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निर्दलीय ने बिगाड़ा सियासी दलों का खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:29 AM IST
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देवबंद विधानसभा उपचुनाव में भले ही बसपा की गैरमौजूदगी का लाभ उठाने के लिए सियासी दलों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया हो, मगर निर्दलीय प्रत्याशी ने सभी के गणित को गड़बड़ा जरूर दिया है।
दलित मतों पर भाजपा और कांग्रेस की निगाहें जमी थी। मगर, बसपा शासनकाल में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे विनोद तेजयान ने कांटे की टक्कर में 16 हजार से ज्यादा मत पाने में सफलता पाई।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक एकजुटता के साथ बसपा के साथ रहा है। पिछले लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में दलित वोट बैक भाजपा की ओर डायवर्ट हुआ था।
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यही वजह रही थी कि बसपा को लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि भाजपा ने प्रदेश में 73 सीटों पर जीते थे। इस चुनाव में कांग्रेस के निशाने पर भी दलित मत रहे।
ऐसे में पूर्व राज्यमंत्री विनोद कुमार तेजयान (दलित) ने उप चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक दी। 13 फरवरी को हुए मतदान में करीब 52 फीसदी मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
माना जा रहा था कि बसपा का प्रत्याशी न होने की वजह से दलित मतदाताओं ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। परिणाम में विजेता रहे कांग्रेस के माविया अली को कुल 51,012 मत मिले, जबकि तीसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी रामपाल पुंडीर को 45,513 मत मिले।
निर्दलीय प्रत्याशी विनोद तेजयान 16,802 मतों के साथ चौथे नंबर पर रहे। बेहद कम अंतर के इस चुुनाव में तेजयान की मौजूदगी ने भी मतदाताओं ने दर्ज कराई।
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दलित मतों पर भाजपा और कांग्रेस की निगाहें जमी थी। मगर, बसपा शासनकाल में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे विनोद तेजयान ने कांटे की टक्कर में 16 हजार से ज्यादा मत पाने में सफलता पाई।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक एकजुटता के साथ बसपा के साथ रहा है। पिछले लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में दलित वोट बैक भाजपा की ओर डायवर्ट हुआ था।
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यही वजह रही थी कि बसपा को लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि भाजपा ने प्रदेश में 73 सीटों पर जीते थे। इस चुनाव में कांग्रेस के निशाने पर भी दलित मत रहे।
ऐसे में पूर्व राज्यमंत्री विनोद कुमार तेजयान (दलित) ने उप चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक दी। 13 फरवरी को हुए मतदान में करीब 52 फीसदी मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
माना जा रहा था कि बसपा का प्रत्याशी न होने की वजह से दलित मतदाताओं ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। परिणाम में विजेता रहे कांग्रेस के माविया अली को कुल 51,012 मत मिले, जबकि तीसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी रामपाल पुंडीर को 45,513 मत मिले।
निर्दलीय प्रत्याशी विनोद तेजयान 16,802 मतों के साथ चौथे नंबर पर रहे। बेहद कम अंतर के इस चुुनाव में तेजयान की मौजूदगी ने भी मतदाताओं ने दर्ज कराई।