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कुंआ खेड़ा के संगम पर लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:35 AM IST
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ग्राम कुंआ खेड़ा में स्थित गंगा-यमुना के पवित्र संगम में कार्तिक मास की पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने स्नान, दीपदान, यज्ञ कर पुण्य कमाया। वहीं संगम स्थल पर हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन की बेरुखी श्रृद्धालुओं को जमकर खली।
बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक महत्व के दृष्टिगत काफी संख्या में पहुंचे श्रृद्धालुओं ने मां गंगा की आरती की और हर-हर गंगे के जयघोष से संगम स्थल पर डुबकी लगाई। श्रृद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर फूल, दीए तथा पैसे संगम में प्रवाहित कर सुख समृद्धि की मनोकामना मांगी।
मंदिरों में कार्तिकेय की पूजा हुई
सुबह से ही मंदिरों में महिलाएं और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें रही। यहां भगवान कार्तिकेय को तेल से नहलाकर उन्हें प्रसन्न किया गया तथा उनसे मन्नतें मांगी गई। नगर के सरावज्ञान स्थित सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, गंगोह रोड स्थित शिव मंदिर, कृष्णलीला चौक स्थित दुर्गा मंदिर के अलावा नगर के अन्य मंदिरों में भारी भीड़ रही। जहां हवन-पूजन किया गया।
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सुविधाओं से श्रद्धालुगण रहे वंचित
लगभग सात वर्ष पूर्व ग्राम कुंआखेड़ा में संगम बना तो क्षेत्रवासियों ने सोचा था कि अब हरिद्वार या इलाहाबाद जाने की आवश्यकता कम ही रह गई है। लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बेरुखी के चलते यहां कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। महिलाओं के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हुई। इतना ही नहीं बसों से यात्रा कर संगम पर नहाने आने वाले श्रृद्धालुओं को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से करीब छह किमी की दूरी पैदल चलकर या डग्गामार वाहन से तय करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा संगम स्थल पर श्रृद्धालुओं को लाने व ले जाने वाले वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक महत्व के दृष्टिगत काफी संख्या में पहुंचे श्रृद्धालुओं ने मां गंगा की आरती की और हर-हर गंगे के जयघोष से संगम स्थल पर डुबकी लगाई। श्रृद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर फूल, दीए तथा पैसे संगम में प्रवाहित कर सुख समृद्धि की मनोकामना मांगी।
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मंदिरों में कार्तिकेय की पूजा हुई
सुबह से ही मंदिरों में महिलाएं और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें रही। यहां भगवान कार्तिकेय को तेल से नहलाकर उन्हें प्रसन्न किया गया तथा उनसे मन्नतें मांगी गई। नगर के सरावज्ञान स्थित सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, गंगोह रोड स्थित शिव मंदिर, कृष्णलीला चौक स्थित दुर्गा मंदिर के अलावा नगर के अन्य मंदिरों में भारी भीड़ रही। जहां हवन-पूजन किया गया।
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सुविधाओं से श्रद्धालुगण रहे वंचित
लगभग सात वर्ष पूर्व ग्राम कुंआखेड़ा में संगम बना तो क्षेत्रवासियों ने सोचा था कि अब हरिद्वार या इलाहाबाद जाने की आवश्यकता कम ही रह गई है। लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बेरुखी के चलते यहां कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। महिलाओं के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हुई। इतना ही नहीं बसों से यात्रा कर संगम पर नहाने आने वाले श्रृद्धालुओं को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से करीब छह किमी की दूरी पैदल चलकर या डग्गामार वाहन से तय करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा संगम स्थल पर श्रृद्धालुओं को लाने व ले जाने वाले वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं की गई।