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‘बेटा हीरा होता है तो बेटी कोहिनूर’
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:20 AM IST
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विश्व बेटी दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला के अभिव्यक्ति कार्यक्रम के तहत मंगलवार को आयोजित सेमिनार में प्रबुद्ध वक्ताओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और सशक्त समाज बनाओ का संदेश दिया।
अमर उजाला, माउंट लिटेरा स्कूल और ग्लोकल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली रोड स्थित माउंट लिटेरा स्कूल में सेमिनार का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता नवाज देवबंदी, मुख्य विकास अधिकारी मोनिका रानी, एसडीए के उपाध्यक्ष वीपी सिंह, नगर आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला की धर्मपत्नी विजयाश्री शुक्ला, डीएवी की प्रिंसिपल मीनू भट्टाचार्य और लार्ड महावीरा एकेडमी की प्रिंसिपल मंजू जैन ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर सेमिनार का शुभारंभ किया।
छात्राओं और शिक्षिकाओं की मौजूदगी में चले सेमिनार में कई घंटे तक बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ विषय पर मंथन हुआ। मुख्य वक्ता नवाज देवबंदी ने अपनी दो पंक्तियों में बेटियों और परिवार के साथ ही समाज में उनके वजूद का आइना पेश किया। उन्होंने कहा कि ‘एक आंखों के पास है और है एक आंखों से दूर, बेटा हीरा होता है और बेटी कोहिनूर’।
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बेटियों से जुड़े बेहद संजीदा मुद्दे पर नवाज काफी भावुक हो गए। उन्होंने बेटी, बीवी, पुत्रवधु, मां और अन्य रूपों में नारी की भूमिका को समाज के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण बताया। अपनी कुछ अन्य पंक्तियों ने हर अभिभावक, परिवार और समाज को संदेश देने की कोशिश की।
कहा कि ‘बेटी के दम से दोस्तों संसार जिंदा है, इंसानियत के रिश्तों का आधार जिंदा है, बीवी के दम पर आपका परिवार जिंदा है और बहन के दम से राखी का त्यौहार जिंदा है’। उन्होंने कहा कि सबसे पहली जरूरत है कि हम इंसान बने और हर भूमिका में एक जैसा व्यवहार करें। डा. देवबंदी ने अमर उजाला के प्रयासों की जमकर तारीफ की। इस दौरान डीपीओ आशा त्रिपाठी और बांट माप निरीक्षक मीनू तिवारी मुख्य रूप से मौजूद रही।
शिक्षा दिलाएं, सुरक्षा दिलाएं, सम्मान दिलाएं ः सहारनपुर। मुख्य विकास अधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि हर आदमी की सफलता के पीछे औरत का हाथ होता हैं। इस सोच को जरा बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा छात्राओं को ऐसे प्रोजेक्ट दें, जिससे आसपास की शिक्षा से वंचित बेटियों को कम से कम साक्षर बनाया जा सके। बेटियों पर समाज में बढ़ रहे अत्याचार और असुरक्षा का बड़ा कारण अभिभावकों की अनदेखी और अनुशासन पर ध्यान न देना भी है।
साइकिल ट्रैक बनवाएगा प्राधिकरण ः सहारनपुर। बेटियों के लिए समर्पित सेमिनार में सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश ने मंच से घोषणा की कि यदि स्कूलों की ओर से साइकिल से आने वाली छात्राओं का डाटा और जरूरी सहयोग दिलाया गया तो संस्थानों में पढ़ने वाली बेटियों के लिए साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।
बेटियों को कमजोर नहीं सशक्त बनाएं ः सहारनपुर। नगर आयुक्त डा. नीरज शुक्ला की धर्मपत्नी विजयाश्री शुक्ला ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं होती हैं। बेटों की तरह ही उन्हें सशक्त, शिक्षित और परिवार में पुरुष की तरह सहभागी बनाएं।
