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जाट आरक्षण आंदोलन से जिंदगी ठिठकी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:07 AM IST
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हरियाणा में जाट आरक्षण के समर्थन में भड़की हिंसा का असर यहां भी काफी पड़ा है। मुख्य रूप से मार्ग जाम होने और ट्रेनों के कैंसिल होने से यात्री बेबस हैं।
आलम यह है कि तीन दिन से स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के स्थान पर मालगाड़ियों का प्लेटफार्मों पर कब्जा है। सामान्य दिनों में जहां पूरे दिन में ही आठ से दस मालगाड़ियों को स्टेशन से गुजारा जाता था, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 30 से 40 तक पहुंच गई है।
मंगलवार को नजारा और भी हैरान करने वाला रहा। दोपहर एक से तीन बजे के बीच स्टेशन पर ऐसे हालात बन गए कि सभी प्लेटफार्म मालगाड़ियों से ब्लॉक नजर आए।
प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन चार से लेकर पांच तक भी मालगाड़ियों के बीच इधर उधर भटक रहे यात्री यही इंतजार करते रहे कि उनकी यात्री ट्रेनें कब नजर आएंगी। कुछ यात्रियों ने बताया कि मालगाड़ियों की वजह से एक प्लेटफार्म से दूसरे तक जाने में भी अब बहुत दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि मालगाड़ियां काफी लंबी है, उन्हें पूरा क्रॉस करने के बाद ही घूमकर दूसरी जगह तक जाना पड़ रहा है।
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रेलवे के कुछ अफसरों ने ही बताया कि पहले जहां कार्यालयों में बैठकर ही यात्री गाड़ियों को आपरेट करा पा रहे थे, वहीं उन्हें अब धूप में लाइनों पर खड़ा होकर मालगाडिय़ों के कारण लगने वाला ब्लॉक कवर कराना पड़ता है।
लाइन और ट्रैक पर लोड को देखते हुए ही यात्री गाडिय़ों को निकलवाया जा रहा है। उन्होंने माना कि अधिकतर यात्री गाड़ियों का संचालन मालगाड़ियों के कारण ही बाधित हो रहा है।
पूछताछ कक्ष में पूछ रहे-ये मालगाड़ियां कब हटेंगी
सामान्य तौर पर पूछता छ कक्ष में मुसाफिर यात्री गाड़ियों के आने के समय और उसके प्लेटफार्म के बारे में पूछते नजर आए। मगर, मालगाड़ियों के ओवरलोड से परेशान यात्री अब यह भी पूछ रहे हैं कि प्लेटफार्म से मालगाड़ियां कब हटेंगी। मगर इसका जवाब पूछताछ कक्ष पर भी नहीं मिल रहा है।
हरियाणा को राहत देने के लिए यूपी में झेल रहे आफत
रेलवे सूत्रों ने बताया कि जाट आंदोलन के कुछ धीमा पड़ने के बाद उत्तर रेलवे की प्राथमिकता हरियाणा के प्रभावित स्टेशनों पर यात्री गाड़ियों का संचालन सुचारु करने और बीच रास्तों में फंसी मालगाड़ियों के सामान को आर्डर वाले स्थलों तक प्राथमिकता से भिजवाने की है। इसके चलते ही हरियाणा के हिस्सों में राहत देने के लिए यूपी के कुछ हिस्सों में यात्रियों को आफत से गुजरना पड़ रहा है।
कैंसिल ट्रेनों की टेंशन में स्पेशल ट्रेनों की सौगात
जाट आंदोलन के असर और मालगाड़ियों के ओवरलोड के बीच सोमवार को भी 51914 सहारनपुर पैसेंजर, 51910 सहारनपुर दिल्ली पैसेंजर, 14546 जनता एक्सप्रेस, 54541 मेरठ अंबाला पैसेंजर, 54304 कालका पैसेंजर, 14645 जनता एक्सप्रेस, 14682 जालंधर नई दिल्ली सुपरफास्ट जैसी ट्रेनें कैंसिल रहीं।
दूसरी ओर, कैंसिल ट्रेनों की टेंशन के बीच रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के रूप में कुछ सौगात दी है। इनमें 04908 चंडीगढ़ दिल्ली स्पेशल, 04902 जम्मू दिल्ली स्पेशल, 04904 कटरा नई दिल्ली स्पेशल, 02413 दिल्ली जम्मू स्पेशल सहित अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है।
यात्रियों की मुसीबत के साथ लाखों की चपत
जाट आंदोलन के असर के कारण लगातार ट्रेनें कैंसिल होने, रूट बाधित होने से गाड़ियों के घंटों देरी से पहुंचने के चलते यात्रियों की मुसीबत के साथ ही स्थानीय रेलवे को अब तक 15 लाख रुपये से अधिक के राजस्व की चपत लग चुकी है। अब तक 500 से अधिक यात्रियों के स्थानीय आरक्षण केंद्र से आरक्षित टिकट रिफंड कराए जा चुके हैं।
लोड कम होने पर मिलेगी राहत ःवरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक जवाहर सिंह भी मानते हैं कि अभी मालगाड़ियों का लोड कम नहीं हुआ है। इसके कम होने पर ही ट्रेनों के संचालन में यात्रियों को राहत मिलेगी। उम्मीद है कि एक दो दिन की दिक्कत के बाद कुछ राहत मिले।
