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दो घंटे चली बैठक, उठे कई मुद्दे, मिला भुगतान का भरोसा

Mon, 28 Sep 2020 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 11:12 PM IST
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दो घंटे चली बैठक, उठे कई मुद्दे, मिला भुगतान का भरोसा
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सहारनपुर। तीन जिलों के अधिकारी और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच दो घंटे बैठक चली। कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने, विद्युत निगम द्वारा किसानों का शोषण रोकने और डीएफसीसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) में भूमि अधिग्रहण पर समान मुआवजा दिलाने की मांग की गई। मंडलायुक्त संजय कुमार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मिलों में पेराई शुरू होने से पूर्व भुगतान कराया जाएगा।
सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में मंडलायुक्त संजय कुमार ने भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और मंडल के तीनों जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ की। बताया गया कि चीनी मिलों पर 1653 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें सहारनपुर में 446 करोड़, मुजफ्फरनगर में 657 करोड़ तथा शामली में 550 करोड़ रुपये बकाया हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि बजाज ग्रुप की मिलों का भुगतान खराब है। जिलाधिकारियों को बजाज ग्रुप की मिलों से जल्द भुगतान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में अधिकारी यह निरीक्षण कर लें कि सभी चीनी मिलें पूर्ण रूप से चलने को तैयार हैं या नहीं।
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भाकियू नेताओं ने बिजली के बिलों में गड़बड़ी की जानकारी दी। इस पर मंडलायुक्त ने विद्युत निगम के मुख्य अभियंता को तत्काल निस्तारण करने का निर्देश दिया। मंडल के तीनों जनपदों में रेलवे, एनएचएआई, बाईपास आदि के लिए अधिग्रहण में किसानों को नियमानुसार समय पर मुआवजा दिलाने को कहा। सरकारी धान खरीद एक अक्तूबर से शुरू कराने के निर्देश दिए।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण कराए। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के बाद ही चीनी मिलों का संचालन किया जाए। नए सत्र में बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिल का गन्ना दूसरी मिलों को दिया जाए।
ये रहे मौजूद
डीआईजी उपेंद्र कुमार अग्रवाल, डीएम सहारनपुर अखिलेश सिंह, डीएम मुजफ्फरनगर सेल्वा कुमारी जे, डीएम शामली जसजीत कौर, अपर आयुक्त प्रशासन डीपी सिंह, एसएसपी डॉक्टर एस चनप्पा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि डीएस राजपूत, तीनों जनपदों के जिला गन्ना अधिकारी, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार, जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह, मुकेश तोमर, अशोक चौधरी, मेवाराम, धर्मेंद्र मलिक आदि मौजूद रहे।

भारतीय किसान यूनियन की मांगें
- भूमि अधिग्रहण में एक समान मुआवजा दिलाया जाए
- ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान
- गन्ने के लेखा जोखा के लिए गन्ना पासबुक जारी की जाएं
- स्वीकृत नलकूप कनेक्शन का सामान अविलंब दिया जाए
- निजी नलकूप एवं ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली दर कम की जाए
- सभी पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाए
- किसान ऋण मोचन योजना के लंबित प्रार्थना पत्रों का जल्द निस्तारण हो
- पोपलर आदि कृषि वानिकी फसलों पर रवन्ना शुल्क समाप्त किया जाए
- मोरना चीनी मिल की क्षमता में वृद्धि की जाए
- बजाज ग्रुप की सभी यूनिटों का पैसा एस्क्रो खाते में डलवाया जाए
- मंडल में चकबंदी कार्यों में तेजी लाई जाए
नए कृषि कानूनों से बर्बाद हो जाएंगे किसान : राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि नए कृषि कानूनों का विपरीत असर दिखाई देने लगा है। इससे सबसे पहले पंजाब, हरियाणा के किसान प्रभावित होंगे, फिर उत्तर प्रदेश और बिहार के। इसके विरोध में आंदोलन जारी रहेगा। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को धान कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। भूमि अधिग्रहण में किसानों को एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। इसमें भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा।
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