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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तेजी से बढ़ा लाइब्रेरी कल्चर
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विपिन
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। करीब एक साल से जनपद में लाइब्रेरी कल्चर तेजी से विकसित हुआ है। वर्तमान में अकेले शहर में एक दर्जन से अधिक लाइब्रेरी संचालित हैं, जिनमें ज्यादातर लाइब्रेरी कोर्ट रोड और दिल्ली रोड क्षेत्र में हैं। लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लाइब्रेरी संचालक युवाओं को केवल पढ़ाई का माहौल तैयार कर दे रहे हैं, जहां युवाओं का ज्यादातर समय बीत रहा है। पेश है लाइब्रेरी कल्चर को लेकर रिपोर्ट...
लाइब्रेरी में सुविधाएं
लाइब्रेरी में युवाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। बैठने के लिए फर्नीचर बुनियादी सुविधा है। इसके अलावा इंटरनेेट/वाईफाई और कंप्यूटर की सुविधा, कोचिंग की सुविधा, लॉकर की सुविधा, गर्मियों में एसी और सर्दियों में हीटर की सुविधा दे रहे हैं, जिससे युवा आराम से बैठकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
500 से 800 रुपये शुल्क
लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए युवाओं को तीन से पांच घंटे तक का समय दिया जा रहा है। इसकी एवज में लाइब्रेरी संचालक युवाओं से हर माह 500 रुपये से 800 रुपये तक वसूल रहे हैं। इससे एक ओर जहां युवाओं को बेहतर माहौल मिल रहा है, वहीं लाइब्रेरी खोलकर युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
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राजकीय पुस्तकालयों की हालत खराब
युवा पैसा खर्च कर निजी लाइब्रेरी की ओर भाग रहे हैं, जबकि शहर में राजकीय पुस्तकालयों की हालत खराब है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के गेट के बाहर स्थापित राजकीय पुस्तकालय में संसाधनों की कमी है, जिसकी वजह से प्रतिदिन मुश्किल से दस से 15 ही युवा पहुंचते हैं। इसके अलावा नगर निगम परिसर में बने पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी बनाने के नाम पर नगर निगम ने खाली कराकर बंद कर दिया है। पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी की दिशा में काम बंद है। जिसकी वजह से युवा करीब आठ माह से वहां भी नहीं जा पा रहे हैं।
युवाओं की बात
- नंदी फिरोजपुर निवासी विपिन कुमार एक लाइब्रेरी से यूपीएसआई की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों में ऐसा माहौल नहीं है। ऐसे में लाइब्रेरी ज्वाइन की हुई है, जहां अच्छा माहौल और सुविधाएं हैं।
- न्यू आवास विकास निवासी शिवम भी यूपीएसआई की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घरों में परिवार के साथ रहकर तैयारी नहीं हो पाती है। ऐसे में लाइब्रेरी बेहतर विकल्प है। लाइब्रेरी को लेकर लगातार क्रेज बढ़ रहा है।
- अभिषेक एसएससी जीडी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह लाइब्रेरी खुलने को अच्छा बताया है। उनका कहना है कि अपने ही घर के पास मामूली से शुल्क में अच्छा माहौल मिल रहा है। इससे बेहतर क्या हो सकता है।
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लाइब्रेरी में सुविधाएं
लाइब्रेरी में युवाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। बैठने के लिए फर्नीचर बुनियादी सुविधा है। इसके अलावा इंटरनेेट/वाईफाई और कंप्यूटर की सुविधा, कोचिंग की सुविधा, लॉकर की सुविधा, गर्मियों में एसी और सर्दियों में हीटर की सुविधा दे रहे हैं, जिससे युवा आराम से बैठकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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500 से 800 रुपये शुल्क
लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए युवाओं को तीन से पांच घंटे तक का समय दिया जा रहा है। इसकी एवज में लाइब्रेरी संचालक युवाओं से हर माह 500 रुपये से 800 रुपये तक वसूल रहे हैं। इससे एक ओर जहां युवाओं को बेहतर माहौल मिल रहा है, वहीं लाइब्रेरी खोलकर युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
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राजकीय पुस्तकालयों की हालत खराब
युवा पैसा खर्च कर निजी लाइब्रेरी की ओर भाग रहे हैं, जबकि शहर में राजकीय पुस्तकालयों की हालत खराब है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के गेट के बाहर स्थापित राजकीय पुस्तकालय में संसाधनों की कमी है, जिसकी वजह से प्रतिदिन मुश्किल से दस से 15 ही युवा पहुंचते हैं। इसके अलावा नगर निगम परिसर में बने पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी बनाने के नाम पर नगर निगम ने खाली कराकर बंद कर दिया है। पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी की दिशा में काम बंद है। जिसकी वजह से युवा करीब आठ माह से वहां भी नहीं जा पा रहे हैं।
युवाओं की बात
- नंदी फिरोजपुर निवासी विपिन कुमार एक लाइब्रेरी से यूपीएसआई की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों में ऐसा माहौल नहीं है। ऐसे में लाइब्रेरी ज्वाइन की हुई है, जहां अच्छा माहौल और सुविधाएं हैं।
- न्यू आवास विकास निवासी शिवम भी यूपीएसआई की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घरों में परिवार के साथ रहकर तैयारी नहीं हो पाती है। ऐसे में लाइब्रेरी बेहतर विकल्प है। लाइब्रेरी को लेकर लगातार क्रेज बढ़ रहा है।
- अभिषेक एसएससी जीडी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह लाइब्रेरी खुलने को अच्छा बताया है। उनका कहना है कि अपने ही घर के पास मामूली से शुल्क में अच्छा माहौल मिल रहा है। इससे बेहतर क्या हो सकता है।

शिवम- फोटो : SAHARANPUR