{"_id":"64175252135fa9b45504a6e6","slug":"make-me-laugh-drive-away-the-disease-saharanpur-news-c-14-1-159934-2023-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: ठहाके लगाइये, बीमारी दूर भगाइये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: ठहाके लगाइये, बीमारी दूर भगाइये
Sun, 19 Mar 2023 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 19 Mar 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व प्रसन्न्ता दिवस : हंसना शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी
- मनोचिकित्सक बोले-घर के माहौल बनाएं बेहतर, असफलता से सबक लें व सकारात्मक चीजें याद रखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आज भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास खुद के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। जिस वजह से वह तनाव, अवसाद एवं दूसरी तरह की तमाम बीमारियों का शिकार बनते जा रहे हैं। लेकिन, हंसना शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि घर के माहौल बेहतर बनाएं। असफलता से सबक लें और सकारात्मक चीजों को ही याद रखें।
सोमवार को विश्व प्रसन्नता दिवस मनाया जाएगा। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत पोपली का कहना है कि समय में बदलाव के कारण लोगों की खुशियां घटती जा रही हैं। बदलते दौर में आज व्यक्ति अपनों को समय नहीं दे पा रहे। पहले कुनबे में लोग रहते थे और एकल परिवार में रहते हैं।
लोगों के पास समय कम होने के कारण आपसी बातचीत कम हो गई। अभिभावक अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण बच्चों में तनाव बढ़ रहा है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे बड़ा सोचने लगते हैं और धीरे-धीरे वह एक बड़ा कदम उठा लेते हैं। जो परिवार के लिए घातक होता है।
विज्ञापन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि अगर व्यक्ति मुस्कुराता रहता है तो उसे हृदय संबंधी रोग होने की संभावना कम होती है। दिल की बीमारियों को दूर करने के लिए किसी भी हालात में खुद को खुश और संतुष्ट रखना जरूरी है। इसके लिए काम के साथ खुद को भी थोड़ा समय दें। दिल को सुरक्षित रखने के लिए सही खानपान व व्यायाम जितना जरूरी हैं उतना ही खुश रहना भी जरूरी है।
विज्ञापन
- मनोचिकित्सक बोले-घर के माहौल बनाएं बेहतर, असफलता से सबक लें व सकारात्मक चीजें याद रखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आज भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास खुद के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। जिस वजह से वह तनाव, अवसाद एवं दूसरी तरह की तमाम बीमारियों का शिकार बनते जा रहे हैं। लेकिन, हंसना शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि घर के माहौल बेहतर बनाएं। असफलता से सबक लें और सकारात्मक चीजों को ही याद रखें।
सोमवार को विश्व प्रसन्नता दिवस मनाया जाएगा। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत पोपली का कहना है कि समय में बदलाव के कारण लोगों की खुशियां घटती जा रही हैं। बदलते दौर में आज व्यक्ति अपनों को समय नहीं दे पा रहे। पहले कुनबे में लोग रहते थे और एकल परिवार में रहते हैं।
विज्ञापन
लोगों के पास समय कम होने के कारण आपसी बातचीत कम हो गई। अभिभावक अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण बच्चों में तनाव बढ़ रहा है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे बड़ा सोचने लगते हैं और धीरे-धीरे वह एक बड़ा कदम उठा लेते हैं। जो परिवार के लिए घातक होता है।
विज्ञापन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि अगर व्यक्ति मुस्कुराता रहता है तो उसे हृदय संबंधी रोग होने की संभावना कम होती है। दिल की बीमारियों को दूर करने के लिए किसी भी हालात में खुद को खुश और संतुष्ट रखना जरूरी है। इसके लिए काम के साथ खुद को भी थोड़ा समय दें। दिल को सुरक्षित रखने के लिए सही खानपान व व्यायाम जितना जरूरी हैं उतना ही खुश रहना भी जरूरी है।