{"_id":"692de8b328c63116c606e575","slug":"inspection-of-fertilizer-sales-centers-district-control-room-established-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-164070-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: खाद बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण, जनपदीय कंट्रोल रूम स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: खाद बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण, जनपदीय कंट्रोल रूम स्थापित
विज्ञापन
सहारनपुर। किसानों को रबी के सीजन में खाद उपलब्ध कराने और समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके साथ ही जिला कृषि विभाग ने 11 विकासखंडों में दस टीमों को गठित कर चेकिंग अभियान चलाया।
जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार मावी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं के अधिकार पत्र, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर, सेल रजिस्टर, रेट बोर्ड और पीओएस मशीन पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया। इसके साथ ही कई स्थानों पर किसानों से भी बात कर ओवर रेटिंग और टैगिंग की जानकारी हासिल की गई। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों पर खाद की रेट लिस्ट नहीं लगी थी। वहां पर तत्काल रेट लिस्ट लगवाई गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के बैनर लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, पोटाश एवं एनपीके उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम 9897603141, 9720326000 भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में खाद का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें। इससे मृदा की उर्वरता को बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण में भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार मावी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं के अधिकार पत्र, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर, सेल रजिस्टर, रेट बोर्ड और पीओएस मशीन पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया। इसके साथ ही कई स्थानों पर किसानों से भी बात कर ओवर रेटिंग और टैगिंग की जानकारी हासिल की गई। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों पर खाद की रेट लिस्ट नहीं लगी थी। वहां पर तत्काल रेट लिस्ट लगवाई गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के बैनर लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, पोटाश एवं एनपीके उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम 9897603141, 9720326000 भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में खाद का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें। इससे मृदा की उर्वरता को बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण में भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन