{"_id":"5a1afd0d4f1c1b72548bf920","slug":"look-at-the-development-of-yogi-aimed-at-hindutva","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास पर निगाहें हिंदुत्व पर निशाना साध गए योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास पर निगाहें हिंदुत्व पर निशाना साध गए योगी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
योगी की सभा में जुटी जनता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में देश के सबसे बडे़ सूबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी की गांधी पार्क में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री की निगाहें तो पूरी तरह से विकास पर टिकी हैं, मगर उनका निशाना हिंदुुत्व पर रहा।
अयोध्या की दीपावली की तर्ज पर नगरीय क्षेत्रों के विकास का सपना दिखाया तो शाकंभरी देवी और त्रिपुर बाला सुंदरी को विकसित करने की बात कर अपना स्पष्ट मुद्दा जाहिर किया।
भ्रष्टाचार पर सपा और बसपा की खूब घेराबंदी की और अपने उद्बोधन में जयश्री राम को नहीं भूले। अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के साथ ही गोवंश माफियाओं पर शिकंजा कसने के अपने वादे को दोहराया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के करीब 20 मिनट के भाषण में निकाय चुनाव फोकस रहा, मगर इसके जरिए वे लोकसभा चुनाव 2019 की नींव भी तैयार करने में जुटे रहे। मगर, पूरे भाषण से यह साफ हुआ कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी हिंदुत्व के मुद्दे पर ही मुखर होंगे।
आठ महीने की सरकार की दूसरी बार सहारनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी रविवार को हिंदुत्व के मुद्दे पर ज्यादा मुखर रहे। यही कारण है कि प्रदेश सरकार के विकास कार्यों, योजनाओं, उपलब्धियों में अयोध्या में बनी इस वर्ष की भव्य दीपावली को बेहद प्रमुखता से रखा।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि निकाय चुनाव में जीत मिलेगी तो नगरीय क्षेत्रों को उसी दीपावली की तरह जगमग करेंगे। दंगे, अपराध और कानून व्यवस्था पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसा करने वालों की जगह प्रदेश में नहीं बची है।
किसान, नौजवान के अलावा दलितों को रिझाने में भी पूरी तरह जुटे रहे। यही कारण है कि सरकारी नौकरियों के जरिए नौजवानों को साधा तो गन्ना मूल्य भुगतान और ऋण माफी से किसानों को रिझाने की कोशिश की।
निशुल्क बिजली कनेक्शन में खासकर उन्होंने दलितों का उल्लेख किया। ऐसे में मुख्यमंत्री के भाषण से साफ था कि अपने सरकार की उपलब्धियों के जरिए वे 2019 की नींव मजबूत करने में जुटे रहे।
उसी मंच से अयोध्या की तर्ज पर काशी और मथुरा के विकास का वादा किया गया। ऐसे में साफ है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी हर हाल में अपने मुखर हिंदुत्व के एजेंडे पर डटे रहना चाहते हैं। यही कारण है कि विकास का ताना बाना तैयार करने में जयश्रीराम के उद्घोष को वे नहीं भूले।
विज्ञापन
अयोध्या की दीपावली की तर्ज पर नगरीय क्षेत्रों के विकास का सपना दिखाया तो शाकंभरी देवी और त्रिपुर बाला सुंदरी को विकसित करने की बात कर अपना स्पष्ट मुद्दा जाहिर किया।
विज्ञापन
भ्रष्टाचार पर सपा और बसपा की खूब घेराबंदी की और अपने उद्बोधन में जयश्री राम को नहीं भूले। अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के साथ ही गोवंश माफियाओं पर शिकंजा कसने के अपने वादे को दोहराया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के करीब 20 मिनट के भाषण में निकाय चुनाव फोकस रहा, मगर इसके जरिए वे लोकसभा चुनाव 2019 की नींव भी तैयार करने में जुटे रहे। मगर, पूरे भाषण से यह साफ हुआ कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी हिंदुत्व के मुद्दे पर ही मुखर होंगे।
आठ महीने की सरकार की दूसरी बार सहारनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी रविवार को हिंदुत्व के मुद्दे पर ज्यादा मुखर रहे। यही कारण है कि प्रदेश सरकार के विकास कार्यों, योजनाओं, उपलब्धियों में अयोध्या में बनी इस वर्ष की भव्य दीपावली को बेहद प्रमुखता से रखा।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि निकाय चुनाव में जीत मिलेगी तो नगरीय क्षेत्रों को उसी दीपावली की तरह जगमग करेंगे। दंगे, अपराध और कानून व्यवस्था पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसा करने वालों की जगह प्रदेश में नहीं बची है।
किसान, नौजवान के अलावा दलितों को रिझाने में भी पूरी तरह जुटे रहे। यही कारण है कि सरकारी नौकरियों के जरिए नौजवानों को साधा तो गन्ना मूल्य भुगतान और ऋण माफी से किसानों को रिझाने की कोशिश की।
निशुल्क बिजली कनेक्शन में खासकर उन्होंने दलितों का उल्लेख किया। ऐसे में मुख्यमंत्री के भाषण से साफ था कि अपने सरकार की उपलब्धियों के जरिए वे 2019 की नींव मजबूत करने में जुटे रहे।
उसी मंच से अयोध्या की तर्ज पर काशी और मथुरा के विकास का वादा किया गया। ऐसे में साफ है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी हर हाल में अपने मुखर हिंदुत्व के एजेंडे पर डटे रहना चाहते हैं। यही कारण है कि विकास का ताना बाना तैयार करने में जयश्रीराम के उद्घोष को वे नहीं भूले।