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जिले में 600 से ज्यादा पदों पर की जाएंगी नियुक्तियां
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सहारनपुर। जिले में करीब ढाई लाख से अधिक बच्चों के नियमित पोषण की जिम्मेदारी और कुपोषण नियंत्रण अभियान के लिए जल्द ही आंगनबाड़ियों और सहायिकाओं की भर्ती की जाएगी। इसके लिए शासन को 600 से अधिक पदों पर नियुक्ति का मांग प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि इसी माह में भर्ती प्रक्रिया पर मुहर लग जाएगी।
जिले में पिछले करीब सात साल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर नई भर्ती नहीं हुई। मौजूदा आंगनबाड़ियों और सहायिकाओं को भी पोषण मिशन से जुड़े कार्यक्रमों के अलावा निर्वाचन नामावली, सर्वेक्षण सहित अन्य कार्यों में लगाया जाता है। इससे समस्या और गंभीर होती रही है। इस समय जिले में शहरी क्षेत्र सहित अन्य ब्लाकों में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें आंगनबाड़ियों के 199 और सहायिकाओं के 531 पद रिक्त हैं।
विभागीय अफसरों का कहना है कि नई भर्ती होने से केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल पोषण मिशन में बड़ी राहत मिलेगी। अब शासन से मंजूरी भर का इंतजार है।
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स्टाफ होता तो ज्यादा कवर होते कुुपोषित बच्चे
शासन स्तर पर पिछले तीन माह में हुई चार बैठकों और स्थानीय समीक्षा के दौरान यह मामला उठता रहा कि स्टाफ पूरा होता तो कुपोषित बच्चों को पोषित बनाने में अधिक मदद मिलती। इसमें बच्चे अधिक कवर हो जाते।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्र और कुपोषण की स्थिति
- आंगनबाड़ी केंद्र 3410
- पंजीकृत बच्चे 2,35000
- कुपोषित बच्चे 33,825
- अतिकुपोषित बच्चे 6,910
- आंगनबाड़ी रिक्त पद ़199
- सहायिका रिक्त पद 531
- कई साल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिक्त पदों पर स्टाफ की जरूरत है। लंबे इंतजार के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों को और आंगनबाड़ी और सहायिका मिलने वाली हैं। शासन को मांग प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बस भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहारनपुर।
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जिले में पिछले करीब सात साल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर नई भर्ती नहीं हुई। मौजूदा आंगनबाड़ियों और सहायिकाओं को भी पोषण मिशन से जुड़े कार्यक्रमों के अलावा निर्वाचन नामावली, सर्वेक्षण सहित अन्य कार्यों में लगाया जाता है। इससे समस्या और गंभीर होती रही है। इस समय जिले में शहरी क्षेत्र सहित अन्य ब्लाकों में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें आंगनबाड़ियों के 199 और सहायिकाओं के 531 पद रिक्त हैं।
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विभागीय अफसरों का कहना है कि नई भर्ती होने से केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल पोषण मिशन में बड़ी राहत मिलेगी। अब शासन से मंजूरी भर का इंतजार है।
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स्टाफ होता तो ज्यादा कवर होते कुुपोषित बच्चे
शासन स्तर पर पिछले तीन माह में हुई चार बैठकों और स्थानीय समीक्षा के दौरान यह मामला उठता रहा कि स्टाफ पूरा होता तो कुपोषित बच्चों को पोषित बनाने में अधिक मदद मिलती। इसमें बच्चे अधिक कवर हो जाते।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्र और कुपोषण की स्थिति
- आंगनबाड़ी केंद्र 3410
- पंजीकृत बच्चे 2,35000
- कुपोषित बच्चे 33,825
- अतिकुपोषित बच्चे 6,910
- आंगनबाड़ी रिक्त पद ़199
- सहायिका रिक्त पद 531
- कई साल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिक्त पदों पर स्टाफ की जरूरत है। लंबे इंतजार के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों को और आंगनबाड़ी और सहायिका मिलने वाली हैं। शासन को मांग प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बस भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहारनपुर।