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जाम-अतिक्रमण पर कमिश्नर सख्त
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:11 AM IST
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बैठक लेते कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर शहर में लगने वाले जाम और अतिक्रमण को लेकर कमिश्नर ने सख्त रुख अपना लिया है। कमिश्नर ने बुधवार को डीआईजी, डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारियों के साथ बैठक कर मंथन किया।
बस अड्डे को शहर से बाहर ले जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। इसके अलावा शहर भर में जगह-जगह हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें नगरायुक्त समेत अनेक अधिकारी शामिल किए गए हैं।
जाम और अतिक्रमण को लेकर कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने बुधवार की सुबह दस बजे अपने कार्यालय में बैठक की। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए कि वह डीएम से संपर्क कर रोडवेज बस अड्डे के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करते हुए प्रस्ताव तैयार कर डीएम के माध्यम से उपलब्ध कराएं।
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यह भी कहा कि बस अड्डे के लिए जमीन दिल्ली रोड पर दिल्ली-यमुनोत्री बाईपास के पास तलाशी जाए। शहर के प्रमुुख चौराहों और मार्गों पर अतिक्रमण को चिन्हित किए जाने के लिए नगरायुक्त ओपी वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
इसमें एसपी ट्रैफिक, सिटी मजिस्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हैं।
समिति को निर्देश दिए हैं कि वह 23 मार्च को सुबह दस बजे नगरायुक्त कार्यालय में बैठक कर 23 मार्च से ही अतिक्रमण को चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार कर सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही, डीएम शफकत कमाल, एसएसपी लव कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, एसडीए के वीसी वेदप्रकाश सिंह, नगरायुक्त ओपी वर्मा, एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक जेएन सिन्हा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पीके गर्ग, ओपी सिंह समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने अधिकारियों को शॉर्ट टर्म और लांग टर्म विकास के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि वर्तमान में हम कम से कम समय में शहरवासियों को क्या सुविधाएं दे सकते हैं, इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अलावा आने वाले समय में हम क्या बेहतर कर सकते हैं इसका अलग से प्रस्ताव बने।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने का असर अधिकारियों के व्यवहार में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के शपथ लेने के दिन से अधिकारी सक्रिय हो चले हैं। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने मंगलवार को पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि सरकार बदली है जिसका असर काम में नजर आना चाहिए।
अगले ही दिन बुधवार को डीआईजी, डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारियों के साथ पुन: बैठक कर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उधर, डीएम ने भी विकास भवन में कई योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की।
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बस अड्डे को शहर से बाहर ले जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। इसके अलावा शहर भर में जगह-जगह हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें नगरायुक्त समेत अनेक अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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जाम और अतिक्रमण को लेकर कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने बुधवार की सुबह दस बजे अपने कार्यालय में बैठक की। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए कि वह डीएम से संपर्क कर रोडवेज बस अड्डे के लिए उपयुक्त भूमि का चयन करते हुए प्रस्ताव तैयार कर डीएम के माध्यम से उपलब्ध कराएं।
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यह भी कहा कि बस अड्डे के लिए जमीन दिल्ली रोड पर दिल्ली-यमुनोत्री बाईपास के पास तलाशी जाए। शहर के प्रमुुख चौराहों और मार्गों पर अतिक्रमण को चिन्हित किए जाने के लिए नगरायुक्त ओपी वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
इसमें एसपी ट्रैफिक, सिटी मजिस्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हैं।
समिति को निर्देश दिए हैं कि वह 23 मार्च को सुबह दस बजे नगरायुक्त कार्यालय में बैठक कर 23 मार्च से ही अतिक्रमण को चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार कर सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही, डीएम शफकत कमाल, एसएसपी लव कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, एसडीए के वीसी वेदप्रकाश सिंह, नगरायुक्त ओपी वर्मा, एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक जेएन सिन्हा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पीके गर्ग, ओपी सिंह समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने अधिकारियों को शॉर्ट टर्म और लांग टर्म विकास के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि वर्तमान में हम कम से कम समय में शहरवासियों को क्या सुविधाएं दे सकते हैं, इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अलावा आने वाले समय में हम क्या बेहतर कर सकते हैं इसका अलग से प्रस्ताव बने।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने का असर अधिकारियों के व्यवहार में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के शपथ लेने के दिन से अधिकारी सक्रिय हो चले हैं। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने मंगलवार को पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि सरकार बदली है जिसका असर काम में नजर आना चाहिए।
अगले ही दिन बुधवार को डीआईजी, डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारियों के साथ पुन: बैठक कर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उधर, डीएम ने भी विकास भवन में कई योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की।