फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Life giving rivers dying in the district

जिले में दम तोड़ रहीं जीवनदायिनी नदियां

Thu, 07 Apr 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
Life giving rivers dying in the district
सहारनपुर। जनपद में जीवनदायिनी नदियां दम तोड़ रही हैं। स्थिति यह है कि नदियां गंदगी से अटी पड़ी है। कुछ नदियों का जल जहरीला भी हो गया है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग बीमार भी हो चुके हैं। प्रशासन की अनदेखी और लोगों की लापरवाही इन नदियों को दूषित कर रही है। यही हालात रहे तो भविष्य में स्थित और ज्यादा खराब हो जाएगी। इसी पर प्रस्तुत है अमर उजाला की रिपोर्ट.....
विज्ञापन

पांवधोई और ढमोला नदी में गिर रहे गंदे नाले
शहर के बीचोबीच से निकल रही पांवधोई और ढमोला नदी में जगह-जगह पर गंदे नाले गिर रहे है। यहां पांवधोई ढमोला नदी से मिलती है, लेकिन दोनों ही नदियों में गंदगी के अंबार है। शहर का गंदा पानी इन नदियों में छोड़ा जा रहा है। यह स्थिति तब है, जब नगर निगम ने दो दशक में दस से अधिक बार अभियान चलाकर नदियों को साफ करने में करोड़ों खर्च किए गए। इसके बावजूद इन दोनों नदियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। हकीकतनगर निवासी दिलीप सचदेवा, लिंक रोड निवासी अशोक कुमार और खुमरानपुल निवासी अमित ढींगरा का कहना है कि कभी पांवधोई और ढमोला नदी निर्मल जल बहता था। प्रशासन ने अभियान तो चलाए, लेकिन नदियां साफ नहीं हो सकी।
विज्ञापन

प्रदूषण से घिरी हिंडन नदी बांट रहीं बीमारियां
पहाड़ों से स्वच्छ हिंडन नदी 75 किलोमीटर के सफर पर बड़गांव क्षेत्र में जहरीली हो गई है। नदी किनारे बसे गांवों में हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो रहा और पीला जल निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है। हिंडन को कभी जीवनदायिनी कहा जाता था, लेकिन उसका पानी अब जहरीला हो चुका है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है, कई फैक्टरियों और गांवों से दूषित पानी हिंडन नदी में छोड़ा जा रहा है, जो इस नदी को प्रदूषित करता है। हिंडन को स्वच्छ बनाने के लिए कई योजनाएं चली। एनजीटी के आदेश पर इसके किनारों को कब्जा मुक्त कराकर पौधरोपण भी किया गया, लेकिन बेहतर परिणाम नहीं निकले। भगवानपुर निवासी कान सिंह राणा का कहना है कि हिंडन नदी पानी इतना दूषित हो गया है कि पेड़ और खेत भी सूख जाते हैं। कोई व्यक्ति नदी के जल में भीगता है तो उसके शरीर पर गंभीर त्वचा रोग हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूखी पड़ी है कई नदियां
बेहट तहसील क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियों से कई नदियां निकलती हैं। इनमें सहंस्रा, मसखरा, सोलानी, गांगरोह और बादशाहीबाग व शाकंभरी देवी मंदिर के पास होकर निकलने वाली नदियां शामिल हैं, जो आगे जाकर हिंडन मिलती हैं। इन नदियों में बरसात के मौसम में ही पानी आता है। बाकी आठ महीने नदियां सूखी रहती है। कई जगहों पर नदियों पर कब्जे हुए हैं।
काली नदी का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर
गागलहेड़ी और नागल क्षेत्र के गांवों से होकर बहने वाली काली अस्तित्व खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। नदी की जगह पर कब्जे कर खेती भी जा रही है। इसके अलावा गांवों और फैक्टरियों का गंदा पानी नदी में डाला जाता है। इसकापुर निवासी जगदीश प्रसाद का कहना है कि कभी काली नदी का जल पीने लायक होता था और खेती के भी काम आता था, लेकिन नदी अब दयनीय स्थिति में है। इसको लेकर शासन-प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिएं। गांव मडकी निवासी वीरम सिंह का कहना है की उनके गांव के पास से काली नदी बहती थी, जो केवल अब याद बनकर रह गई है।

जिले की नदियों में सुधार लाने को समय-समय पर प्रयास किए गए हैं। इन नदियों को इनका पुराना स्वरूप दिलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को भी प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। लोगों की मदद से ही नदियों को साफ किया जा सकता है। इसके प्रति लोगों को जागरूक होना होगा।-------अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी

वीरम सिंह

वीरम सिंह- फोटो : SAHARANPUR

नागल क्षेत्र में प्रदूषित हुई काली नदी

नागल क्षेत्र में प्रदूषित हुई काली नदी- फोटो : SAHARANPUR

कान सिंह राणा

कान सिंह राणा- फोटो : SAHARANPUR

बड़गांव के महेशपुर गांव में बहती प्रदूषित हुई हिंडन नदी

बड़गांव के महेशपुर गांव में बहती प्रदूषित हुई हिंडन नदी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed