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Saharanpur Ground Report: दुनिया में कैसे छाया वुड कार्विंग? गौशाला से स्पोर्ट्स स्टेडियम तक; देखें हकीकत
Fri, 21 Aug 2026 05:08 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 21 Aug 2026 05:08 PM IST
सार
Saharanpur Ground Report: यूपी सक्षम अभियान के तहत अमर उजाला की टीम सहारनपुर पहुंची और वुड कार्विंग, स्पोर्ट्स स्टेडियम के साथ ही मॉडल गौशाला की जमीनी पड़ताल की। स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की गई कि ओडीओपी, खेल सुविधाओं और गौशाला से रोजगार, कारोबार और आम लोगों के जीवन में कितना बदलाव आया है।
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Saharanpur Ground Report
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
Saharanpur Ground Report: यूपी सक्षम अभियान के तहत अमर उजाला की टीम कई जिलों से होते हुए सहारनपुर पहुंची। इस दौरान स्पोर्ट्स स्टेडियम, मॉडल गौशाला और वुड कार्विंग समेत विभिन्न क्षेत्रों की ग्राउंड पड़ताल की गई। स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की गई कि इन विकास कार्यों से लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया है और समाज के आखिरी तबके तक सरकारी योजनाओं का कितना लाभ पहुंच रहा है। आइए, विस्तार से पढ़ते हैं खबर।
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वुड कार्विंग को ओडीओपी से मिली नई पहचान
सहारनपुर जिले में वुड कार्विंग को ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) के तहत नई पहचान मिली है। इसको लेकर कारोबारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि एमबीए करने के बाद उन्होंने यह काम शुरू किया। इसके बाद यूके और यूएस में भी कारोबार का विस्तार हुआ। वर्ष 2006 में उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की। धीरे-धीरे उनके पास काम आने लगा और आज विदेशों में भी उनके कई खरीदार हैं।
मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम योगी की सरकार में कम ब्याज पर लोन मिलने से इस उद्योग को तेजी से बढ़ाने में मदद मिली है। सरकार के प्रयासों से खरीदार सहारनपुर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है, जिससे कारोबार को लाभ मिला है।
सहारनपुर जिले में वुड कार्विंग को ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) के तहत नई पहचान मिली है। इसको लेकर कारोबारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि एमबीए करने के बाद उन्होंने यह काम शुरू किया। इसके बाद यूके और यूएस में भी कारोबार का विस्तार हुआ। वर्ष 2006 में उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की। धीरे-धीरे उनके पास काम आने लगा और आज विदेशों में भी उनके कई खरीदार हैं।
मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम योगी की सरकार में कम ब्याज पर लोन मिलने से इस उद्योग को तेजी से बढ़ाने में मदद मिली है। सरकार के प्रयासों से खरीदार सहारनपुर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है, जिससे कारोबार को लाभ मिला है।
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स्पोर्ट्स स्टेडियम को मिली बड़ी सौगातें
सहारनपुर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम में कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसको लेकर क्रीड़ा अधिकारी राहुल चोपड़ा ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से खेल सुविधाओं में काफी बदलाव आया है। स्मार्ट सिटी के तहत आधुनिक जिम, जूडो हॉल, बॉक्सिंग हॉल समेत खिलाड़ियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है। स्टेडियम में जूडो के 25 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है और आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां शूटिंग रेंज का भी निर्माण कराया गया है। गरीब और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
सहारनपुर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम में कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसको लेकर क्रीड़ा अधिकारी राहुल चोपड़ा ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से खेल सुविधाओं में काफी बदलाव आया है। स्मार्ट सिटी के तहत आधुनिक जिम, जूडो हॉल, बॉक्सिंग हॉल समेत खिलाड़ियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है। स्टेडियम में जूडो के 25 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है और आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां शूटिंग रेंज का भी निर्माण कराया गया है। गरीब और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
मॉडल गौशाला की अनूठी पहल
सहारनपुर में मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गौशाला को लेकर अमर उजाला की टीम ने भी पड़ताल की। पशु चिकित्सक एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि गौशाला में 500 से अधिक गोवंश सुरक्षित हैं। यहां गोबर से दीपक, पेंट, खाद समेत कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं। रक्षाबंधन के लिए राखियां भी बनाई जा रही हैं। इन गतिविधियों से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि गौशाला को जीओपी सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। यहां करीब 35 लोग काम करते हैं। सड़कों पर घूमने वाले गोवंश का रेस्क्यू कर उन्हें भी यहां संरक्षण दिया जाता है। गौशाला में कई तरह के नवाचार किए जा रहे हैं। बायोगैस के जरिए ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। गौशाला के ड्राइवर दिनेश कुमार ने बताया कि पिछली सरकारों के समय गोवंश की स्थिति खराब थी। अब सड़कों पर घूम रहे गोवंश का रेस्क्यू कर उन्हें गौशाला में लाया जाता है और सुरक्षित रखा जाता है।
सहारनपुर में मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गौशाला को लेकर अमर उजाला की टीम ने भी पड़ताल की। पशु चिकित्सक एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि गौशाला में 500 से अधिक गोवंश सुरक्षित हैं। यहां गोबर से दीपक, पेंट, खाद समेत कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं। रक्षाबंधन के लिए राखियां भी बनाई जा रही हैं। इन गतिविधियों से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि गौशाला को जीओपी सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। यहां करीब 35 लोग काम करते हैं। सड़कों पर घूमने वाले गोवंश का रेस्क्यू कर उन्हें भी यहां संरक्षण दिया जाता है। गौशाला में कई तरह के नवाचार किए जा रहे हैं। बायोगैस के जरिए ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। गौशाला के ड्राइवर दिनेश कुमार ने बताया कि पिछली सरकारों के समय गोवंश की स्थिति खराब थी। अब सड़कों पर घूम रहे गोवंश का रेस्क्यू कर उन्हें गौशाला में लाया जाता है और सुरक्षित रखा जाता है।