बदले दौर में संभलकर रहें बेटियां ः सहारनपुर। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल एवं समाजसेवी डॉ. कुदसिया अंजुम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बेटियों को उम्मीद के अनुरूप अधिकार न मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने बेटियों को संभलकर और सजग रहने पर जोर दिया।
बेटियां हमेशा बेटों से मजबूत होती हैं। सहारनपुर। अपने पिता के निधन पर खुद ही उनका अंतिम संस्कार कराने वाली डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल मीनू भट्टाचार्य ने कहा कि बेटियां हमेशा बेटों से मजबूत होती हैं। बस उन्हें परिवार और समाज से सही शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और सहारे की जरूरत है।
बेटियां बचाओ, बेटियों को आगे बढ़ाओ ः सहारनपुर। लार्ड महावीरा एकेडमी की प्रिंसिपल मंजू जैन ने बेटियां बचाओ और बेटियों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कहा कि एक ओर तो नारी को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती जैसा माना जाता है तो दूसरी ओर समाज में उस पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। समाज के लोगों को भी सोच बदलनी होगी।
बेटों से कम नहीं होती बेटियां
सहारनपुर। रेनबो स्कूल की प्रिंसिपल किरण ने कहा कि बेटों से कहीं भी कम नहीं होती बेटियां। मगर, शिक्षा से लेकर रोजगार में उनकी अनदेखी की सोच बदलनी होगी।
बेटियां बोलीं, उन्हें कम न आंकें समाज ः सहारनपुर। सेमिनार में बेटियों को भी विचार रखने का मौका मिला। बालिका रिद्धि सिंह ने कविता सुनाकर बेटियों को प्यार और सम्मान का संदेश दिया।
उसके अलावा हिमांशी, महक, नंदिनी जैन, नाजुक, रेखा कुमार, पारुल, आयु कपिल, काजल सैनी, सिमरन अरोड़ा, राजश्री ग्रोवर, रिया सिंह, अर्चना सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए।
राकेश शर्मा ने भी संचालन करते हुए बेटियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान ‘अंधियारा है घना और लहू से सना’, ‘अंबर से चुनके अंगना में फिर से आना री चिरैया’, गीत के रूप में बेटी के दर्द को पेश कर गायक दिनेश शर्मा ने भावुक कर दिया।
बेटियों के लिए स्कूलों ने बढ़ाया कदम ः सहारनपुर। बेटियों को समपर्पि इस सेमिनार में 300 से भी अधिक छात्राओं के साथ पहुंची दर्जनों शिक्षिकाओं ने बेटियों के लिए अपना कदम बढ़ाया और कहा कि बेटी बचाने, उन्हें पढ़ाने और सम्मान दिलाने में हमेशा सहयोगी रहेंगी।
लार्ड महावीरा एकेडमी, डीएवी, स्प्रिंग बैल्स स्कूल, डीपीएस, एएम इंटरनेशनल, केएलजी, रेनबो, ब्राउनवुड स्कूल, हिंदू कन्या इंटर कॉलेज, नेशनल पब्लिक स्कूल, सोफिया गर्ल्स स्कूल, एल्पाइन स्कूल, एजीएम स्कूल, सैंट एजीएम स्कूल, मदर्स प्राइड स्कूल, सहारनपुर पब्लिक स्कूल, सैंट मैरीज स्कूल, पाइनवुड स्कूल, पीच ग्रोव स्कूल, डेलमोर्ट स्कूल, मैरी डेल, एप्पल ग्रोव स्कूल, प्रज्ञानस्थली, सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज के बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र सहभागी रहे।
सराहनीय कदम के लिए इन्हें मिला सम्मान
सहारनपुर। बेटियों के लिए शिक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए हरकिरत सिंह पुरिया, मंजू जैन, मीनू भट्टाचार्य, अलका कुमार, पूनम श्रीवास्तव, सीमा सिंह, बबीता मलिक, डॉ. रेखा कुमार, प्रिया, प्रीति सिंह, प्रिया, सुधीर जोशी, रचना गुप्ता, श्रेया सिंघल, सुरेंद्र चौहान समेत अन्य को अतिथियों ने सम्मानित किया।
