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नगर निगम बोर्ड की अंतिम बैठक आज, रखे जाएंगे कई प्रस्ताव
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सहारनपुर। नगर निगम के पहले बोर्ड की अंतिम बैठक बुधवार यानि आज अपराह्न तीन बजे जनमंच प्रेक्षागृह में होगी। बजट और पूर्व नगर आयुक्त के खिलाफ शासन को चिट्ठी लिखने का प्रस्ताव अहम रहेंगे, जिन पर हंगामा भी होने की संभावना है। चूंकि यह अंतिम बैठक है। ऐसे में महापौर और पार्षदों का विदाई समारोह भी रहेगा।
बोर्ड बैठक से पहले महापौर संजीव वालिया ने सुबह दस बजे एक अलग से बैठक बुलाई है। अपराह्न तीन बजे होने वाली बैठक का मुख्य बिंदु बजट रहेगा। जिस पर चर्चा के बाद बजट पास किया जाएगा। दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के विरुद्घ शासन को पत्र लिखने का है। यह प्रस्ताव कार्यकारिणी समिति की बैठक में पास हो चुका है। पूर्व नगर आयुक्त पर आरोप हैं कि उन्होंने तीन करोड़ 34 लाख रुपये के कार्य एजेंसियों के माध्यम से कराए हैं, जो बड़ा मामला है। इसे लेकर भी बैठक में हंगामा होने के आसार हैं। इसके अलावा महानगर में व्यावसायिक भवनों के लाइसेंस शुल्क को लेकर भी हंगामा हो सकता है।
पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि शुल्क तय करने में काफी लापरवाही बरती कई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति में कौन लोग शामिल रहे इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि समिति ने शोरूम, नर्सिंग होम पर छह हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है जबकि लकड़ी की दुकान पर दस हजार रुपये और बड़ी दुकान पर 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। फर्नीचर की फैक्टरी पर मात्र पांच हजार रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि यह अधिक होना चाहिए था। महापौर संजीव वालिया ने बताया कि बजट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
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बोर्ड बैठक से पहले महापौर संजीव वालिया ने सुबह दस बजे एक अलग से बैठक बुलाई है। अपराह्न तीन बजे होने वाली बैठक का मुख्य बिंदु बजट रहेगा। जिस पर चर्चा के बाद बजट पास किया जाएगा। दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के विरुद्घ शासन को पत्र लिखने का है। यह प्रस्ताव कार्यकारिणी समिति की बैठक में पास हो चुका है। पूर्व नगर आयुक्त पर आरोप हैं कि उन्होंने तीन करोड़ 34 लाख रुपये के कार्य एजेंसियों के माध्यम से कराए हैं, जो बड़ा मामला है। इसे लेकर भी बैठक में हंगामा होने के आसार हैं। इसके अलावा महानगर में व्यावसायिक भवनों के लाइसेंस शुल्क को लेकर भी हंगामा हो सकता है।
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पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि शुल्क तय करने में काफी लापरवाही बरती कई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति में कौन लोग शामिल रहे इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि समिति ने शोरूम, नर्सिंग होम पर छह हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है जबकि लकड़ी की दुकान पर दस हजार रुपये और बड़ी दुकान पर 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। फर्नीचर की फैक्टरी पर मात्र पांच हजार रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि यह अधिक होना चाहिए था। महापौर संजीव वालिया ने बताया कि बजट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
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