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आलम यह है कि तीन दिन से स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के स्थान पर मालगाड़ियों का प्लेटफार्मों पर कब्जा है। सामान्य दिनों में जहां पूरे दिन में ही आठ से दस मालगाड़ियों को स्टेशन से गुजारा जाता था, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 30 से 40 तक पहुंच गई है।
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मंगलवार को नजारा और भी हैरान करने वाला रहा। दोपहर एक से तीन बजे के बीच स्टेशन पर ऐसे हालात बन गए कि सभी प्लेटफार्म मालगाड़ियों से ब्लॉक नजर आए।
प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन चार से लेकर पांच तक भी मालगाड़ियों के बीच इधर उधर भटक रहे यात्री यही इंतजार करते रहे कि उनकी यात्री ट्रेनें कब नजर आएंगी। कुछ यात्रियों ने बताया कि मालगाड़ियों की वजह से एक प्लेटफार्म से दूसरे तक जाने में भी अब बहुत दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि मालगाड़ियां काफी लंबी है, उन्हें पूरा क्रॉस करने के बाद ही घूमकर दूसरी जगह तक जाना पड़ रहा है।
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रेलवे के कुछ अफसरों ने ही बताया कि पहले जहां कार्यालयों में बैठकर ही यात्री गाड़ियों को आपरेट करा पा रहे थे, वहीं उन्हें अब धूप में लाइनों पर खड़ा होकर मालगाडिय़ों के कारण लगने वाला ब्लॉक कवर कराना पड़ता है।
लाइन और ट्रैक पर लोड को देखते हुए ही यात्री गाडिय़ों को निकलवाया जा रहा है। उन्होंने माना कि अधिकतर यात्री गाड़ियों का संचालन मालगाड़ियों के कारण ही बाधित हो रहा है।
पूछताछ कक्ष में पूछ रहे-ये मालगाड़ियां कब हटेंगी
सामान्य तौर पर पूछता छ कक्ष में मुसाफिर यात्री गाड़ियों के आने के समय और उसके प्लेटफार्म के बारे में पूछते नजर आए। मगर, मालगाड़ियों के ओवरलोड से परेशान यात्री अब यह भी पूछ रहे हैं कि प्लेटफार्म से मालगाड़ियां कब हटेंगी। मगर इसका जवाब पूछताछ कक्ष पर भी नहीं मिल रहा है।
हरियाणा को राहत देने के लिए यूपी में झेल रहे आफत
रेलवे सूत्रों ने बताया कि जाट आंदोलन के कुछ धीमा पड़ने के बाद उत्तर रेलवे की प्राथमिकता हरियाणा के प्रभावित स्टेशनों पर यात्री गाड़ियों का संचालन सुचारु करने और बीच रास्तों में फंसी मालगाड़ियों के सामान को आर्डर वाले स्थलों तक प्राथमिकता से भिजवाने की है। इसके चलते ही हरियाणा के हिस्सों में राहत देने के लिए यूपी के कुछ हिस्सों में यात्रियों को आफत से गुजरना पड़ रहा है।
कैंसिल ट्रेनों की टेंशन में स्पेशल ट्रेनों की सौगात
जाट आंदोलन के असर और मालगाड़ियों के ओवरलोड के बीच सोमवार को भी 51914 सहारनपुर पैसेंजर, 51910 सहारनपुर दिल्ली पैसेंजर, 14546 जनता एक्सप्रेस, 54541 मेरठ अंबाला पैसेंजर, 54304 कालका पैसेंजर, 14645 जनता एक्सप्रेस, 14682 जालंधर नई दिल्ली सुपरफास्ट जैसी ट्रेनें कैंसिल रहीं।
दूसरी ओर, कैंसिल ट्रेनों की टेंशन के बीच रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के रूप में कुछ सौगात दी है। इनमें 04908 चंडीगढ़ दिल्ली स्पेशल, 04902 जम्मू दिल्ली स्पेशल, 04904 कटरा नई दिल्ली स्पेशल, 02413 दिल्ली जम्मू स्पेशल सहित अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है।
यात्रियों की मुसीबत के साथ लाखों की चपत
जाट आंदोलन के असर के कारण लगातार ट्रेनें कैंसिल होने, रूट बाधित होने से गाड़ियों के घंटों देरी से पहुंचने के चलते यात्रियों की मुसीबत के साथ ही स्थानीय रेलवे को अब तक 15 लाख रुपये से अधिक के राजस्व की चपत लग चुकी है। अब तक 500 से अधिक यात्रियों के स्थानीय आरक्षण केंद्र से आरक्षित टिकट रिफंड कराए जा चुके हैं।
लोड कम होने पर मिलेगी राहत ःवरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक जवाहर सिंह भी मानते हैं कि अभी मालगाड़ियों का लोड कम नहीं हुआ है। इसके कम होने पर ही ट्रेनों के संचालन में यात्रियों को राहत मिलेगी। उम्मीद है कि एक दो दिन की दिक्कत के बाद कुछ राहत मिले।