनीष सहित भारी संख्या में लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
गुरुद्वारा के अलावा घरों में भी सिख समाज के श्रद्धालुओं ने कीर्तन कर गुरु का गुणगान किया। बच्चों में भी काफी देखा गया। शहर में कुछ जगहों पर गुरु के नाम पर लंगर लगाया गया।