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कार्यकर्ताओं को नाम से जानते थे कल्याण सिंह

Sun, 22 Aug 2021 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 11:27 PM IST
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Kalyan Singh knew the workers by name
कार्यकर्ताओं को नाम से जानते थे कल्याण सिंह
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सहारनपुर। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से उनके समर्थकों में शोक की लहर है। सहारनपुर से कल्याण सिंह का गहरा नाता रहा है। वह कई बार सहारनपुर आए। उनकी खासियत यह थी कि वह एक-एक कार्यकर्ता को नाम से जानते थे।
लेबर कॉलोनी निवासी केसी वालिया कल्याण सिंह के बेहद नजदीकी रहे हैं। वह कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। कल्याण सिंह कई बार केसी वालिया के घर भी आए हैं। अंतिम बार वह उनके पुत्र की शादी में आए थे। केसी वालिया ने बताया कि कल्याण सिंह एक-एक कार्यकर्ता को नाम से जानते थे। वह जब सहारनपुर आते थे, तो कार्यकर्ताओं को नाम लेकर पुकारते थे और अपने पास बुलाकर हालचाल पूछा करते थे। एक बार किसी से मिल लेते थे, तो उसका नाम नहीं भूलते थे।
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जब नाम लेकर पुकारा तो रह गए थे दंग
भाजपा से पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि कल्याण सिंह कार्यकर्ताओं से राजनीति को लेकर सलाह करते थे। 1988 में वह आरएसएस के नगर कार्यवाह थे। तब, कल्याण सिंह से उनकी पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी। तब, वह एक वरिष्ठ नेता के लिए पार्टी पदाधिकारियों के साथ टिकट मांगने गए थे। मुलाकात के दौरान वह तब दंग रह गए, जब कल्याण सिंह ने उनका नाम लेकर पुकारा और उनका टिकट ही फाइनल कर दिया। कल्याण सिंह पहले से उनके बारे में अच्छी तरह जानते थे। उसके बाद ऐसे कई मौके आए, जब अन्य राजनीतिक दलों से नेताओं ने भाजपा सदस्यता लेने की इच्छा जताई, तो कल्याण सिंह ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को लखनऊ या दिल्ली बुलाकर पहले सलाह की।
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जब की थी दस सभाएं
भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा ने बताया कि वर्ष 1991 में कल्याण सिंह ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में कई बार एक दिन में आठ से दस सभाएं की थीं। तब वह थक गए थे। इसलिए रात्रि विश्राम सहारनपुर में किया था।

डकैती के खुलासे के लिए खुद ली थी दिलचस्पी
केसी वालिया बताते हैं कि 1991 में उनके घर डकैती पड़ी थी। तब, पहली बार उनकी मुलाकात कल्याण सिंह से हुई, तब वह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी कल्याण सिंह को दी थी। वारदात के खुलासे के लिए उन्होंने खुद दिलचस्पी ली थी और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे। तब, पुलिस ने डकैती डालने वाले बदमाशों को मुठभेेड़ के दौरान एनकाउंटर में मार गिराया था।
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