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Saharanpur News: जलाभिषेक सुबह 4.15 बजे से शुरू हाेकर रात 8.20 तक चलेगा
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हर तरफ बम-बम भोले : यह नजारा देहरादून रोड का है, जहां से मंगलवार को बड़ी संख्या डाक कांवडियां ग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। वर्षभर में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं। इनमें से महाशिवरात्रि और सावन मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर सावन मास की शिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4.15 बजे से शुरू होकर रात 8.20 तक चलेगा।
आचार्य शुभम कौशिक ने बताया कि इस वर्ष सावन मास की शिवरात्रि पर अभिजीत मुहूर्त नहीं है। चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई को सुबह 4.39 बजे से शुरू होगी। जो 24 जुलाई को सुबह 2.28 बजे तक रहेगी। निशिता मुहूर्त देर रात 12.07 से 14.48 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि आर्द्रा नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर शाम 5.54 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 8.32 से सुबह 10.02 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर में 2.44 से 3 17 तक है। सांध्य मुहूर्त शाम 7.17 बजे से रात्रि 8.20 बजे तक है, जबकि गोधूलि मुहूर्त शाम 7.17 बजे से शाम 7.38 बजे तक है।
- चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व
आचार्य शुभम कौशिक ने बताया कि रात्रि को चार प्रहर में बांटा गया है। शिवरात्रि में हर प्रहर की पूजा का अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि लिंग पुराण के अनुसार शिवरात्रि के दिन, विशेषकर श्रावण मास में, उपवास, रात्रि जागरण और शिवलिंग पर बेलपत्र, जल, दुग्ध अर्पित करने से सौभाग्य, दीर्घायु और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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- श्रद्धालु ऐसे करें जलाभिषेक
- सावन शिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
- इसके बाद दही, दूध, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र, पान, सुपारी और अक्षत आदि चढ़ाएं।
- शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक जलाएं और महादेव की आरती व मंत्रों का जाप करें।
- शिवजी को फल और मिठाई आदि का भोग लगाएं।
- लोगों को प्रसाद बांटे और अपनी क्षमतानुसार दान करें।
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- ये हैं जिले के प्रमुख शिवालय
- श्री बागेश्वर महादेव मंदिर
- श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर
- श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर
- भैरों मंदिर, कुतुबशेर
- शकलापुरी मंदिर
- बनखंडी महादेव मंदिर
- मानकी महादेव मंदिर
- शिव मंदिर अध्याना
- शिव मंदिर गुड़ छप्पर
- शिव मंदिर बरसी
- हरि मंदिर आवास विकास
- श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
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सहारनपुर। वर्षभर में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं। इनमें से महाशिवरात्रि और सावन मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर सावन मास की शिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4.15 बजे से शुरू होकर रात 8.20 तक चलेगा।
आचार्य शुभम कौशिक ने बताया कि इस वर्ष सावन मास की शिवरात्रि पर अभिजीत मुहूर्त नहीं है। चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई को सुबह 4.39 बजे से शुरू होगी। जो 24 जुलाई को सुबह 2.28 बजे तक रहेगी। निशिता मुहूर्त देर रात 12.07 से 14.48 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि आर्द्रा नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर शाम 5.54 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 8.32 से सुबह 10.02 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर में 2.44 से 3 17 तक है। सांध्य मुहूर्त शाम 7.17 बजे से रात्रि 8.20 बजे तक है, जबकि गोधूलि मुहूर्त शाम 7.17 बजे से शाम 7.38 बजे तक है।
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- चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व
आचार्य शुभम कौशिक ने बताया कि रात्रि को चार प्रहर में बांटा गया है। शिवरात्रि में हर प्रहर की पूजा का अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि लिंग पुराण के अनुसार शिवरात्रि के दिन, विशेषकर श्रावण मास में, उपवास, रात्रि जागरण और शिवलिंग पर बेलपत्र, जल, दुग्ध अर्पित करने से सौभाग्य, दीर्घायु और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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- श्रद्धालु ऐसे करें जलाभिषेक
- सावन शिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
- इसके बाद दही, दूध, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र, पान, सुपारी और अक्षत आदि चढ़ाएं।
- शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक जलाएं और महादेव की आरती व मंत्रों का जाप करें।
- शिवजी को फल और मिठाई आदि का भोग लगाएं।
- लोगों को प्रसाद बांटे और अपनी क्षमतानुसार दान करें।
- ये हैं जिले के प्रमुख शिवालय
- श्री बागेश्वर महादेव मंदिर
- श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर
- श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर
- भैरों मंदिर, कुतुबशेर
- शकलापुरी मंदिर
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- मानकी महादेव मंदिर
- शिव मंदिर अध्याना
- शिव मंदिर गुड़ छप्पर
- शिव मंदिर बरसी
- हरि मंदिर आवास विकास
- श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर