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गेहूं खरीद में बिचौलियों पर लगेगा अंकुश
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सरकारी खरीद में ई-पॉप मशीन का होगा इस्तेमाल
जिले में 96 क्रय केंद्रों पर कराई जाएगी गेहूं खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्रदेश में पहली बार गेहूूं की सरकारी खरीद में ई-पॉप मशीन (इलेट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ पर्चेज) का प्रयोग होगा। इससे न सिर्फ बिचौलियों पर अंकुश लगेगा बल्कि गेहूं खरीद में पारदर्शिता भी बढे़गी। इसमें किसान का फिंगर प्रिंट का मिलान करने के बाद ही गेहूं खरीदा जाएगा।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए सरकार गेहूं की खरीद कराती है। इस बार प्रदेश सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए तैयारी जोरों पर है। जनपद में इस बार 96 सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएंगे जबकि गत वर्ष इनकी संख्या 92 थी। गेहूं की सरकारी खरीद को ओर अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में पहली बार ई-पॉप मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इसमें किसान का फिंगर प्रिंट लिया जाएगा। इसका मिलान होने के बाद ही किसान गेहूं बेच सकेंगे। जल्द आने वाली क्रय नीति में इसके निर्देश जारी किए जाएंगे।
क्रय केंद्रों पर लगेगा पावर डस्टर
गेहूं खरीद में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर रहेगा। इसके लिए क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई के लिए पावर डस्टर लगाने की योजना है। इसका उपयोग क्रय केंद्रों पर अधिक विजातीय पदार्थों वाले गेहूं की सफाई के लिए किया जाएगा।
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वर्जन
प्रदेश में पहली बार गेहूं खरीद में ई-पॉप मशीन का प्रयोग होगा। इससे गेहूं खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी। जनपद में इस बार गेहूं खरीद के लिए 96 क्रय केंद्र खोले जाएंगे।-प्रिंस चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
एक नजर में जनपद के गेहूं क्रय केंद्र
संस्था गत सीजन वर्तमान सीजन
खाद्य विभाग 08 12
पीसीएफ 61 63
पीसीयू 12 15
यूपीएसएस 10 03
एफसीआई 01 01
मंडी परिषद 00 02
योग 92 96
(खाद्य विपणन विभाग के आंकडों के अनुसार)
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जिले में 96 क्रय केंद्रों पर कराई जाएगी गेहूं खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्रदेश में पहली बार गेहूूं की सरकारी खरीद में ई-पॉप मशीन (इलेट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ पर्चेज) का प्रयोग होगा। इससे न सिर्फ बिचौलियों पर अंकुश लगेगा बल्कि गेहूं खरीद में पारदर्शिता भी बढे़गी। इसमें किसान का फिंगर प्रिंट का मिलान करने के बाद ही गेहूं खरीदा जाएगा।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए सरकार गेहूं की खरीद कराती है। इस बार प्रदेश सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए तैयारी जोरों पर है। जनपद में इस बार 96 सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएंगे जबकि गत वर्ष इनकी संख्या 92 थी। गेहूं की सरकारी खरीद को ओर अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में पहली बार ई-पॉप मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इसमें किसान का फिंगर प्रिंट लिया जाएगा। इसका मिलान होने के बाद ही किसान गेहूं बेच सकेंगे। जल्द आने वाली क्रय नीति में इसके निर्देश जारी किए जाएंगे।
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क्रय केंद्रों पर लगेगा पावर डस्टर
गेहूं खरीद में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर रहेगा। इसके लिए क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई के लिए पावर डस्टर लगाने की योजना है। इसका उपयोग क्रय केंद्रों पर अधिक विजातीय पदार्थों वाले गेहूं की सफाई के लिए किया जाएगा।
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वर्जन
प्रदेश में पहली बार गेहूं खरीद में ई-पॉप मशीन का प्रयोग होगा। इससे गेहूं खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी। जनपद में इस बार गेहूं खरीद के लिए 96 क्रय केंद्र खोले जाएंगे।-प्रिंस चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
एक नजर में जनपद के गेहूं क्रय केंद्र
संस्था गत सीजन वर्तमान सीजन
खाद्य विभाग 08 12
पीसीएफ 61 63
पीसीयू 12 15
यूपीएसएस 10 03
एफसीआई 01 01
मंडी परिषद 00 02
योग 92 96
(खाद्य विपणन विभाग के आंकडों के अनुसार)