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150 साल पुरानी कहानी जानी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Oct 2016 01:18 AM IST
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गांधी पार्क मंे आयोजित पुस्तक मेले में जानकारी लेती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर पुस्तक मेला के तहत हेंस क्रिश्चियंस एंडरसन की प्रसिद्ध रचना द एंपरर्स न्यू क्लॉथ पर आधारित कथानक अनोखे वस्त्र का कठपुतली नृत्य के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। इशारा पपेट थियेटर नई दिल्ली की ओर से जनमंच प्रेक्षागृह में आयोजित इस शो में डेढ़ सौ साल पुुरानी कहानी को बेहद प्रभावी और रोचक ढंग से पेश किया गया।
कठपुतलियों के माध्यम से बताया गया कि किस तरह एक बच्चा सच बोलने का साहस करता है। यह कहानी बताती है कि इस चापलूस और बनावटी दुनिया में सच बोलना कितना कठिन है। प्रस्तुति में अभिनय, आवाज और रोशनी का अनूठा सामंजस्य दिखा।
आयोजकों ने बताया कि शो का मंचन कई देशों में हो चुका है। कठपुतलियों के मुखोटे अनिल सक्सेना ने पूरण भट की मदद से तैयार किए थे। आवाज आरएस शेल्के, आशा चंद्रा, जोगी अनिता सिंह की थीं। पटकथा लेख आशा चंद्रा और आरएस शेल्के का रहा। निदेशक प्रख्यात पपेटियर पद्मश्री दादी पदुमजी थीं।
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सोशल मीडिया के महत्व बताए
मुंबई से आए चर्चित कार्टूनिस्ट और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट असीम त्रिवेदी ने गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर साहित्य और सक्रियता पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी, उसके महत्व और नुकसान को भी बताया।
बच्चों ने की पुस्तकों की समीक्षा
मेले के तहत शुक्रवार को मेला स्थल पर बच्चों ने पुस्तकों की समीक्षा की। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रख्यात बाल साहित्यकार कृष्ण शलभ ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। प्रतियोगिता में बच्चों ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विंग्स ऑफ फायर, हेलन किलर की ऑटो बायोग्राफी, हेरी पॉटर की पर्सी जेक्सन की पुस्तकों पर प्रकाश डाला। अदीति ने पहला, पंखुडी ने दूसरा तथा आरफा ने तीसरा स्थान पाया। कार्तिक और चित्रांगना को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। पुरस्कार वितरण 23 अक्तूबर की शाम होगा।
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कठपुतलियों के माध्यम से बताया गया कि किस तरह एक बच्चा सच बोलने का साहस करता है। यह कहानी बताती है कि इस चापलूस और बनावटी दुनिया में सच बोलना कितना कठिन है। प्रस्तुति में अभिनय, आवाज और रोशनी का अनूठा सामंजस्य दिखा।
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आयोजकों ने बताया कि शो का मंचन कई देशों में हो चुका है। कठपुतलियों के मुखोटे अनिल सक्सेना ने पूरण भट की मदद से तैयार किए थे। आवाज आरएस शेल्के, आशा चंद्रा, जोगी अनिता सिंह की थीं। पटकथा लेख आशा चंद्रा और आरएस शेल्के का रहा। निदेशक प्रख्यात पपेटियर पद्मश्री दादी पदुमजी थीं।
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सोशल मीडिया के महत्व बताए
मुंबई से आए चर्चित कार्टूनिस्ट और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट असीम त्रिवेदी ने गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर साहित्य और सक्रियता पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी, उसके महत्व और नुकसान को भी बताया।
बच्चों ने की पुस्तकों की समीक्षा
मेले के तहत शुक्रवार को मेला स्थल पर बच्चों ने पुस्तकों की समीक्षा की। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रख्यात बाल साहित्यकार कृष्ण शलभ ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। प्रतियोगिता में बच्चों ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विंग्स ऑफ फायर, हेलन किलर की ऑटो बायोग्राफी, हेरी पॉटर की पर्सी जेक्सन की पुस्तकों पर प्रकाश डाला। अदीति ने पहला, पंखुडी ने दूसरा तथा आरफा ने तीसरा स्थान पाया। कार्तिक और चित्रांगना को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। पुरस्कार वितरण 23 अक्तूबर की शाम होगा।