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Saharanpur News: धरने को हुए 233 दिन, सरकार नहीं ले रही सुध
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संवाद न्यूज एजेंसी
तीतरों। कलसी में मुआवजे की मांग को लेकर तीन गांवों के किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। किसानों को धरना देते 233 दिन का समय बीत गया है, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें अभी तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।
बता दें, कि तीतरों क्षेत्र के कलसी, रामसहायवाला और बालू के किसानों की जमीन निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे में अधिग्रहीत की गई हैं। इन गांवों के किसानों की जमीनों को जंगल और बंजर ढाक बता कर सरकार ने उन्हें मुआवजे से वंचित कर दिया है। किसानों की जहां जमीन तो गई ही उन्हें मुआवजा भी नहीं मिला। इससे विरोध में किसान हाईवे पर धरना दे रहे हैं।
शनिवार को धरने पर यशपाल सिंह, सेवाराम, प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, नकलीराम, दिलशाद, मतलूब, गोवर्धन सिंह, ध्यानसिंह आदि किसान बैठे। इनका कहना है कि उन्हें गर्मी और फिर सर्दी का पूरा मौसम धरना देते बीत गया है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
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तीतरों। कलसी में मुआवजे की मांग को लेकर तीन गांवों के किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। किसानों को धरना देते 233 दिन का समय बीत गया है, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें अभी तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।
बता दें, कि तीतरों क्षेत्र के कलसी, रामसहायवाला और बालू के किसानों की जमीन निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे में अधिग्रहीत की गई हैं। इन गांवों के किसानों की जमीनों को जंगल और बंजर ढाक बता कर सरकार ने उन्हें मुआवजे से वंचित कर दिया है। किसानों की जहां जमीन तो गई ही उन्हें मुआवजा भी नहीं मिला। इससे विरोध में किसान हाईवे पर धरना दे रहे हैं।
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शनिवार को धरने पर यशपाल सिंह, सेवाराम, प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, नकलीराम, दिलशाद, मतलूब, गोवर्धन सिंह, ध्यानसिंह आदि किसान बैठे। इनका कहना है कि उन्हें गर्मी और फिर सर्दी का पूरा मौसम धरना देते बीत गया है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
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