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आदर्श पोषण वाटिका निर्माण कर की नजीर पेश
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पोषण वाटिका में कार्य करती जुनैबा
- फोटो : SAHARANPUR
जुनैबा की आदर्श पोषण वाटिका आंगनबाड़ियों के लिए बनी नजीर
सहारनपुर। एक तरफ जहां कुपोषण और एनीमिया को दूर करने को लेकर सरकारी स्तर पर तमाम कवायद के बावजूद सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं, मोहद्दीपुर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुनैबा ने अपनी आदर्श पोषण वाटिका बनाकर अन्य आंगनबाड़ियों के लिए मिसाल पेश की है। इस पोषण वाटिका की तैयार सब्जियों से जुनैबा ने एनीमिया से पीड़ित 13 किशोरियों की सेहत में सुधार लाकर उन्हें स्वस्थ जीवन जीने की उम्मीद जगा दी है। वहीं, शुष्क पोषहार वितरण 191 केंद्र पर अब दाल तक नहीं पहुंची।
जिले 3410 आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका बनाई गई है। वर्तमान में 1135 पोषण वाटिका हैं लेकिन इनमें से पुवांरका के मोहद्दीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुनैबा ने अपनी पोषण वाटिका की अलग पहचान कायम की है। जुनैबा ने वाटिका में पालक, सरसों, मेथी, आलू, मूली, बैंगन, फलियां, टमाटर के अलावा अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां उगाकर रोज एनीमिया से पीड़ित छात्राओं को पहुंचाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार ला दिया है। इनमें एनीमिया पीड़ित गुड़िया, रानी, फिजा, आईशा, शबनम, हुुमैरा, रजिया, सानिया, शमा, इकरा, सोफिया, रूबी, सिफा, वंशिका भी शामिल है। जनैबा ने इन पीड़ितों की थाली तक प्रतिदिन हरी सब्बियां पहुंचाकर उनकी थाली तक इन किशोरियों के उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया है। इसकी चिकित्सका जांच में पुष्टि हुई है।
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कम हुआ, खत्म नहंी हुआ कुपोषण
वर्ष ---- कुपोषित ----- अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2017 ------ 52410 --------- 18105
2018 ------ 41869 ---------- 12547
2019 ------ 33825 ----------- 6910
2020 ------ 21315 ---------- 4375
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-- जिले में वर्तमान में गर्भवती महिलाओं की संख्या 27 हजार है।
-- एनीमिया पीड़ित किशोरियों की संख्या 2164 है।
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मोहद्दीनपुर में जुनैवा ने आदर्श पोषण वाटिका निर्माण किया है। इसको लेकर विभाग ने सम्मान के लिए शासन को जुनैवा का नाम भेजा है। इस पोषण वाटिका से सार्थक परिणाम सामने आए हैं।
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-आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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सहारनपुर। एक तरफ जहां कुपोषण और एनीमिया को दूर करने को लेकर सरकारी स्तर पर तमाम कवायद के बावजूद सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं, मोहद्दीपुर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुनैबा ने अपनी आदर्श पोषण वाटिका बनाकर अन्य आंगनबाड़ियों के लिए मिसाल पेश की है। इस पोषण वाटिका की तैयार सब्जियों से जुनैबा ने एनीमिया से पीड़ित 13 किशोरियों की सेहत में सुधार लाकर उन्हें स्वस्थ जीवन जीने की उम्मीद जगा दी है। वहीं, शुष्क पोषहार वितरण 191 केंद्र पर अब दाल तक नहीं पहुंची।
जिले 3410 आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका बनाई गई है। वर्तमान में 1135 पोषण वाटिका हैं लेकिन इनमें से पुवांरका के मोहद्दीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुनैबा ने अपनी पोषण वाटिका की अलग पहचान कायम की है। जुनैबा ने वाटिका में पालक, सरसों, मेथी, आलू, मूली, बैंगन, फलियां, टमाटर के अलावा अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां उगाकर रोज एनीमिया से पीड़ित छात्राओं को पहुंचाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार ला दिया है। इनमें एनीमिया पीड़ित गुड़िया, रानी, फिजा, आईशा, शबनम, हुुमैरा, रजिया, सानिया, शमा, इकरा, सोफिया, रूबी, सिफा, वंशिका भी शामिल है। जनैबा ने इन पीड़ितों की थाली तक प्रतिदिन हरी सब्बियां पहुंचाकर उनकी थाली तक इन किशोरियों के उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया है। इसकी चिकित्सका जांच में पुष्टि हुई है।
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कम हुआ, खत्म नहंी हुआ कुपोषण
वर्ष ---- कुपोषित ----- अति कुपोषित बच्चों की संख्या
2017 ------ 52410 --------- 18105
2018 ------ 41869 ---------- 12547
2019 ------ 33825 ----------- 6910
2020 ------ 21315 ---------- 4375
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-- जिले में वर्तमान में गर्भवती महिलाओं की संख्या 27 हजार है।
-- एनीमिया पीड़ित किशोरियों की संख्या 2164 है।
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मोहद्दीनपुर में जुनैवा ने आदर्श पोषण वाटिका निर्माण किया है। इसको लेकर विभाग ने सम्मान के लिए शासन को जुनैवा का नाम भेजा है। इस पोषण वाटिका से सार्थक परिणाम सामने आए हैं।
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-आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी