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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   If a fire breaks out, it will be difficult to save life and property.

धधक गई आग तो जानमाल बचाना होगा मुश्किल

Thu, 05 May 2022 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:30 PM IST
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If a fire breaks out, it will be difficult to save life and property.
कोर्ट रोड स्थित एक बैंक में कोने में पड़े अग्निशमन यंत्र - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। गर्मी बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में अमर उजाला अभियान चलाकर लोगों को सचेत कर रहा है, ताकि वो सजग रहे और कोई ऐसी लापरवाही न करें, जिससे आग लगने की घटना हो। शहर में सरकारी और निजी भवनों में आग से बचाव के उपकरणों की स्थिति देखी तो बदइंतजामी मिली। कहीं पर उपकरण ही नहीं लगे मिले तो कहीं पर जर्जर हालत में उपकरण मिले। अब यदि यहां आग धधक जाए तो जान माल बचाना ही मुश्किल होगा। सरकारी भवनों का हाल ज्यादा बुरा है, जबकि निजी भवनों में फिर भी काफी हद तक सुधार है।
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कलक्ट्रेट में नहीं मिले उपकरण
कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय, अपर जिलाधिकारी कार्यालय वित्त एवं राजस्व और प्रशासन के कार्यालयों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले, जबकि यहां पर लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में अग्निकांड हो जाए तो तुरंत आग पर काबू पाना मुश्किल होगा।
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विकास भवन में जर्जर मिले उपकरण
विकास भवन से विकास की सभी सरकारी योजनाएं संचालित होती हैं। यहां 24 विभागों के दफ्तर है। इन विभागों में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। विकास भवन तीन मंजिला है, लेकिन एक ही जगह निचले स्तर पर मुख्य द्वार के बाहर आग से बचाव का उपकरण लगा है। यहां पर नलकूप का बोरिंग पाइप लगा है, लेकिन वह भी जर्जर हालत में है।
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बैंकों में कहीं फांक रहे धूल, तो कहीं हो चुके एक्सपायर
कोर्ट रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अग्निशमन यंत्र लगे मिले, लेकिन वे अधिकांश धूल फांक रहे और कुछ की प्रयोग की तिथि भी खत्म हो चुकी है। इस बाबत कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि नियमित चेकिंग होती है, लेकिन फिर भी एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं बदले गए, इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं था। इसी तरह पीएनबी और निजी बैंकों की शाखाओं में अग्निशमन यंत्रों की ऐसी स्थिति मिली।
होटलों में मिले पर्याप्त इंतजाम, निजी भवनों की मार्केट में लापरवाही
इसके अलावा निजी भवनों में बनी मार्केट में अग्निशमन यंत्र लगे हुए नहीं मिले। हालांकि, सभी होटलों में पर्याप्त इंतजाम नजर आए। यहां पर सभी जगहों पर पानी की पाइप लाइन बिछी मिली और छोटे-बड़े सभी तरह अग्निशमन यंत्र भी लगे थे। इसके साथ ही अलग से बोरिंग भी करा रखा है।
दफन हो गए फायर हाइड्रेंट
एक समय जिले में लगभग 65 फायर हाइड्रेंट थे। इनमें से करीब 20 फायर हाइड्रेंट जमीन में दफन हो गए हैं। शहर में अंबाला रोड फायर स्टेशन और बेहट रोड फायर स्टेशन पर ही फायर हाइड्रेंट हैं। बाकी सड़कों के निर्माण और अन्य कारणों से जमीन में दब गए है। फायर हाइड्रेंट के ऊपर कहीं दुकानें तक बन गईं। जो बचे है, उनमें से कुछ में प्रेशर ही नहीं रह गया।
अग्निशमन यंत्रों की नियमित चेकिंग की जाती है, जिन जगहों पर लापरवाही मिलती है, उनके भवन स्वामियों को नोटिस भी भेजे जाते हैं। इसमें किसी तरह कोताही बर्दाश्त नहीं की जाती।

-तेजवीर सिंह, सीएफओ

कलेक्ट्रट में नही है फायर बुझाने के इंतजाम

कलेक्ट्रट में नही है फायर बुझाने के इंतजाम- फोटो : SAHARANPUR

विकास भवन में जंग खाता हाइड्रेंट

विकास भवन में जंग खाता हाइड्रेंट- फोटो : SAHARANPUR

विकास भवन में एक्सपायर अग्निशमन यंत्र

विकास भवन में एक्सपायर अग्निशमन यंत्र- फोटो : SAHARANPUR

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