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दहेज लोभियों को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:00 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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सहारनपुर में दहेज हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर पति, सास और ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-10 अय्याज अहमद ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
नंदपुरी कालोनी निवासी कमल किशोर ने 11 मई 2013 को थाना कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें इन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बहन अर्चना की शादी 21 नवंबर 2011 को ग्राम परागपुर निवासी प्रदीप के साथ हुई थी।
शादी में मायके वालों ने अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया था। मगर, ससुराल वाले कार और एक लाख रुपये की मांग करते थे। इसके लिए अर्चना से मारपीट भी की जाती थी। 11 मई 2013 को पति, सास और ससुर ने अर्चना पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
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मायके वाले सूचना पर मौके पर पहुंचे और लड़की को अस्पताल ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जयद्रथ सिंह पंवार ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद पति प्रदीप कुमार, सास विमला और ससुर सुंदरलाल के खिलाफ धारा 304ए, 498ए व 3/4 दहेज अधिनियम में आरोप पत्र पेश किया।
अपर सत्र न्यायाधीश अय्याज कुमार ने तीनों को दोषी पाते हुए धारा 304ए में आजीवन कारावास, धारा 498ए में 3-3 वर्ष व प्रत्येक पर पांच हजार अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की 50 फीसदी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
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नंदपुरी कालोनी निवासी कमल किशोर ने 11 मई 2013 को थाना कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें इन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बहन अर्चना की शादी 21 नवंबर 2011 को ग्राम परागपुर निवासी प्रदीप के साथ हुई थी।
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शादी में मायके वालों ने अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया था। मगर, ससुराल वाले कार और एक लाख रुपये की मांग करते थे। इसके लिए अर्चना से मारपीट भी की जाती थी। 11 मई 2013 को पति, सास और ससुर ने अर्चना पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
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मायके वाले सूचना पर मौके पर पहुंचे और लड़की को अस्पताल ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जयद्रथ सिंह पंवार ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद पति प्रदीप कुमार, सास विमला और ससुर सुंदरलाल के खिलाफ धारा 304ए, 498ए व 3/4 दहेज अधिनियम में आरोप पत्र पेश किया।
अपर सत्र न्यायाधीश अय्याज कुमार ने तीनों को दोषी पाते हुए धारा 304ए में आजीवन कारावास, धारा 498ए में 3-3 वर्ष व प्रत्येक पर पांच हजार अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की 50 फीसदी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।