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Saharanpur News: जिले में 10 हजार से अधिक राज्य कर्मियों को नहीं मिलेगा अगस्त का वेतन
Thu, 29 Aug 2024 04:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 29 Aug 2024 04:04 AM IST
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सहारनपुर। जिले में कार्यरत 10 हजार से अधिक राज्य कर्मचारियों को अगस्त माह का वेतन नहीं मिलेगा। यह राज्य कर्मचारी ऐसे हैं, जो मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने से कतरा रहे हैं। हाल ही में प्रमुख सचिव की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं कि जिन राज्य कर्मचारियों ने ब्योरा नहीं दिया कि उनका अगस्त माह का वेतन रोक लिया जाए। हालांकि पोर्टल पर ब्योरा अपलोड करने के अभी दो दिन बचे हैं, लेकिन दो दिन में इतने लोगों का ब्योरा अपलोड संभव नहीं है।
सहारनपुर की बात करें तो जिले में करीब 13 हजार राज्य कर्मचारी है। हैरानी की बात यह है कि अब भी करीब 10 हजार से अधिक ऐसे राज्य कर्मचारी हैं जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा अपलोड नहीं किया है। इसमें सबसे अधिक संख्या पुलिसकर्मियों की है। अब शासन की तरफ से एक ओर आदेश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले राज्य कर्मचारियों का अगस्त माह का वेतन रोक लिया जाए। मुख्य कोषाधिकारी विजय शुक्ला के अनुसार, संबंधित विभागों की तरफ से हर माह बिल भेजे जाते हैं, जिसके बाद कोषागार से उनका वेतन जारी होता है। जिस विभाग के अधिकारी या कर्मचारी ने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड कर दिया है उसका प्रमाणपत्र बिल के साथ जाएगा, तभी माना जाएगा कि चल-संपत्ति का ब्योरा अपलोड किया गया है और वेतन जारी होगा।
ऐसे समझे मामला
दरअसल, पिछले साल अगस्त माह में शासन की तरफ से आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी राज्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा दर्ज करना होगा। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर रखी गई थी, जिसे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया था। इसके बाद शासन की तरफ से राज्य कर्मचारियों को एक माह का समय दिया गया। यानी कि 31 अगस्त अंतिम तारीख कर दी गई। अंतिम तिथि में केवल दो दिन बचे हैं। बता दें, कि प्रदेश में करीब 1737756 राज्य कर्मचारी है।
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यह ब्योरा करना होगा अपलोड
कितनी जमीन, प्लॉट, मकान नाम है। इसके अलावा नकद, जेवरात, गोल्ड, शेयर और कितने वाहन है यह सब तमाम जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है।
जिले में करीब 13 हजार राज्य कर्मचारी है। बड़ी संख्या में ऐसी कर्मचारी है, जिन्होंने ब्योरा अपलोड नहीं किया है। यदि दो दिन में ब्योरा अपलोड नहीं हुआ तो शासन की तरफ से उनका वेतन रोकने के आदेश मिले हैं।
- विजय शुक्ला, मुख्य कोषाधिकारी
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सहारनपुर की बात करें तो जिले में करीब 13 हजार राज्य कर्मचारी है। हैरानी की बात यह है कि अब भी करीब 10 हजार से अधिक ऐसे राज्य कर्मचारी हैं जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा अपलोड नहीं किया है। इसमें सबसे अधिक संख्या पुलिसकर्मियों की है। अब शासन की तरफ से एक ओर आदेश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले राज्य कर्मचारियों का अगस्त माह का वेतन रोक लिया जाए। मुख्य कोषाधिकारी विजय शुक्ला के अनुसार, संबंधित विभागों की तरफ से हर माह बिल भेजे जाते हैं, जिसके बाद कोषागार से उनका वेतन जारी होता है। जिस विभाग के अधिकारी या कर्मचारी ने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड कर दिया है उसका प्रमाणपत्र बिल के साथ जाएगा, तभी माना जाएगा कि चल-संपत्ति का ब्योरा अपलोड किया गया है और वेतन जारी होगा।
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ऐसे समझे मामला
दरअसल, पिछले साल अगस्त माह में शासन की तरफ से आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी राज्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा दर्ज करना होगा। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर रखी गई थी, जिसे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया था। इसके बाद शासन की तरफ से राज्य कर्मचारियों को एक माह का समय दिया गया। यानी कि 31 अगस्त अंतिम तारीख कर दी गई। अंतिम तिथि में केवल दो दिन बचे हैं। बता दें, कि प्रदेश में करीब 1737756 राज्य कर्मचारी है।
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यह ब्योरा करना होगा अपलोड
कितनी जमीन, प्लॉट, मकान नाम है। इसके अलावा नकद, जेवरात, गोल्ड, शेयर और कितने वाहन है यह सब तमाम जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है।
जिले में करीब 13 हजार राज्य कर्मचारी है। बड़ी संख्या में ऐसी कर्मचारी है, जिन्होंने ब्योरा अपलोड नहीं किया है। यदि दो दिन में ब्योरा अपलोड नहीं हुआ तो शासन की तरफ से उनका वेतन रोकने के आदेश मिले हैं।
- विजय शुक्ला, मुख्य कोषाधिकारी