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Saharanpur News: पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में लाइसेंस निलंबित, तीन सदस्यीय टीम गठित
Tue, 28 Jul 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:19 AM IST
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सहारनपुर। चार दिन पहले गंगोह में हुए पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फैक्टरी का लाइसेंस प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। जांच में पाया गया कि फैक्टरी के अंदर मानक से ज्यादा भंडारण हो रहा था। अब जिलाधिकारी ने विस्फोट होने के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
24 जुलाई को गंगोह के गांव नया कुंडाबसी से करीब 300 मीटर दूर पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। हादसे में खरगोन जिले के ठेकेदार दीपराज और संदीप की मौत हो गई थी, जबकि आकाश और राहुल लापता हैं। गंगोह पुलिस ने फैक्टरी मालिक हसन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी जांच बैठा दी थी। रविवार को पुलिस ने दूधला रोड से गाजियाबाद निवासी फैक्टरी मालिक हसन को गिरफ्तार कर लिया था।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने फैक्टरी मामले की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जांच में पाया कि लाइसेंस पर फैक्टरी में 23 से 24 लोगों से काम कराया जा रहा था, जबकि मानक छह से सात लोगों के काम करने का है। इसके साथ ही फैक्टरी में भंडारण भी मानक से ज्यादा मिला। प्रशासन ने मानकों के उल्लंघन पर पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तीन सदस्य टीम भी गठित की है। इसमें एसडीएम नकुड़, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और सीओ गंगोह को शामिल किया है। यह टीम पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के कारणों की जांच करेंगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपेंगी।
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-- लापता मजदूरों का नहीं कोई पता
लापता मजदूरों का अभी तक कोई पता नहीं चला है। पुलिस लगातार फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों से बात कर रही है, लेकिन अभी तक राहुल और आकाश का कोई पता नहीं चल सका है।
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पटाखा फैक्टरी की चल रही जांच की रिपोर्ट आ गई है। पटाखा फैक्टरी में भंडारण मानक से ज्यादा और मजदूर लाइसेंस से ज्यादा काम कर रहे थे। इसी के चलते फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित किया गया है। तीन अधिकारियों की टीम बनाई गई है।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
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24 जुलाई को गंगोह के गांव नया कुंडाबसी से करीब 300 मीटर दूर पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। हादसे में खरगोन जिले के ठेकेदार दीपराज और संदीप की मौत हो गई थी, जबकि आकाश और राहुल लापता हैं। गंगोह पुलिस ने फैक्टरी मालिक हसन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी जांच बैठा दी थी। रविवार को पुलिस ने दूधला रोड से गाजियाबाद निवासी फैक्टरी मालिक हसन को गिरफ्तार कर लिया था।
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सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने फैक्टरी मामले की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जांच में पाया कि लाइसेंस पर फैक्टरी में 23 से 24 लोगों से काम कराया जा रहा था, जबकि मानक छह से सात लोगों के काम करने का है। इसके साथ ही फैक्टरी में भंडारण भी मानक से ज्यादा मिला। प्रशासन ने मानकों के उल्लंघन पर पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तीन सदस्य टीम भी गठित की है। इसमें एसडीएम नकुड़, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और सीओ गंगोह को शामिल किया है। यह टीम पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के कारणों की जांच करेंगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपेंगी।
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लापता मजदूरों का अभी तक कोई पता नहीं चला है। पुलिस लगातार फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों से बात कर रही है, लेकिन अभी तक राहुल और आकाश का कोई पता नहीं चल सका है।
पटाखा फैक्टरी की चल रही जांच की रिपोर्ट आ गई है। पटाखा फैक्टरी में भंडारण मानक से ज्यादा और मजदूर लाइसेंस से ज्यादा काम कर रहे थे। इसी के चलते फैक्टरी का लाइसेंस निलंबित किया गया है। तीन अधिकारियों की टीम बनाई गई है।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी