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पैसा नहीं है पास, तो कैसे हो कैंसर पीड़ित बेटे का इलाज
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समीर की टांग में हुए कैंसर की जानकारी देता इमरान
- फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। धन के अभाव में इंदिरा कालोनी निवासी मजदूर इमरान अपने कैंसर पीड़ित बेटे समीर का इलाज नहीं करा पा रहा है। बेटे को असहनीय पीड़ा झेलते हुए देखकर पूरा परिवार रोता है। लेकिन चाहकर भी बेटे को दर्द से छुटकारा नहीं दिला पा रहे है। पीड़ित परिवार पर किसी ने दया का भाव नहीं दिखाया है। सहायता की उम्मीद लिए दर दर की ठोकर खाने के बाद इमरान को निराशा ही मिली है। अब इस परिवार को केवल खुदा पर ही उम्मीद बची है। क्योंकि बेटे के इलाज पर वह मकान बेचकर भी खर्च कर चुका है।
बता दें कि इमरान के 12 वर्षीय बेटे समीर के एक पैर में चिकित्सकों ने कैंसर घोषित किया हुआ है। मजदूरी करके परिवार का पेट पालने वाले इमरान ने बेटे के इलाज के लिए अपना आशियाना भी बेच दिया। अब इस परिवार के पास इलाज के लिए फूटी कोड़ी नहीं बची है। बेटे की बीमारी के इलाज में गरीबी आड़े आ रही है। इमरान की माने तो बेटे की दवाई तो दूर परिवार के सामने रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। इस पीड़ित परिवार ने अपना दुखड़ा जनप्रतिनिधियों के सामने भी रोया है। लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की है। जिसके बाद से पूरा परिवार टूटता जा रहा है। चारपाई पर लेटे कैंसर पीड़ित बेटे को दर्द से चिल्लाते हुए देखकर पूरा परिवार अपने आंसू नहीं रोक पाता है।
सोमवार को पूर्व एमएलसी उमर अली खान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इमरान द्वारा बतायी गयी समस्या और कैंसर पीड़ित समीर को देखकर पूर्व एमएलसी का भी दिल भर आया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया है कि सांसद से बात करके जहां समीर के इलाज कराने का प्रयास किया जाएगा। अपने कुछ साथियों से भी परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का काम किया जाएगा।
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अंकल मुझे बचा लो.....
- अंकल मुझे बचा लो, अब मुझसे दर्द सहन नहीं होता। मैं चारपाई से उठ भी नहीं सकता। इन शब्दों को बोलते हुए समीर के आंसु नहीं थम रहे हैं। हो भी क्यों न खेलने कूदने की उम्र में ही उसको असाध्य बीमारी जो लग गयी है। साथ ही धन के अभाव में उसका इलाज भी नहीं हो पा रहा है।
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बता दें कि इमरान के 12 वर्षीय बेटे समीर के एक पैर में चिकित्सकों ने कैंसर घोषित किया हुआ है। मजदूरी करके परिवार का पेट पालने वाले इमरान ने बेटे के इलाज के लिए अपना आशियाना भी बेच दिया। अब इस परिवार के पास इलाज के लिए फूटी कोड़ी नहीं बची है। बेटे की बीमारी के इलाज में गरीबी आड़े आ रही है। इमरान की माने तो बेटे की दवाई तो दूर परिवार के सामने रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। इस पीड़ित परिवार ने अपना दुखड़ा जनप्रतिनिधियों के सामने भी रोया है। लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की है। जिसके बाद से पूरा परिवार टूटता जा रहा है। चारपाई पर लेटे कैंसर पीड़ित बेटे को दर्द से चिल्लाते हुए देखकर पूरा परिवार अपने आंसू नहीं रोक पाता है।
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सोमवार को पूर्व एमएलसी उमर अली खान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इमरान द्वारा बतायी गयी समस्या और कैंसर पीड़ित समीर को देखकर पूर्व एमएलसी का भी दिल भर आया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया है कि सांसद से बात करके जहां समीर के इलाज कराने का प्रयास किया जाएगा। अपने कुछ साथियों से भी परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का काम किया जाएगा।
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अंकल मुझे बचा लो.....
- अंकल मुझे बचा लो, अब मुझसे दर्द सहन नहीं होता। मैं चारपाई से उठ भी नहीं सकता। इन शब्दों को बोलते हुए समीर के आंसु नहीं थम रहे हैं। हो भी क्यों न खेलने कूदने की उम्र में ही उसको असाध्य बीमारी जो लग गयी है। साथ ही धन के अभाव में उसका इलाज भी नहीं हो पा रहा है।