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इमरान और दोनों विधायकों ने बनाई दूरी, उठे सवाल
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सहारनपुर। अरे तुम्हारा नेता कहां है, विधायक जी भी नहीं आए ? क्या माजरा है, कुछ तो गड़बड़ है, कहीं पार्टी बदलने का मन तो नहीं बना लिया। यह सवाल कांग्रेस के गिरफ्तारी आंदोलन के दौरान खूब उठे। क्योंकि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद और दोनों विधायक नरेश सैनी व मसूद अख्तर ने इस आंदोलन से दूरी बनाए रखी, जबकि वह शहर में ही मौजूद रहे।
बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली सहित तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर आंदोलन किया और हंगामा प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी। पार्टी हाईकमान इस मामले को लेकर फ्रंट फुट पर आकर खेलना चाहता है, लेकिन सहारनपुर जिले में कांग्रेस नेताओं में बिखराव साफ नजर आ रहा है। चूंकि इमरान मसूद कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव होने के साथ ही जिले में लंबे समय से सक्रिय राजनीति की वजह से कांग्रेस का अहम चेहरा हैं। वर्ष 2014 और 2019 में कांग्रेस के ही टिकट पर सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस आंदोलन से उनकी दूरी लोगों के गले नहीं उतर रही है। वहीं, बेहट से विधायक नरेश सैनी और सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर का भी इसमें शामिल नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। वैसे चर्चा काफी दिन से चल रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इमरान मसूद पार्टी बदल सकते हैं और वह सपा नेताओं के संपर्क में हैं। इस आंदोलन से उनकी दूरी इस बात को और पुख्ता करती है कि बेखुदी बेसबब नहीं गालिब, कुछ तो है जिसकी पर्देदारी है।
आज लखीमपुर खीरी कूच करेंगे: इमरान
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद का कहना है कि मैंने और दोनों विधायकों ने सुबह ही फेसबुक पर लाइव आकर 7 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी कूच करने का आह्वान किया है। बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं के साथ वह कूच करेंगे। गिरफ्तारी आंदोलन से किनारा करने के बारे में उनका कहना है कि पार्टी के कार्यक्रम आते रहते हैं। वह कांग्रेस में ही हैं, पार्टी बदलने की चर्चा बेबुनियाद है।
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बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली सहित तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर आंदोलन किया और हंगामा प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी। पार्टी हाईकमान इस मामले को लेकर फ्रंट फुट पर आकर खेलना चाहता है, लेकिन सहारनपुर जिले में कांग्रेस नेताओं में बिखराव साफ नजर आ रहा है। चूंकि इमरान मसूद कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव होने के साथ ही जिले में लंबे समय से सक्रिय राजनीति की वजह से कांग्रेस का अहम चेहरा हैं। वर्ष 2014 और 2019 में कांग्रेस के ही टिकट पर सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस आंदोलन से उनकी दूरी लोगों के गले नहीं उतर रही है। वहीं, बेहट से विधायक नरेश सैनी और सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर का भी इसमें शामिल नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। वैसे चर्चा काफी दिन से चल रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इमरान मसूद पार्टी बदल सकते हैं और वह सपा नेताओं के संपर्क में हैं। इस आंदोलन से उनकी दूरी इस बात को और पुख्ता करती है कि बेखुदी बेसबब नहीं गालिब, कुछ तो है जिसकी पर्देदारी है।
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आज लखीमपुर खीरी कूच करेंगे: इमरान
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद का कहना है कि मैंने और दोनों विधायकों ने सुबह ही फेसबुक पर लाइव आकर 7 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी कूच करने का आह्वान किया है। बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं के साथ वह कूच करेंगे। गिरफ्तारी आंदोलन से किनारा करने के बारे में उनका कहना है कि पार्टी के कार्यक्रम आते रहते हैं। वह कांग्रेस में ही हैं, पार्टी बदलने की चर्चा बेबुनियाद है।
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