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शहर में अवैैध निर्माण करने की खुली छूट
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:30 AM IST
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Illegal construction in the city
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में भले ही शहर के लोग प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना से उम्मीद पाले बैठे हो, मगर विकास प्राधिकरण शहर के लाखों लोगों की आशाओं पर पानी फेरने से नहीं चूक रहा है।
आलम यह है कि शहर के प्रमुख इलाकों में अवैध निर्माण करने वाले विकास प्राधिकरण की भारी भरकम फौज को खुली चुनौती देते हुए बड़े-बड़े कॉप्लेक्स खड़े कर रहे हैं।
बिना अनुमति हो रहे अवैध निर्माणों से शहर की सूरत बिगड़ रही है और सुनियोजित विकास के दावे भी ध्वस्त हो रहे हैं। सत्ताधारी नेताओं और एसडीए अफसरों की सांठगांठ में पूरे शहर में बड़ा खेल हो रहा है।
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शहर में लगातार खड़े हो रहे बेतरतीब कंक्रीट के जंगल यहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को ध्वस्त करने को उतारू हैं। अवैध निर्माण करने वालों की मनमानी का आलम यह है कि जगह-जगह खुलेआम इमारतें तैयार की जा रही है।
रिहायशी इलाकों में बड़े-बड़े कॉप्लेक्स तैयार किया जा रहा है। उधर, अवैध निर्माण का मामला उजागर होने के बाद विकास प्राधिकरण कागजी कार्रवाई कर चुप्पी साध लेता है।
नियमों को धता बताते वाले करीब दो दर्जन अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश को भी अफसरों ने फाइलों में दबा रखा है। यही कारण है कि अवैध निर्माण करने वालों में इनका खौफ भी नहीं रहा। ऐसा नहीं है कि अफसरों को इन अवैध निर्माणों की खबर नहीं है, मगर निजी हितों के चलते कार्रवाई नहीं की जाती।
कोर्ट रोड से मल्हीपुर रोड तक अवैध निर्माण, पार्श्वनाथ प्लाजा से आगे कोर्ट रोड पर हो रहा निर्माण विकास प्राधिकरण के अफसरों की कहानी बयां कर रहा है। यहां काफी बड़ा निर्माण नियमों को धता बताते हुए किया जा रहा है। इसके अलावा मल्हीपुर रोड पर कॉमर्शियल काप्लेक्स बिना किसी अनुमति के तैयार कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह निर्माण छुटभैया नेताओं की शह पर कर लिया गया।
एसएएम इंटर काॅलेज के सामने अवैध निर्माण, देहरादून रोड पर एसएएम इंटर कालेज के सामने सड़क पर ही बिल्डिंग मैटेरियल डालकर अवैध निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है। इस निर्माण के लिए ढमोला नदी पर बने पुल की रेलिंग भी तोड़ दी गई है। मुख्य मार्ग पर कब्जा कर हो रहे अवैध निर्माण पर पुलिस, प्रशासन और विकास प्राधिकरण की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
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आलम यह है कि शहर के प्रमुख इलाकों में अवैध निर्माण करने वाले विकास प्राधिकरण की भारी भरकम फौज को खुली चुनौती देते हुए बड़े-बड़े कॉप्लेक्स खड़े कर रहे हैं।
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बिना अनुमति हो रहे अवैध निर्माणों से शहर की सूरत बिगड़ रही है और सुनियोजित विकास के दावे भी ध्वस्त हो रहे हैं। सत्ताधारी नेताओं और एसडीए अफसरों की सांठगांठ में पूरे शहर में बड़ा खेल हो रहा है।
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शहर में लगातार खड़े हो रहे बेतरतीब कंक्रीट के जंगल यहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को ध्वस्त करने को उतारू हैं। अवैध निर्माण करने वालों की मनमानी का आलम यह है कि जगह-जगह खुलेआम इमारतें तैयार की जा रही है।
रिहायशी इलाकों में बड़े-बड़े कॉप्लेक्स तैयार किया जा रहा है। उधर, अवैध निर्माण का मामला उजागर होने के बाद विकास प्राधिकरण कागजी कार्रवाई कर चुप्पी साध लेता है।
नियमों को धता बताते वाले करीब दो दर्जन अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश को भी अफसरों ने फाइलों में दबा रखा है। यही कारण है कि अवैध निर्माण करने वालों में इनका खौफ भी नहीं रहा। ऐसा नहीं है कि अफसरों को इन अवैध निर्माणों की खबर नहीं है, मगर निजी हितों के चलते कार्रवाई नहीं की जाती।
कोर्ट रोड से मल्हीपुर रोड तक अवैध निर्माण, पार्श्वनाथ प्लाजा से आगे कोर्ट रोड पर हो रहा निर्माण विकास प्राधिकरण के अफसरों की कहानी बयां कर रहा है। यहां काफी बड़ा निर्माण नियमों को धता बताते हुए किया जा रहा है। इसके अलावा मल्हीपुर रोड पर कॉमर्शियल काप्लेक्स बिना किसी अनुमति के तैयार कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह निर्माण छुटभैया नेताओं की शह पर कर लिया गया।
एसएएम इंटर काॅलेज के सामने अवैध निर्माण, देहरादून रोड पर एसएएम इंटर कालेज के सामने सड़क पर ही बिल्डिंग मैटेरियल डालकर अवैध निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है। इस निर्माण के लिए ढमोला नदी पर बने पुल की रेलिंग भी तोड़ दी गई है। मुख्य मार्ग पर कब्जा कर हो रहे अवैध निर्माण पर पुलिस, प्रशासन और विकास प्राधिकरण की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।