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मैं जिंदा हूं, कोर्ट में दायर करूंगा मुकदमा
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डीएम और एसएसपी से शिकायत करने पहुंचा ईलचंद व अन्य।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। एक बुजुर्ग को मृत दिखाकर वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई। सूचना के अधिकार के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी से सूचना मांगने पर इसका खुलासा हुआ, जिसमें पता चला कि ग्राम पंचायत और खंड विकास अधिकारी भौतिक सत्यापन में बुजुर्ग मृत दिखाया। मामले में कार्रवाई के लिए बुजुर्ग अपने वकील के साथ उच्चाधिकारियों से मिला और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
तहसील बेहट व विकासखंड साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव कांसेपुर निवासी ईलमचंद अपने पुत्र देवी दयाल और वकील राजकुमार कांबोज के साथ मामले की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट और पुलिस लाइन पहुंचा। एडवोकेट राजकुमार ने बताया कि ईलमचंद को वृद्धा पेंशन मिल रही थी, लेकिन वर्ष 2019 के अंतिम महीनों पेंशन आना बंद हो गई। इसके संबंध में ईलमचंद और उनके पुत्र देवी दयाल ने सूचना के अधिकार के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी से जानकारी मांगी तो पता चला कि 2019-20 के भौतिक सत्यापन में ग्राम पंचायत अधिकारी व खंड विकास अधिकारी ने ईलमचंद के मृत होने की रिपोर्ट लगाई है, जिस कारण पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद दोबारा सूचना के अधिकार के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी से मृत्यु प्रमाण पत्र की छाया प्रति मांगी, जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर मृत्यु प्रमाणपत्र होना अनिवार्य नहीं है। इस मामले को लेकर ईलमचंद और उनके पुत्र देवी दयाल ने कोर्ट के माध्यम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
मामला उनके संज्ञान में है। ईलमचंद की पेंशन बहाल की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूछा जाएगा कि किस आधार पर ईलमचंद को मृत दर्शाया गया है।
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-आनंद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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तहसील बेहट व विकासखंड साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव कांसेपुर निवासी ईलमचंद अपने पुत्र देवी दयाल और वकील राजकुमार कांबोज के साथ मामले की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट और पुलिस लाइन पहुंचा। एडवोकेट राजकुमार ने बताया कि ईलमचंद को वृद्धा पेंशन मिल रही थी, लेकिन वर्ष 2019 के अंतिम महीनों पेंशन आना बंद हो गई। इसके संबंध में ईलमचंद और उनके पुत्र देवी दयाल ने सूचना के अधिकार के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी से जानकारी मांगी तो पता चला कि 2019-20 के भौतिक सत्यापन में ग्राम पंचायत अधिकारी व खंड विकास अधिकारी ने ईलमचंद के मृत होने की रिपोर्ट लगाई है, जिस कारण पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद दोबारा सूचना के अधिकार के तहत जिला समाज कल्याण अधिकारी से मृत्यु प्रमाण पत्र की छाया प्रति मांगी, जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर मृत्यु प्रमाणपत्र होना अनिवार्य नहीं है। इस मामले को लेकर ईलमचंद और उनके पुत्र देवी दयाल ने कोर्ट के माध्यम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
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मामला उनके संज्ञान में है। ईलमचंद की पेंशन बहाल की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूछा जाएगा कि किस आधार पर ईलमचंद को मृत दर्शाया गया है।
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-आनंद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी