फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Made promises, could not solve problems

वायदे किए, समस्याओं का निराकरण नहीं करा पाए

Wed, 02 Feb 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
Made promises, could not solve problems
बिजेंद्र गुप्ता - फोटो : SAHARANPUR
देवबंद। मुजफ्फरनगर की सीमा से सटी देवबंद विधानसभा की जनता दशकों से कई समस्याओं से जूझ रही है। इनमें शब्बीरपुर नूनाबड़ी के बीच पुल निर्माण की मांग हो या फिर देवबंद नगर पालिका क्षेत्र की विस्तार की। इसके अलावा डिग्री कॉलेज में विज्ञान की कक्षाओं का संचालन न होने से जहां छात्राओं को ज्यादा दिक्कत आती है वहीं देवबंद नगर में रोडवेज डिपो की स्थापना भी आज तक नहीं हो सकी है। मतदाताओं की पीड़ा है कि चुनाव से पहले सभी ने समस्याओं को दूर करने को लेकर लंबे चौड़े वायदे किए, लेकिन चुनाव जीत विधानसभा में पहुंचने के बाद किसी ने भी इनके निराकरण में रुचि नहीं दिखाई। यहां से सपा, बसपा और भाजपा के प्रत्याशी जीत कर विधान सभा में पहुंचे।
विज्ञापन

दयनीय हालत में रोडवेज बस स्टैंड, डिपो बनाने की मांग भी नहीं हुई पूरी
विश्लेषक एवं विचारक मनोज सिंघल का कहना है कि नगर में रोडवेज डिपो न होना ज्वलंत समस्या है। बस स्टैंड की हालत भी बदतर है। जहां बस चालकों को गाड़ियां हाईवे पर खड़ी करनी पड़तीं हैं वहीं यात्री भी धूप, बारिश व सर्दी आदि में खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। सिंघल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में परिवहन मंत्री से मुलाकात कर उक्त समस्या को उठाया था। जनप्रतिनिधियों को भी समस्या बताई, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन

नपा सीमा विस्तार न होने से सुविधाओं को तरस रहीं कालोनियां
सामाजिक कार्यकर्ता बिजेंद्र गुप्ता का कहना है कि नगरपालिका का विस्तार हुए बहुत समय बीत चुका है। बीते कई वर्षों में देवबंद के चारों तरफ कई कॉलोनियां बस गईं। परंतु इन कॉलोनियों को नगरपालिका में आज तक शामिल नहीं किए जाने से लोग सड़क, बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। नगरपालिका का सीमा विस्तार होना बहुत जरूरी है। तीन बार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद भी सीमा विस्तार न होना निराशाजनक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेल स्टेडियम न होने से दम तोड़ रहीं खेल प्रतिभाएं
गांव बन्हेड़ा खास निवासी युवा क्रिकेट राव आशु का कहना है कि देवबंद में खेल स्टेडियम न होने से जहां युवाओं को पुलिस व सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी करने में परेशानी होती है, वहीं खेल के क्षेत्र में युवा पिछड़ रहे हैं। दिवंगत राज्यमंत्री स्व. राजेंद्र सिंह राणा ने अपने कार्यकाल में खेल स्टेडियम बनाने का वायदा किया था। राजनीतिक दलों की देवबंद विधानसभा में खेल स्टेडियम बनाने की उदासीनता के कारण क्षेत्र की युवाओं की प्रतिभा सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ देती है।
डिग्री कॉलेज में साइंस कक्षाओं के संचालन न होने से छात्राएं परेशान
एमएससी की छात्रा साक्षी जैन का कहना है कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएससी, एमएससी और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की कक्षाओं का संचालन न होने से लड़कियों को बेहद परेशानी होती हैं, जबकि महाविद्यालय में उक्त कक्षाओं के संचालन की मांग कॉलेज स्थापना के समय से उठ रही है। जिसके चलते छात्राओं को साइंस की कक्षाओं में प्रवेश के लिए बाहरी कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। बसपा के बाद सपा और भाजपा शासन में भी मांग पूरी न होने से छात्रों में घोर निराशा है।

शब्बीरपुर-नूनाबड़ी के बीच नहीं आज तक बन सका पुल
बड़गांव क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर निवासी ईश्वर उपाध्याय का कहना है कि दशकों से शब्बीरपुर व नूनाबड़ी के बीच पुल बनाने की मांग उठ रही है। वायदे तो बहुत किए, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने पुल बनवाने में कोई रुचि नहीं दिखाई, जबकि इस पुल के बनने से महेशपुर, बड़गांव, कुरड़ी, भायला, नूनाबड़ी, शब्बीरपुर, चंदेना कोली समेत दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों को लाभ पहुंचेगा।

राव आशु

राव आशु- फोटो : SAHARANPUR

साक्षी जैन

साक्षी जैन- फोटो : SAHARANPUR

ईश्वर उपाध्याय

ईश्वर उपाध्याय- फोटो : SAHARANPUR

अधिवक्ता मनोज सिंघल

अधिवक्ता मनोज सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed