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Saharanpur: तारों के बाड़ में फंसा तेंदुआ, पांच घंटे की मशक्कत के बाद बचाया
Wed, 18 Sep 2024 04:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 18 Sep 2024 04:27 PM IST
सार
सहारनपुर जनपद के शिवालिक जंगल से निकला तेंदुआ रिहायशी इलाके की तरफ आते हुए गांव शेरपुर पेलो के पास एक निजी फार्म की तारबाड़ में फंस गया।
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शेरपुर पेलो गांव के पास कटीले तारों में फंसा तेंदुआ का पंजा। स्त्रोत वन विभाग
विस्तार
सहारनपुर जनपद के शिवालिक जंगल से निकला तेंदुआ रिहायशी इलाके की तरफ आते हुए गांव शेरपुर पेलो के पास एक निजी फार्म की तारबाड़ में फंस गया। उसके दहाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीम ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को बचाया।
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सोमवार दोपहर बाद शेरपुर पेलो के पास ग्रामीणों को एक तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी। इसके बाद ग्रामीण खेतों की तरफ गए। वहां पर एक तेंदुआ फार्म की तारबाड़ में फंसा हुआ था। जिसे देखकर वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई।
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डीएफओ श्वेता सेन, एसडीओ सामाजिक संवेदना चौहान व एसडीओ शिवालिक राकेश चंद्रा मौके पर पहुंचे। मेरठ से भी टीम पहुंची। तेंदुए का एक पंजा कंटीले तारों में बुरी तरह से जकड़ा हुआ था, जिस कारण तेंदुआ जख्मी हो गया था।
वन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय को सूचना दी, जिसके बाद पूरी टीम वहां पहुंच गई। टीम ने पहले तेंदुए को बेहोश किया और फिर तारों को काटकर उसको बाहर निकाला। इन सारी प्रक्रिया में करीब पांच घंटे लग गए। जख्मी तेंदुए का उपचार कराया जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय को सूचना दी, जिसके बाद पूरी टीम वहां पहुंच गई। टीम ने पहले तेंदुए को बेहोश किया और फिर तारों को काटकर उसको बाहर निकाला। इन सारी प्रक्रिया में करीब पांच घंटे लग गए। जख्मी तेंदुए का उपचार कराया जा रहा है।
डीएफओ श्वेता सेन ने बताया कि तेंदुए को बचा लिया गया है। किसानों से भी अपील है कि इस तरह के कटीले तार न लगाएं, जो जानवरों के लिए खतरा न जाए। तेंदुए को आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
कई माह से देखा जा रहा तेंदुआ
जिले में पिछले कई माह से लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है। अंबेहटा क्षेत्र के एक गांव में बच्चे पर भी हमला भी कर दिया था, उसके चाचा ने हौसला दिखाते हुए तेंदुए से छुड़ाया था। हालांकि उसमें चाचा-भतीजा जख्मी हो गए थे। इसके अलावा भी कई स्थानों पर तेंदुआ देखा जा चुका है।
कई माह से देखा जा रहा तेंदुआ
जिले में पिछले कई माह से लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है। अंबेहटा क्षेत्र के एक गांव में बच्चे पर भी हमला भी कर दिया था, उसके चाचा ने हौसला दिखाते हुए तेंदुए से छुड़ाया था। हालांकि उसमें चाचा-भतीजा जख्मी हो गए थे। इसके अलावा भी कई स्थानों पर तेंदुआ देखा जा चुका है।