आयोजन में विशेष सहयोगी माउंट लिटेरा स्कूल के चेयरमैन विपिन अग्रवाल, निदेशक नीरज गुप्ता, आयुष अग्रवाल, प्रिंसिपल टीडीएस भारद्वाज समेत अन्य ने सभी का आभार जताया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में सहयोगी होने का भरोसा दिलाया।
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अमर उजाला, माउंट लिटेरा स्कूल और ग्लोकल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली रोड स्थित माउंट लिटेरा स्कूल में सेमिनार का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता नवाज देवबंदी, मुख्य विकास अधिकारी मोनिका रानी, एसडीए के उपाध्यक्ष वीपी सिंह, नगर आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला की धर्मपत्नी विजयाश्री शुक्ला, डीएवी की प्रिंसिपल मीनू भट्टाचार्य और लार्ड महावीरा एकेडमी की प्रिंसिपल मंजू जैन ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर सेमिनार का शुभारंभ किया।
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छात्राओं और शिक्षिकाओं की मौजूदगी में चले सेमिनार में कई घंटे तक बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ विषय पर मंथन हुआ। मुख्य वक्ता नवाज देवबंदी ने अपनी दो पंक्तियों में बेटियों और परिवार के साथ ही समाज में उनके वजूद का आइना पेश किया। उन्होंने कहा कि ‘एक आंखों के पास है और है एक आंखों से दूर, बेटा हीरा होता है और बेटी कोहिनूर’।
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बेटियों से जुड़े बेहद संजीदा मुद्दे पर नवाज काफी भावुक हो गए। उन्होंने बेटी, बीवी, पुत्रवधु, मां और अन्य रूपों में नारी की भूमिका को समाज के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण बताया। अपनी कुछ अन्य पंक्तियों ने हर अभिभावक, परिवार और समाज को संदेश देने की कोशिश की।
कहा कि ‘बेटी के दम से दोस्तों संसार जिंदा है, इंसानियत के रिश्तों का आधार जिंदा है, बीवी के दम पर आपका परिवार जिंदा है और बहन के दम से राखी का त्यौहार जिंदा है’। उन्होंने कहा कि सबसे पहली जरूरत है कि हम इंसान बने और हर भूमिका में एक जैसा व्यवहार करें। डा. देवबंदी ने अमर उजाला के प्रयासों की जमकर तारीफ की। इस दौरान डीपीओ आशा त्रिपाठी और बांट माप निरीक्षक मीनू तिवारी मुख्य रूप से मौजूद रही।
शिक्षा दिलाएं, सुरक्षा दिलाएं, सम्मान दिलाएं ः सहारनपुर। मुख्य विकास अधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि हर आदमी की सफलता के पीछे औरत का हाथ होता हैं। इस सोच को जरा बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा छात्राओं को ऐसे प्रोजेक्ट दें, जिससे आसपास की शिक्षा से वंचित बेटियों को कम से कम साक्षर बनाया जा सके। बेटियों पर समाज में बढ़ रहे अत्याचार और असुरक्षा का बड़ा कारण अभिभावकों की अनदेखी और अनुशासन पर ध्यान न देना भी है।
साइकिल ट्रैक बनवाएगा प्राधिकरण ः सहारनपुर। बेटियों के लिए समर्पित सेमिनार में सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश ने मंच से घोषणा की कि यदि स्कूलों की ओर से साइकिल से आने वाली छात्राओं का डाटा और जरूरी सहयोग दिलाया गया तो संस्थानों में पढ़ने वाली बेटियों के लिए साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।
बेटियों को कमजोर नहीं सशक्त बनाएं ः सहारनपुर। नगर आयुक्त डा. नीरज शुक्ला की धर्मपत्नी विजयाश्री शुक्ला ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं होती हैं। बेटों की तरह ही उन्हें सशक्त, शिक्षित और परिवार में पुरुष की तरह सहभागी बनाएं।
