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बढ़ती महंगाई ने बढायी निर्यातकों की चुनौती

Sun, 14 Nov 2021 10:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 10:54 PM IST
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Inflation increased the challenge of exporters
सहारनपुर। महंगाई ने काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातकों की चुनौती बढ़ा दी है। लकड़ी, एमडीएफ समेत अन्य रॉ मेेटीरियल के बढे़ रेट से जनपद के निर्यातकों को दूसरे देशों से प्रतिस्पर्द्धा करना मुश्किल हो रहा है। काष्ठ हस्तशिल्प में जिले के निर्यातकों की विश्व बाजार में वियतनाम, चीन, कंबोडिया, थाईलैंड और फिलीपींस खासी प्रतिस्पर्द्धा है।
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विश्व के कई देशों में जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की बहुत मांग है। इसके चलते जनपद से बडे़ पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात होता है। लकडी, एमडीएफ, पेकेजिंग मेटिरियल व परिवहन खर्च बढ़ने से निर्यातक मुश्किल में हैं। महंगाई के चलते उत्पादों की लागत बढ़ गई है। वहीं, विदेशी ग्राहक निर्यातकों से पुरानी कीमत पर हस्तकला उत्पाद खरीदना चाहते हैं। इससे निर्यातकों के लिए अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा करना चुनौती से कम नहीं है। जनपद से करीब एक हजार करोड़ के हस्तशिल्प का निर्यात होता है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर लगभग 1.50 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है।
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रॉ मेटिरियल से लेकर परिवहन तक की दर बढ़ी
काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के कच्चा माल से लेकर उसे पोर्ट तक पहुंचाने तक के रेट बढ़ गए हैं। निर्यातकों का कहना है कि आम से लेकर बबूल तक की लकड़ी और मीडियम डेंसिटी फाइबर (एमडीएफ) के रेट में पिछले कुछ समय में काफी बढोतरी हुई है। पहले 17 रुपये प्रति वर्ग फुट बिकने वाले साढे़ पांच मिलीमीटर के एमडीएफ की कीमत अब 21 रुपये तक पहुंच गई है। हॉर्डवेयर, फेविकोल और पेकेजिंग मेटिरियल के रेट में भी खासा इजाफा हुआ है। इसके अतिरिक्त पेट्रालियम पदार्थ महंगा होने से परिवहन भाड़ा भी 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
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निर्यातक बोले
प्रोत्साहन एवं अनुदान योजना लाए सरकार
सरकार रॉ मेटिरियल के बढ़ते रेट पर अंकुश लगाने, निर्यातकों को प्रोत्साहन एवं अनुदान देने के लिए योजना लाए। निर्यातकों के लिए कैश इंसेटिव दोबारा लागू करने के साथ ही उन्हें आयकर भी छूट मिलनी चाहिए। साथ ही लकड़ी की उपलब्धता के लिए वन विभाग नियमित तौर पर पौधरोपण कराएं। -रवींद्र मिगलानी, निर्यातक
कच्चा माल महंगा होने से चुनौती बढ़ी
कच्चा माल महंगा होने से काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों की लागत बढ़ गई है। ऐसे में विश्व बाजार में प्रतिस्पर्द्धा और कड़ी हो गई है। विदेशों में हमारे उत्पादों के रेट को वियतनाम, थाईलैंड, चीन, कंबोडिया और फिलीपींस जैसे देशों से कड़ी टक्कर मिल रही है। सरकार निर्यातकों को राहत देने के लिए ठोस योजना बनाए।-परविंदर सिंह, निर्यातक

इन देशों में है अधिक मांग
जनपद के लकड़ी हस्तशिल्प उत्पादों की यूं तो दुनिया के कई देशों में मांग है। कुछ देशों में इनका निर्यात बडे़ पैमाने पर होता है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेेन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, डेनमार्क, स्वीडन, स्विटजरलैंड, नीदरलैंड, दुबई, यूएई, सऊदी अरब आदि देश शामिल हैं।
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