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परमात्मा का साक्षात्कार ही धर्म : विदुषी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 12 May 2016 12:59 AM IST
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साउथ सिटी मे भागवत कथा का आनंद लेते श्रोता ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साउथ सिटी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवताचार्य महामनस्विनी विदुषी आस्था भारती ने प्रह्लाद प्रसंग और कृष्ण जन्म प्रसंगों को प्रस्तुत किया। इनमें छुपे आध्यात्मिक रहस्यों से श्रद्धालुओं को अवगत कराया।
भक्तों पर ज्ञान रूपी वर्षा करते हुए उन्होंने कहा कि असुर के यहां प्रह्लाद जैसे हरि भक्त का जन्म लेना कोई साधारण घटना नहीं थी। उन्होंने सामाजिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सक, इंजीनियर्स, उच्च शिक्षित वर्ग भी कैसे पतन का परिचय दे रहे हैं।
वैदिक संस्कार पद्घति का वर्णन करते हुए साध्वी ने कहा कि शिक्षा के साथ दीक्षा का समन्वय अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वही सार्थक हैवह समाज निर्माण में अपनी सशक्त और जिम्मेदार भूमिका निभा सके।
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समाज में शिक्षा के वास्तविक अर्थ को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से गुरुदेव के मार्गदर्शन में वैदिक शिक्षा से प्रेरित मंथन कार्यक्रम की नींव रखी गई। साध्वी ने कहा कि धर्म वह प्रक्रिया है जिससे परमात्मा को अपने अंतर्घट में ही जाना जाता है।
स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि परमात्मा का साक्षात्कार ही धर्म है। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता, चौधरी नीरपाल, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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भक्तों पर ज्ञान रूपी वर्षा करते हुए उन्होंने कहा कि असुर के यहां प्रह्लाद जैसे हरि भक्त का जन्म लेना कोई साधारण घटना नहीं थी। उन्होंने सामाजिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सक, इंजीनियर्स, उच्च शिक्षित वर्ग भी कैसे पतन का परिचय दे रहे हैं।
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वैदिक संस्कार पद्घति का वर्णन करते हुए साध्वी ने कहा कि शिक्षा के साथ दीक्षा का समन्वय अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वही सार्थक हैवह समाज निर्माण में अपनी सशक्त और जिम्मेदार भूमिका निभा सके।
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समाज में शिक्षा के वास्तविक अर्थ को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से गुरुदेव के मार्गदर्शन में वैदिक शिक्षा से प्रेरित मंथन कार्यक्रम की नींव रखी गई। साध्वी ने कहा कि धर्म वह प्रक्रिया है जिससे परमात्मा को अपने अंतर्घट में ही जाना जाता है।
स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि परमात्मा का साक्षात्कार ही धर्म है। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश गुप्ता, चौधरी नीरपाल, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।