बदले दौर में संभलकर रहें बेटियां ः सहारनपुर। हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल एवं समाजसेवी डॉ. कुदसिया अंजुम ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बेटियों को उम्मीद के अनुरूप अधिकार न मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने बेटियों को संभलकर और सजग रहने पर जोर दिया।
बेटियां हमेशा बेटों से मजबूत होती हैं। सहारनपुर। अपने पिता के निधन पर खुद ही उनका अंतिम संस्कार कराने वाली डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल मीनू भट्टाचार्य ने कहा कि बेटियां हमेशा बेटों से मजबूत होती हैं। बस उन्हें परिवार और समाज से सही शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और सहारे की जरूरत है।
बेटियां बचाओ, बेटियों को आगे बढ़ाओ ः सहारनपुर। लार्ड महावीरा एकेडमी की प्रिंसिपल मंजू जैन ने बेटियां बचाओ और बेटियों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कहा कि एक ओर तो नारी को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती जैसा माना जाता है तो दूसरी ओर समाज में उस पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। समाज के लोगों को भी सोच बदलनी होगी।
बेटों से कम नहीं होती बेटियां
सहारनपुर। रेनबो स्कूल की प्रिंसिपल किरण ने कहा कि बेटों से कहीं भी कम नहीं होती बेटियां। मगर, शिक्षा से लेकर रोजगार में उनकी अनदेखी की सोच बदलनी होगी।
बेटियां बोलीं, उन्हें कम न आंकें समाज ः सहारनपुर। सेमिनार में बेटियों को भी विचार रखने का मौका मिला। बालिका रिद्धि सिंह ने कविता सुनाकर बेटियों को प्यार और सम्मान का संदेश दिया।
उसके अलावा हिमांशी, महक, नंदिनी जैन, नाजुक, रेखा कुमार, पारुल, आयु कपिल, काजल सैनी, सिमरन अरोड़ा, राजश्री ग्रोवर, रिया सिंह, अर्चना सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए।
राकेश शर्मा ने भी संचालन करते हुए बेटियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान ‘अंधियारा है घना और लहू से सना’, ‘अंबर से चुनके अंगना में फिर से आना री चिरैया’, गीत के रूप में बेटी के दर्द को पेश कर गायक दिनेश शर्मा ने भावुक कर दिया।
बेटियों के लिए स्कूलों ने बढ़ाया कदम ः सहारनपुर। बेटियों को समपर्पि इस सेमिनार में 300 से भी अधिक छात्राओं के साथ पहुंची दर्जनों शिक्षिकाओं ने बेटियों के लिए अपना कदम बढ़ाया और कहा कि बेटी बचाने, उन्हें पढ़ाने और सम्मान दिलाने में हमेशा सहयोगी रहेंगी।
लार्ड महावीरा एकेडमी, डीएवी, स्प्रिंग बैल्स स्कूल, डीपीएस, एएम इंटरनेशनल, केएलजी, रेनबो, ब्राउनवुड स्कूल, हिंदू कन्या इंटर कॉलेज, नेशनल पब्लिक स्कूल, सोफिया गर्ल्स स्कूल, एल्पाइन स्कूल, एजीएम स्कूल, सैंट एजीएम स्कूल, मदर्स प्राइड स्कूल, सहारनपुर पब्लिक स्कूल, सैंट मैरीज स्कूल, पाइनवुड स्कूल, पीच ग्रोव स्कूल, डेलमोर्ट स्कूल, मैरी डेल, एप्पल ग्रोव स्कूल, प्रज्ञानस्थली, सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज के बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र सहभागी रहे।
सराहनीय कदम के लिए इन्हें मिला सम्मान
सहारनपुर। बेटियों के लिए शिक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए हरकिरत सिंह पुरिया, मंजू जैन, मीनू भट्टाचार्य, अलका कुमार, पूनम श्रीवास्तव, सीमा सिंह, बबीता मलिक, डॉ. रेखा कुमार, प्रिया, प्रीति सिंह, प्रिया, सुधीर जोशी, रचना गुप्ता, श्रेया सिंघल, सुरेंद्र चौहान समेत अन्य को अतिथियों ने सम्मानित किया।
आयोजन में विशेष सहयोगी माउंट लिटेरा स्कूल के चेयरमैन विपिन अग्रवाल, निदेशक नीरज गुप्ता, आयुष अग्रवाल, प्रिंसिपल टीडीएस भारद्वाज समेत अन्य ने सभी का आभार जताया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में सहयोगी होने का भरोसा दिलाया।