सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान देवी राधिका ने कहा कि आत्मा-परमात्मा का मिलन ही श्री कृष्ण का महारास है। श्री कृष्ण की शरण में जाने से भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बृहस्पतिवार को कथा से पूर्व यजमान आकाश, मुकेश वर्मा और रमेश शर्मा ने व्यास पीठ का पूजन किया। पूजा अर्चना मंत्रोचारण के साथ आचार्य अजीत शर्मा और पंडित नीरज मिश्रा द्वारा संपन्न कराई। कथा में श्री राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही, जिन पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। कथा वाचक देवी राधिका ने कहा कि श्रीकृष्ण कला सृष्टि के समस्त आकर्षण में समाहित है। भक्त और भगवान के आत्म तत्व का मिलन ही महारास है। उन्होंने कहा ब्रह्म तत्व श्री कृष्ण और परम तत्व भगवान शिव रास में आत्मसात हैं। जब तक जीव में राधा रानी के प्रति श्रद्धा नहीं आती, तब तक भगवान श्री कृष्ण की प्राप्ति नहीं होती है। जीवन का मूल लक्ष्य ही श्री हरि की प्राप्ति करना है। इस दौरान कालेंद्रानंद महाराज, अरुण, मेहरचंद जैन, नरेश चंदेल, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र धीमान, उमा, गीता, कविता, बाला, संतोष, वर्षा, किरण, सुनीता मौजूद रहे।