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Saharanpur News: तेंदुए ने हमला कर गाय को मार डाला, ग्रामीणों में दहशत
Thu, 28 Mar 2024 03:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 28 Mar 2024 03:34 AM IST
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बेहट। शिवालिक वन प्रभाग की माेहंड वन रेंज क्षेत्र के कालूवाला पहाड़ीपुर उर्फ जहानपुर में तेंदुए ने पशुशाला में गाय पर हमला कर उसे मार डाला। गाय को बचाने के दौरान तेंदुए ने किसान पर भी हमला किया, जिसमें वह बच गया।
गांव कालूवाला पहाड़ीपुर निवासी अनिल पुत्र बलजीत की गांव की आबादी से बाहर पशुशाला है। मंगलवार रात पशुशाला में तेंदुआ घुस आया और उसने गाय पर हमला कर दिया। गाय की छटपटाहट सुनकर पशुशाला में ही सो रहे अनिल की आंख खुल गई। उसने शोर मचाते हुए तेंदुए से गाय को बचाने का प्रयास किया, तो उसने अनिल पर भी हमला किया, जिसमें उसने अपने आप को किसी तरह बचा लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ से डरकर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन चार दिन से तेंदुआ खेतों में घूम रहा है।
जांच के लिए टीम भेजी गई थी। हमला तेंदुए ने किया है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। प्रथम दृष्टया मौके पर मिले पदचिह्न भी तेंदुए के नहीं लग रहे है। यदि तेंदुआ होता तो पशुशाला में और भी मवेशी बंधे थे, वह उन पर भी हमला करता। हमलावर जानवर ने गाय के मुंह को खाया है। तेंदुआ गर्दन पर हमला कर श्वास नली को तोड़ता है।
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- एमके बलौदी, वन क्षेत्राधिकारी
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गांव कालूवाला पहाड़ीपुर निवासी अनिल पुत्र बलजीत की गांव की आबादी से बाहर पशुशाला है। मंगलवार रात पशुशाला में तेंदुआ घुस आया और उसने गाय पर हमला कर दिया। गाय की छटपटाहट सुनकर पशुशाला में ही सो रहे अनिल की आंख खुल गई। उसने शोर मचाते हुए तेंदुए से गाय को बचाने का प्रयास किया, तो उसने अनिल पर भी हमला किया, जिसमें उसने अपने आप को किसी तरह बचा लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ से डरकर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन चार दिन से तेंदुआ खेतों में घूम रहा है।
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जांच के लिए टीम भेजी गई थी। हमला तेंदुए ने किया है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। प्रथम दृष्टया मौके पर मिले पदचिह्न भी तेंदुए के नहीं लग रहे है। यदि तेंदुआ होता तो पशुशाला में और भी मवेशी बंधे थे, वह उन पर भी हमला करता। हमलावर जानवर ने गाय के मुंह को खाया है। तेंदुआ गर्दन पर हमला कर श्वास नली को तोड़ता है।
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- एमके बलौदी, वन क्षेत्राधिकारी